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नंबर बढ़ाने का मामला : स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने नागर-अश्वनी से 1.5 करोड़ बरामद किए
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पंचकूला। हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो को हरियाणा लोक सेवा आयोग के उपसचिव नागर और सहयोगी अश्विनी शर्मा से रिमांड के दौरान 1.50 करोड़ रुपये की और बरामदगी हुई है। अभी तक इस मामले में 3.60 करोड़ की बरामदगी हो चुकी है। जानकारी के अनुसार विजिलेंस की तरफ से 17 नवंबर 2021 को सॉफ्टवेयर कंपनी के मालिक जसबीर सिंह और नवीन के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद छापा मारा गया था। जिला भिवानी निवासी नवीन कुमार को 20 लाख रुपये की नकद राशि लेते रंगे हाथों पकड़ा था। उसे 18 नवंबर को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया।
इसके बाद नवीन से पूछताछ और प्राप्त अन्य सबूतों के आधार पर झज्जर निवासी अश्विनी शर्मा को गिरफ्तार किया। उसके घर की तलाशी के दौरान 1.07 करोड़ 97 हजार रुपये की नकद राशि जब्त की है। उसने कबूल किया कि यह पैसा अनिल नागर को भुगतान किया जाना था। विजिलेंस की हिरासत में रहकर अश्विनी ने अनिल नागर एचसीएस से संपर्क किया। इसके बाद अश्विनी और नागर ने एचपीएससी में अपने कार्यालय में पैसे सौंपने के लिए बुलाया। आगे की जांच के बाद ब्यूरो ने अनिल नागर को अश्विनी शर्मा से उनके कार्यालय में एक करोड़ रुपये से अधिक राशि रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। अनिल नागर के कब्जे से रिश्वत की राशि बरामद की गई। नागर की गिरफ्तारी के बाद उनके आवास के साथ-साथ उनके एक सहयोगी के आवास पर भी तलाशी ली गई।
2 करोड़ 10 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की गई। इसके अलावा अनिल नागर एचसीएस के घर की तलाशी के दौरान 12 लाख रुपये नकद, 50 लाख रुपये की एक लैंड डीड, लैपटॉप और डिजिटल मीडिया जब्त किया गया है। मामले में ब्यूरो ने अनिल नागर को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर छापेमारी की, तो 1 करोड़ 20 लाख रुपये की और राशि बरामद की गई है। इस मामले में अब तक कुल 3 करोड़ 60 लाख रुपये की नकद राशि बरामद हो चुकी है। आपराधिक साजिश के अधिक विवरण का पता लगाने और सभी दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए मामले में आगे की जांच जारी है।
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इसके बाद नवीन से पूछताछ और प्राप्त अन्य सबूतों के आधार पर झज्जर निवासी अश्विनी शर्मा को गिरफ्तार किया। उसके घर की तलाशी के दौरान 1.07 करोड़ 97 हजार रुपये की नकद राशि जब्त की है। उसने कबूल किया कि यह पैसा अनिल नागर को भुगतान किया जाना था। विजिलेंस की हिरासत में रहकर अश्विनी ने अनिल नागर एचसीएस से संपर्क किया। इसके बाद अश्विनी और नागर ने एचपीएससी में अपने कार्यालय में पैसे सौंपने के लिए बुलाया। आगे की जांच के बाद ब्यूरो ने अनिल नागर को अश्विनी शर्मा से उनके कार्यालय में एक करोड़ रुपये से अधिक राशि रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। अनिल नागर के कब्जे से रिश्वत की राशि बरामद की गई। नागर की गिरफ्तारी के बाद उनके आवास के साथ-साथ उनके एक सहयोगी के आवास पर भी तलाशी ली गई।
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2 करोड़ 10 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की गई। इसके अलावा अनिल नागर एचसीएस के घर की तलाशी के दौरान 12 लाख रुपये नकद, 50 लाख रुपये की एक लैंड डीड, लैपटॉप और डिजिटल मीडिया जब्त किया गया है। मामले में ब्यूरो ने अनिल नागर को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर छापेमारी की, तो 1 करोड़ 20 लाख रुपये की और राशि बरामद की गई है। इस मामले में अब तक कुल 3 करोड़ 60 लाख रुपये की नकद राशि बरामद हो चुकी है। आपराधिक साजिश के अधिक विवरण का पता लगाने और सभी दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए मामले में आगे की जांच जारी है।
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