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Panchkula News: ऑपरेशन ब्लू स्टार पीड़ितों को 42 साल बाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत, मालमंडी में पुरानी दर पर जगह

Mon, 07 Sep 2026 08:59 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 08:59 PM IST
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Operation Blue Star victims get major relief from High Court after 42 years; land in Malamandi at old rates.
1988 के तय 1000 रुपये प्रतिगज के आधार पर होगा आवंटन; बढ़े हुए रेट पर पंजाब सरकार को फटकार
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान अमृतसर में दुकानें और कारोबार उजड़ने के 42 साल बाद 133 पीड़ितों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने पंजाब सरकार को मालमंडी में वैकल्पिक जगह देने का निर्देश दिया है। यह आवंटन 1988 में गलियारा परियोजना के तहत तय 1000 रुपये प्रति गज के आधार पर होगा।
हाईकोर्ट ने जमीन के बढ़ाए गए दर को लेकर पंजाब सरकार पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि ये लोग करीब 42 वर्षों से विस्थापन का दंश झेल रहे हैं। सरकार को इनके मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए था। अदालत ने पुराने तय दर के आधार पर ही वैकल्पिक जगह देने के निर्देश जारी किए। यह फैसला उन 133 परिवारों के लिए बड़ी राहत है। वे वर्ष 1984 की घटनाओं के बाद से अपने पुनर्वास के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। अब अमृतसर की मालमंडी में वैकल्पिक जगह मिलने की उम्मीद जगी है। 42 वर्षों से लंबित इस विवाद में यह आदेश महत्वपूर्ण है।
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सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप :

पीड़ितों के मुताबिक, मामला लंबे समय तक अलग-अलग स्तरों पर चला। वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने 10 हजार रुपये प्रति गज पर राशि जमा करवाने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मामला वापस हाईकोर्ट भेजा था। जनवरी 2020 में 14,450 रुपये प्रति गज के हिसाब से आवंटन का फैसला हुआ। जुलाई 2022 में पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने जमीन का दर बढ़ाकर 38,400 रुपये प्रति गज कर दिया।
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बढ़ी हुई दर पर रोक :

बढ़ी हुई दर से 133 पीड़ितों के सामने दोबारा बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई। उन्होंने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर इस बढ़े हुए दर को कम करने की मांग की। अधिवक्ता सौरव खुराना ने दलील दी कि बढ़ते जमीन के दर का बोझ न्यायसंगत नहीं है। अदालत ने मामले के तथ्यों पर विचार करते हुए पीड़ितों की मांग स्वीकार कर ली। हाईकोर्ट ने 38,400 रुपये के दर पर रोक लगाकर पुराने निर्धारित दर पर जगह देने का आदेश दिया।
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