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संस्कृत से सुधरेगी समाज की संस्कृति: सैनी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2016 01:17 AM IST
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संस्कृत से सुधरेगी समाज की संस्कृति: सैनी
- फोटो : अमर उजाला
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देश को आवश्यकता है सभ्य, संस्कारवान, चरित्रवान और देशभक्त समाज की। ऐसे समाज के निर्माण में संस्कृत भाषा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह कहना है हरियाणा के श्रम और रोजगार मंत्री नायब सिंह सैनी का। मंगलवार को हरियाणा संस्कृत अकादमी के ओर से आयोजित संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर वह लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संस्कृत कवि, लेखक और साहित्यकार ऐसे साहित्य का निर्माण करें जिसका अनुशरण करते हुए समाज अपनी संस्कृति और संस्कारों को अपनाकर देश के नवनिर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
इससे पहले उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए पंजाब विश्वविद्यालय के प्रो. यूजीसी एमिरेटस डॉ. वेदप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि समारोह के माध्यम से राज्य में संस्कृत पढ़ने वालों के उत्साह में वृद्धि होगी। इस मौके पर उन्होंने संस्कृत के विकास और संवर्धन के साथ समाज के निर्माण में संस्कृत भाषा की आवश्यकता पर व्याख्यान पेश किया। हरियाणा संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. सोमेश्वर दत्त ने अकादमी की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अकादमी के माध्यम से सरकार द्वारा हरियाणा में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।
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इस मौके पर डॉ. वीरेंद्र कुमार अलंकार, डॉ. कामदेव झा, डॉ. मथुरादत्त पांडे, डॉ. जगदीश प्रसाद, डॉ. शंकर जी झा, डॉ. हरि प्रकाश शर्मा ने मुख्य वक्ताओं के रूप में अपने सुझाव रखे। समारोह में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष वरिंदर चौहान, कंवर ओ.पी. सिंह के साथ संस्कृत अकादमी के समस्त कर्मचारी, कॉलेजों के प्रतिनिधि संस्कृत अध्यापक मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि संस्कृत कवि, लेखक और साहित्यकार ऐसे साहित्य का निर्माण करें जिसका अनुशरण करते हुए समाज अपनी संस्कृति और संस्कारों को अपनाकर देश के नवनिर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
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इससे पहले उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए पंजाब विश्वविद्यालय के प्रो. यूजीसी एमिरेटस डॉ. वेदप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि समारोह के माध्यम से राज्य में संस्कृत पढ़ने वालों के उत्साह में वृद्धि होगी। इस मौके पर उन्होंने संस्कृत के विकास और संवर्धन के साथ समाज के निर्माण में संस्कृत भाषा की आवश्यकता पर व्याख्यान पेश किया। हरियाणा संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. सोमेश्वर दत्त ने अकादमी की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अकादमी के माध्यम से सरकार द्वारा हरियाणा में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।
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इस मौके पर डॉ. वीरेंद्र कुमार अलंकार, डॉ. कामदेव झा, डॉ. मथुरादत्त पांडे, डॉ. जगदीश प्रसाद, डॉ. शंकर जी झा, डॉ. हरि प्रकाश शर्मा ने मुख्य वक्ताओं के रूप में अपने सुझाव रखे। समारोह में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष वरिंदर चौहान, कंवर ओ.पी. सिंह के साथ संस्कृत अकादमी के समस्त कर्मचारी, कॉलेजों के प्रतिनिधि संस्कृत अध्यापक मौजूद रहे।