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बड़े उद्योगों पर बोझ बढ़ाकर मझले उद्योगों को राहत देने की तैयारी

Thu, 22 Jul 2021 02:09 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 02:09 AM IST
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Preparation to give relief to medium industries by increasing the burden on big industries
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य के मझले उद्योगों के बिजली बिलों में बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है। हालांकि इस कटौती से खजाने पर पड़ने वाले असर की भरपाई बड़े उद्योगों के बिजली बिलों में बढ़ोतरी करके की जाएगी।
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इस संबंध में वित्त विभाग ने पीएसपीसीएल से कहा है कि मझले उद्योगों के बिजली बिल 40 फीसदी कम (फेवर ऑफ आन फिक्स्ड चार्ज) किए जाएं और बड़े उद्योगों की इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी 2 फीसदी बढ़ाने के लिए पूरा विवरण तैयार करके वित्त विभाग को भेजा जाए। इसके बाद उक्त फैसले पर राज्य कैबिनेट की अंतिम मुहर लगवाई जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि सरकार इस विचार पर चल रही है कि कोरोना महामारी के कारण लागू की गई पाबंदियों के कारण पिछले साल ही के व्यापार लगभग ठप होकर रह गए थे और इससे उद्योगों की आर्थिक हालत बहुत बिगड़ी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में इस समय 9000 बड़े उद्योग स्थापित हैं, जिन्हें प्रदेश सरकारी की तरफ से करीब 1600 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। मझले उद्योगों की संख्या राज्य में 31492 है, जिन्हें 165.51 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा छोटे उद्योगों की संख्या 98479 है। हालांकि इन उद्योगों को बिजली बिलों में कोई छूट नहीं दी जा रही। वैसे सरकार द्वारा इन उद्योगों को 162.41 करोड़ रुपये सब्सिडी दी जा रही है।
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गौरतलब है कि बिजली विभाग ने एक प्रस्ताव भेजकर वित्त विभाग से कहा है कि अगर मझले उद्योगों के बिजली बिलों में 40 फीसदी की कटौती की जाएगी तो इससे सरकारी खजाने पर 103 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। इसे देखते हुए बड़े उद्योग, जिन पर सरकार औद्योगिक सब्सिडी का एक बड़ा हिस्सा खर्च कर रही है, उनकी इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी 2 फीसदी बढ़ाकर 134 करोड़ रुपये प्राप्त किए जा सकते हैं। इस तरह मझले उद्योगों को 40 फीसदी राहत देने से सरकार पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। इस प्रस्ताव पर अब वित्त विभाग ने बिजली विभाग से कहा है कि वह मझले और बड़े उद्योगों के बिजली बिलों का पूरा जमा-घटाव लगाकर कुल रकम का प्रस्ताव तैयार करे ताकि उसे मंत्रिमंडल की बैठक में पेश किया जा सके।
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