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Panchkula News: पंजाब में एक हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण होगा
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चंडीगढ़। पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण के लिए मान सरकार ने शुरुआत कर दी है। पहले चरण में एक हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण का सरकार ने टेंडर जारी कर दिया है। ये सड़कें फरीदकोट, शहीद भगत सिंह नगर, पठानकोट और बरनाला जिलों में पड़ेंगी।
वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इन ग्रामीण सड़कों के निर्माण में इस बार क्लॉज में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब ठेकेदार को इन सड़कों के निर्माण के बाद पांच साल तक रख-रखाव का भी जिम्मा उठाना पड़ेगा। सड़कों के निर्माण के बाद अगले पांच साल तक ठेकेदार इनका रख-रखाव कर रहा है या नहीं, इसको थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा। अगर ऑडिट में सड़कों के रख-रखाव को लेकर ठेकेदार की ओर से खामियां पाई जाती हैं तो उसका लाइसेंस रद्द कर फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
चीमा ने बताया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के पहले चरण में फरीदकोट, शहीद भगत सिंह नगर, पठानकोट और बरनाला जिलों की ग्रामीण सड़कों को चुना गया है। इन सड़कों को 10 मीटर चौड़ाई में तैयार किया जाएगा, ताकि बेहतर संपर्क स्थापित करते हुए राज्य भर में आवागमन को सुधारा जा सके। पहले ठेकेदार बनी सड़कों पर केवल एक वर्ष की वारंटी के लिए जिम्मेदार होते थे, लेकिन अब पांच साल तक सड़कों के रख-रखाव और देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी।
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18,944 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें होंगी अपग्रेड
वित्तमंत्री ने बताया कि विधानसभा के बजट सत्र में बीते 27 मार्च को मान सरकार ने राज्य की सभी जर्जर ग्रामीण लिंक सड़कों को दोबारा बनाने का वादा किया था। रिकॉर्ड 18,944 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण या अपग्रेड किया जाएगा, जो पंजाब के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। बेहतर ग्रामीण सड़कें न केवल आसान यात्रा सुनिश्चित करेंगी, बल्कि कृषि उपज के विपणन को तेज करेंगी और पंजाब की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरेंगी। पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा ग्रामीण लिंक सड़कों के निर्माण और उन्नयन के लिए 2,873 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह महत्वपूर्ण निवेश राज्य के बुनियादी ढांचे को सुधारने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इन ग्रामीण सड़कों के निर्माण में इस बार क्लॉज में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब ठेकेदार को इन सड़कों के निर्माण के बाद पांच साल तक रख-रखाव का भी जिम्मा उठाना पड़ेगा। सड़कों के निर्माण के बाद अगले पांच साल तक ठेकेदार इनका रख-रखाव कर रहा है या नहीं, इसको थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा। अगर ऑडिट में सड़कों के रख-रखाव को लेकर ठेकेदार की ओर से खामियां पाई जाती हैं तो उसका लाइसेंस रद्द कर फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
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चीमा ने बताया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के पहले चरण में फरीदकोट, शहीद भगत सिंह नगर, पठानकोट और बरनाला जिलों की ग्रामीण सड़कों को चुना गया है। इन सड़कों को 10 मीटर चौड़ाई में तैयार किया जाएगा, ताकि बेहतर संपर्क स्थापित करते हुए राज्य भर में आवागमन को सुधारा जा सके। पहले ठेकेदार बनी सड़कों पर केवल एक वर्ष की वारंटी के लिए जिम्मेदार होते थे, लेकिन अब पांच साल तक सड़कों के रख-रखाव और देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी।
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18,944 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें होंगी अपग्रेड
वित्तमंत्री ने बताया कि विधानसभा के बजट सत्र में बीते 27 मार्च को मान सरकार ने राज्य की सभी जर्जर ग्रामीण लिंक सड़कों को दोबारा बनाने का वादा किया था। रिकॉर्ड 18,944 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण या अपग्रेड किया जाएगा, जो पंजाब के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। बेहतर ग्रामीण सड़कें न केवल आसान यात्रा सुनिश्चित करेंगी, बल्कि कृषि उपज के विपणन को तेज करेंगी और पंजाब की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरेंगी। पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा ग्रामीण लिंक सड़कों के निर्माण और उन्नयन के लिए 2,873 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह महत्वपूर्ण निवेश राज्य के बुनियादी ढांचे को सुधारने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।