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अच्छी खबर : अब हरियाणा में बनेगी बर्ड फ्लू की वैक्सीन, हिसार की कंपनी ने शुरू किया शोध
Mon, 18 Jan 2021 01:50 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अरविंद बाजपेयी, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
अरविंद बाजपेयी, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jan 2021 01:50 AM IST
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हरियाणा में बनेगी बर्ड फ्लू की वैक्सीन।
- फोटो : social media
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बर्ड फ्लू से जूझ रहे हरियाणा के पोल्ट्री फार्म संचालकों के लिए अच्छी खबर है। हरियाणा में पहली बार बर्ड फ्लू की वैक्सीन तैयार की जाएगी। हिसार की एक कंपनी इंडोवेक्स ने इस पर शोध शुरू कर दिया है। जल्द ही कंपनी इस वैक्सीन का उत्पादन हिसार में शुरू कर देगी।
वर्तमान में मुर्गियों और पक्षियों को बर्ड फ्लू से बचाने के लिए हरियाणा में गुजरात से वैक्सीन मंगवाई जा रही है। पोल्ट्री फार्म संचालक मुर्गियों को बचाने के लिए वर्तमान में इसी वैक्सीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। हिसार में इंडोवेक्स कंपनी की वैक्सीन बनने के लिए बाद प्रदेश में इसी का इस्तेमाल किया जाएगा।
बर्ड फ्लू से अब तक हरियाणा के पंचकूला में पांच लाख से ज्यादा मुर्गियों की मौत हो चुकी है। पचास हजार से ज्यादा मुर्गियों को मारा गया है। ऐसी स्थिति में बर्ड फ्लू की वैक्सीन पोल्ट्री फार्म संचालकों को काफी राहत दे रही है। फूड एंड ड्रग विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वैक्सीन के लिए गुजरात की एक कंपनी से संपर्क साधा गया था। इसके बाद वहां से वैक्सीन आनी शुरू हो चुकी है।
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विभाग के अनुसार वैक्सीन सिर्फ स्वस्थ पक्षी या मुर्गी को ही लगनी है। जो पक्षी फ्लू की चपेट में आ चुका है, उसको वैक्सीन नहीं दी जानी है क्योंकि उस पर इसका असर नहीं होना है। एक पक्षी को एक इंजेक्शन लगाना होता है।
गुजरात की हेस्टर कंपनी बनाती है वैक्सीन
वर्तमान में वैक्सीन बनाने का काम गुजरात की हेस्टर कंपनी करती है। हालांकि बीच में बर्ड फ्लू नहीं था तो इसकी जरूरत नहीं थी। अब बीमारी शुरू हो गई है तो कंपनी को वैक्सीन के ऑर्डर दिए गए। कंपनी को उत्पादन में तेजी लाने के लिए कहा गया है। इस वैक्सीन का स्टाक पंचकूला में है। फिलहाल वैक्सीन की मात्रा सीमित है। ऐसे में सभी पोल्ट्री फार्म संचालकों को एक साथ वैक्सीन देना संभव नहीं है। अभी जितनी जरूरत है, उतना उत्पादन नहीं है। जैसे ही कंपनी द्वारा बनाने और आपूर्ति का काम गति पकड़ेगा, सभी के लिए वैक्सीन उपलब्ध होगी।
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वर्तमान में मुर्गियों और पक्षियों को बर्ड फ्लू से बचाने के लिए हरियाणा में गुजरात से वैक्सीन मंगवाई जा रही है। पोल्ट्री फार्म संचालक मुर्गियों को बचाने के लिए वर्तमान में इसी वैक्सीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। हिसार में इंडोवेक्स कंपनी की वैक्सीन बनने के लिए बाद प्रदेश में इसी का इस्तेमाल किया जाएगा।
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बर्ड फ्लू से अब तक हरियाणा के पंचकूला में पांच लाख से ज्यादा मुर्गियों की मौत हो चुकी है। पचास हजार से ज्यादा मुर्गियों को मारा गया है। ऐसी स्थिति में बर्ड फ्लू की वैक्सीन पोल्ट्री फार्म संचालकों को काफी राहत दे रही है। फूड एंड ड्रग विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वैक्सीन के लिए गुजरात की एक कंपनी से संपर्क साधा गया था। इसके बाद वहां से वैक्सीन आनी शुरू हो चुकी है।
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विभाग के अनुसार वैक्सीन सिर्फ स्वस्थ पक्षी या मुर्गी को ही लगनी है। जो पक्षी फ्लू की चपेट में आ चुका है, उसको वैक्सीन नहीं दी जानी है क्योंकि उस पर इसका असर नहीं होना है। एक पक्षी को एक इंजेक्शन लगाना होता है।
गुजरात की हेस्टर कंपनी बनाती है वैक्सीन
वर्तमान में वैक्सीन बनाने का काम गुजरात की हेस्टर कंपनी करती है। हालांकि बीच में बर्ड फ्लू नहीं था तो इसकी जरूरत नहीं थी। अब बीमारी शुरू हो गई है तो कंपनी को वैक्सीन के ऑर्डर दिए गए। कंपनी को उत्पादन में तेजी लाने के लिए कहा गया है। इस वैक्सीन का स्टाक पंचकूला में है। फिलहाल वैक्सीन की मात्रा सीमित है। ऐसे में सभी पोल्ट्री फार्म संचालकों को एक साथ वैक्सीन देना संभव नहीं है। अभी जितनी जरूरत है, उतना उत्पादन नहीं है। जैसे ही कंपनी द्वारा बनाने और आपूर्ति का काम गति पकड़ेगा, सभी के लिए वैक्सीन उपलब्ध होगी।
फ्लू के अलावा अन्य कारणों से भी मर रही हैं मुर्गियां
डॉक्टरों के अनुसार बर्ड फ्लू के अलावा मुर्गियों की मौत के कई अन्य कारण भी हैं। सामान्यत ठंड के चलते भी कई बार मुर्गियों की मौत हो जाती है। इसके अलावा ठंड में मुर्गियां एक दूसरे से सटकर रहती हैं, तो कई बार दम घुटने के चलते भी उनकी मौत हो जाती है। एक अन्य कारण यह भी है कि कई बार कुपोषण भी मौत का कारण बन जाता है।फिलहाल पंचकूला के अलावा प्रदेश के किसी अन्य जिले में बर्ड फ्लू नहीं है। संबंधित विभाग की टीमें निरंतर पोल्ट्री फार्मों का दौरा कर रही हैं। हालांकि कई जगह कौओं और अन्य पक्षियों के मृत पाए जाने की जानकारी जरूर सामने आ रही है। पंचकूला में संक्रमित मुर्गियों को मारे जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
अब तक हरियाणा में बर्ड फ्लू की वैक्सीन नहीं थी। अब इंडोवेक्स कंपनी इस पर शोध कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही हरियाणा में इसका उत्पादन होगा। फिलहाल दवाई के लिए गुजरात की कंपनी पर निर्भर हैं। वहां से दवाई आनी शुरू हो गई है। चूंकि इससे पहले फ्लू नहीं था तो दवाई की जरूरत नहीं थी। -नरेंद्र आहूजा, स्टेट ड्रग कंट्रोलर ऑफ फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन