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जहरीली गैस: कृषि विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट में हुई केमिकल की पुष्टि

Wed, 03 Nov 2021 01:51 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 03 Nov 2021 01:51 AM IST
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Poisonous gas: Chemical confirmed in the investigation report of agricultural experts
पंचकूला/बरवाला। बरवाला ब्लॉक में जहरीली गैस से बर्बाद हुई फसल और सब्जियों की जांच रिपोर्ट जिला कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने तैयार कर ली है। इतना ही नहीं कृषि विशेषज्ञों ने अपनी जांच रिपोर्ट विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सुरेंद्र यादव को भी सौंप दी है। कृषि विभाग के तीन विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने अभी तक जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया है इसका खुलासा नहीं किया है। लेकिन, विभाग से जानकारी मिली है कि जांच में केमिकल की पुष्टि हुई है। इसके अलावा सरसों की फसल में धौलिया कीड़ा, आरा मक्खी और पालक में धब्बा रोग लगने की पुष्टि हुई है। लेकिन, सबसे ज्यादा फसल और सब्जियों को नुकसान पंजाब सीमा में स्थित केमिकल प्लांट द्वारा छोड़ी जाने वाली गैस से हुआ है।
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कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने निरीक्षण करने के बाद अंदेशा जताया है कि वह पहली बार देख रहे हैं कि जिस तरह फसलों को नुकसान हुआ है। इसके पीछे कुछ और ही कारण है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि फसलों के नष्ट होने के पीछे का मुख्य कारण क्या है। विभागीय अधिकारी इस समस्या पर लगातार मंथन कर रहे हैं और किसानों को कैसे छुटकारा मिल सकता है इसका उपाय ढूंढने में लगे हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सरसों की फसल को केमिकल के साथ धौलिया कीड़ा और आरा मक्खी ने भी नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा पालक की फसल को धब्बा भी लगा है। जबकि, जिन सब्जियों के पत्ते पीले पड़ गए हैं उन्हें केमिकल द्वारा नुकसान होने का अंदेशा है।
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कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने बताया कि फसलों के बर्बाद होने के पीछे प्रदूषित वातावरण भी है। इसकी जांच करने के लिए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों को भी पत्र लिखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के लिए उन्होंने बरवाला ब्लॉक के गांवों में खराब हुई फसलों की फोटो खींचने के साथ सैंपल लिए थे। टीम के सदस्यों ने गाजर, मूली, सरसों, आलू और गोभी के सैंपल भरे थे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि वह इसकी जांच रिपोर्ट तैयार जल्द तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजेंगे। ब्यूरो/संवाद
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कृषि विशेषज्ञों की टीम में शामिल हैं तीन अधिकारी
कृषि विशेषज्ञों की टीम में हॉर्टिकल्चर के डॉक्टर अशोक कौशिक, बागवानी के डॉक्टर रविंद्र चौहान, डॉक्टर राम निवास शर्मा शामिल हैं। इस टीम ने शुक्रवार को गांव सुंदरपुर और कामी में जांच की थी। अधिकारियों ने पीड़ित किसानों से पहले समस्या को गंभीरता से सुना। इसके बाद अधिकारियों की टीम ने किसानों के साथ खेत में पहुंचकर खराब फसलों का निरीक्षण किया था। गांव सुंदरपुर के किसान हरप्रीत, बलजिंदर उर्फ बॉबी, नरेश कुमार, जसवीर सिंह, निर्मल सिंह, सरदारा सिंह, कामी के सरपंच विजेंद्र शर्मा, किसान भूषण कुमार, ठाकुरदास, शियानंद, योगेश्वर शर्मा ने अधिकारियों को बताया था कि एक सप्ताह के अंदर क्षेत्र के करीब 25 गांवों की 35 हजार आबादी जहरीली गैस से प्रभावित है, जिससे उनकी कई करोड़ रुपये की सरसों, तोड़िया व पत्तेदार सब्जियां गोभी, पालक, धनिया, मूली, शलजम की फसल नष्ट हो गई है। जिससे वह काफी परेशान हैं।

किसान बोले : जहरीली गैस से कब मिलेगा छुटकारा
जहरीली गैस से प्रभावित पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र के साथ लगते गांव कामी, सुंदरपुर, सुल्तानपुर, बरवाला, नग्गल, जलौली, बतौड़, रिहौड़, भगवानपुर, भरैली, बीड़ फिरौड़ी, मौजा, बीड़ बाबूपुर, सगराना, मट्टावाली के किसानों का कहना है कि उन्हें इस जहरीली गैस की समस्या से छुटकारा कब मिलेगा। अभी तक इस मामले में कृषि विभाग के अलावा अन्य कोई आगे नहीं आया है। गांव कामी के किसान बचन सिंह, सरदारा सिंह, लाभ सिंह, श्याम लाल, रजिंदर कुमार, सरपंच विजेंद्र शर्मा, योगेश्वर शर्मा, सियाराम, ठाकुरदास, भूषण शर्मा, बॉबी, प्रीतम सिंह, गुरनाम सिंह, धर्मवीर, कुलदीप, सुंदर सिंह, हरप्रीत सिंह फसल को लेकर काफी चिंतित हैं।
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