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Panchkula News: परिजनों को ढांढस बंधाने शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह के आवास पर लगा लोगों का तांता

Fri, 15 Sep 2023 01:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Sep 2023 01:46 AM IST
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People gathered at the residence of martyr Colonel Manpreet Singh to console his family
माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आंतकियों से मुठभेड़ में शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह के सेक्टर-26 आवास पर वीरवार को गमगीन माहौल था। सुबह से ही प्रशासनिक, सेना, शिक्षा, रिश्तेदारों और आस-पड़ोस के लोग शहीद के परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे थे। कर्नल मनप्रीत सिंह के शहादत से अनजान सात साल का बेटा कबीर वीरवार सुबह भी रोजाना की तरह स्कूल गया। शहीद की पत्नी जगमीत कौर और परिजनों ने उसको तैयार कर स्कूल भेजा। वहीं, शहीद की पत्नी जगमीत कौर को उनके पिता जगदेव सिंह ग्रेवाल ने बेटे कर्नल मनप्रीत सिंह के शहीद होने की खबर दी। सूचना मिलने पर चंडीमंदिर से सेना के आलाधिकारियों और उनके परिवारों का दिनभर आना-जाना लगा रहा। शहीद कर्नल की पत्नी जगमीत कौर को ढांढस बंधाने जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक सहित अन्य अधिकारी भी पहुंचे।

15 दिन पहले कश्मीर से घूमकर आया था परिवार
शहीद की पत्नी जगमीत कौर के भाई राहुल ग्रेवाल ने बताया कि 15 दिन पहले सभी लोग कश्मीर घूमकर आए थे। शहीद की पत्नी, बेटे और परिवार के अन्य सदस्य वहां गए थे। उन्होंने बताया कि शहीद मनप्रीत की पोस्टिंग चंडीमंदिर कैंट एरिया में होनी थी। मनप्रीत को सुबह 6.45 बजे जगमीत ने बुधवार सुबह फोन किया था। उन्होंने किसी मिशन में होने की बात कही और बाद में बात करने के लिए कहा। इसके बाद कोई बात नहीं हुई।
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पार्थिव शरीर आज पहुंचेगा
कर्नल के पिता जगदेव सिंह वीरवार सुबह पार्थिव शरीर लेने जम्मू जा रहे थे। सेना ने कहा कि इस तरह शव लेकर जाने में समय अधिक लगेगा। अब उनका पार्थिव शरीर आज पहुंच सकता है। पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर लाया जाएगा। कर्नल मनप्रीत का परिवार पिछली तीन पीढ़ियों से सेना में शामिल होकर देश की सेवा करता आ रहा रहा है। दादा शीतल सिंह ने भारत-पाक बंटवारे से लेकर तीनों युद्ध लड़े। उनके पांच बेटों में से तीन आर्मी में गए। उन्होंने बताया कि वे अक्तूबर में छुट्टी आने वाले थे। अपनी बुक्स को बाइंड करवाकर रखने को कहा था। उन्हें अगली प्रमोशन के लिए टेस्ट देना था।
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