कोरोना वायरस: हरियाणा में भी लॉकडाउन बढ़ाने की तैयारी, प्रधानमंत्री के आदेश का इंतजार
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हरियाणा के चार जिलों में तेजी से बढ़ते कोरोनाग्रस्त मरीजों के मामलों को देखते हुए सरकार ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल व नूंह को रेड जोन हॉटस्पॉट घोषित कर दिया है। कुल कोरोना ग्रस्त पॉजिटिव केसों में से इन 4 जिलों में अभी तक 128 मामले सामने आ चुके हैं। जिसे लेकर सरकार ने यह कदम उठाया है। शेष 18 जिलों को तीन जोनों में बांटा जाएगा।
मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल ने बताया कि हॉटस्पॉट वाले जिलों को रेड जोन में, जिन जिलों में कोरोना संक्रमित लोगों को आइसोलेट किया गया है, उन जिलों को ओरेंज जोन व जहां पर कोरोना के कोई भी मरीज नहीं मिले हैं, उन्हें ग्रीन जोन में रखा जाएगा।
हर जिला, ब्लाक, शहर, गांव स्तर पर सामाजिक दूरी की प्लानिंग एवं मॉनिटरिंग कमेटियां गठित की जाएंगी, जो औद्योगिक व अन्य आर्थिक गतिविधियां चालू करने के लिए प्रमाणपत्र जारी करेंगी और नियोक्ता को भी शपथपत्र देना होगा कि वह सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे।
सीएम ने वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिए एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीसरी बार राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना वायरस पर की गई चर्चा के दौरान राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अवधि को दो सप्ताह और बढ़ाने के संकेतों के अनुरूप हरियाणा में इसे चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश नोडल अधिकारियों को दिए हैं।
माल की आवाजाही पर कोई रोक-टोक नहीं
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान कच्चे माल और तैयार पक्के माल की आवाजाही की अनुमति दी जाएगी, परंतु लोगों की आवाजाही सीमित ही रहेगी। जिस क्षेत्र में लॉकडाउन के दौरान पास जारी किए जाएंगे। वहां पासधारक को कुछ सावधानियां बरतनी होंगी और अपने मुंह पर हमेशा मास्क लगाकर रखना होगा।
उन्होंने कहा कि मास्क को अब हमें अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे संकट के समय आवश्यक वस्तुओं की कालाबजारी को रोकने के लिए प्रशासन और जनता को स्वयं जागरूक होना होगा। यदि जनता को कालाबाजारी की जानकारी मिलती है तो वे प्रशासन के संज्ञान में लाएं।
बैंकों में बढ़ सकती है भीड़
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि में बैंक भी ऐसे स्थल हैं जहां पर लोगों की भीड़ एकत्रित होने की संभावना होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं के खाते में 500-500 रुपये तथा प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के 2000 रुपये की किस्त भी लाभार्थी किसानों के खाते में डाल दी गई है।
अब लोग बैंकों में राशि निकालने के लिए आएंगे, इसलिए बैंकर्स से अनुरोध किया गया है कि वे ऐसी व्यवस्था करें कि उपभोक्ताओं को एसएमएस तथा उनके टोकन की जानकारी बैंक में आने से पूर्व दी जाए ताकि वे बैंकों में कम से कम समय रहें और सामाजिक दूरी भी बनी रहे।
मुख्यमंत्री ने आरोग्य सेतु एप के बारे प्रदेश के लोगों को जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति अपने स्मार्टफोन पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर आस-पास के व्यक्तियों में इस बीमारी के यदि लक्षण हैं तो जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा, इसकी जानकारी स्वास्थ्य केंद्र को भी पहुंचेगी।
प्रवासी मजदूरों की मदद कटाई में ली जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की फसल पक कर तैयार हो गई, इसकी चिंता हम सबको है। सरकार ने किसानों की फसल को खरीदने की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि फसल की कटाई के लिए मनरेगा व राहत कैंपों में रह रहे लगभग 17 हजार प्रवासी मजदूरों को लगाया जा सके, इसके लिए प्रबंध किए जा रहे हैं।
मनरेगा के मजदूरों की अनुमति के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। अब बीडीपीओ को निर्देश दिए गए हैं कि अगर मनरेगा के मजदूर फसल कटाई का कार्य करते हैं तो उनकी दिहाड़ी समय पर दी जाए।
दो महीने तक फसल स्टॉक करनी पड़ सकती है
सीएम ने कहा कि किसानों को फसल कटाई के लिए स्वयं भी अपने परिवार के साथ पहल करनी होगी। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा, भले ही इसमें थोड़ा विलंब हो जाए, इसलिए किसानों को भी एक-दो महीने अपनी फसल को स्टॉक करने का मन बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि फसल ऋणों की वापसी किसान बाद में करें, इसके लिए राज्य सरकार की ओर से फसल ऋणों पर दी जाने वाली 4 प्रतिशत की ब्याज दर में छूट देने का निर्णय लिया गया है।