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एक साल से मेडिकल स्टोर पर बेची जा रहा थी प्रतिबंधित दवाईयां, सील
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चंडीगढ़। डड्डूमाजरा मार्केट स्थित जगत मेडिकल स्टोर पर पिछले एक साल से प्रतिबंधित दवाइयां बेची जा रही थीं। इसकी जानकारी मलोया थाना प्रभारी को हुई तो फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर उन्होंने दुकान में छापा मारा। छापेमारी में टीम को दुकान से कई नशीली व प्रतिबंधित दवाइयां बरामद हुईं, जिनका रिकार्ड भी मेंटेन नहीं था। इसके बाद मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया। हैरानी की बात है कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस किसी और के नाम से है जबकि संचालन कोई और रहा था।
सूत्रों के अनुसार, मलोया थाना एसएचओ हरिंद्र सिंह सेखों को गुप्त सूचना मिली कि डड्डमाजरा मार्केट स्थित शॉप नंबर (2) जगत मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाइयों को बेची रही हैं। सूचना के आधार पर एसएचओ ने टीम का गठन कर इसकी सूचना एफडीए (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) को दी। इसके बाद एफडीए और पुलिस टीम की ज्वाइंट ऑपरेशन में दुकान में छापेमारी की गई। दुकान के सभी दवाइयों को खंगाला गया। इस दौरान टीम को प्रतिबंधित कैप्सूल और सिरप की बोतलें बरामद हुईं। इसके बाद टीम ने दुकान को सील कर लाइसेंस जब्त कर लिया।
लाइसेंस किसी और के नाम
टीम की जांच में सामने आया कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निर्मल सिंह नामक एक व्यक्ति के नाम पर है जबकि स्टोर मनीष कुमार चला रहा था। वहीं अब प्रतिबंधित दवाइयां बरामद होने पर स्टोर का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई तेजी से शुरू कर दी गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है, जांच पूरी होने के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी।
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मुजफ्फरपुर से आती है दवाइयां
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि मेडिकल स्टोर पर आने वाली प्रतिबंधित दवाइयां यूपी के मुजफ्फरपुर से करीब 25 रुपये में खरीदकर उसे आगे 350 से 400 रुपये में बेचा जाता था। पुलिस अब एरिया के आसपास स्थित अन्य मेडिकल स्टोर पर भी कार्रवाई कर सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल कि आखिरकार एक साल से चल रहे गोरखधंधे में पुलिस ने पहले कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया। प्रतिबंधित दवाइयां बिकने से ज्यादातर युवा नशे में लिप्त हो रहे हैं।
इससे पहले भी प्रतिबंधित दवाइयां हो चुकी हैं बरामद
बता दें कि अप्रैल वर्ष 2019 में सेक्टर-34 थाना पुलिस ने सेक्टर-33 स्थित सतनाम मेडिकोज के संचालक की कार से प्रतिबंधित दवाइयां बरामद किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया गया था।
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सूत्रों के अनुसार, मलोया थाना एसएचओ हरिंद्र सिंह सेखों को गुप्त सूचना मिली कि डड्डमाजरा मार्केट स्थित शॉप नंबर (2) जगत मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाइयों को बेची रही हैं। सूचना के आधार पर एसएचओ ने टीम का गठन कर इसकी सूचना एफडीए (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) को दी। इसके बाद एफडीए और पुलिस टीम की ज्वाइंट ऑपरेशन में दुकान में छापेमारी की गई। दुकान के सभी दवाइयों को खंगाला गया। इस दौरान टीम को प्रतिबंधित कैप्सूल और सिरप की बोतलें बरामद हुईं। इसके बाद टीम ने दुकान को सील कर लाइसेंस जब्त कर लिया।
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लाइसेंस किसी और के नाम
टीम की जांच में सामने आया कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निर्मल सिंह नामक एक व्यक्ति के नाम पर है जबकि स्टोर मनीष कुमार चला रहा था। वहीं अब प्रतिबंधित दवाइयां बरामद होने पर स्टोर का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई तेजी से शुरू कर दी गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है, जांच पूरी होने के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी।
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मुजफ्फरपुर से आती है दवाइयां
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि मेडिकल स्टोर पर आने वाली प्रतिबंधित दवाइयां यूपी के मुजफ्फरपुर से करीब 25 रुपये में खरीदकर उसे आगे 350 से 400 रुपये में बेचा जाता था। पुलिस अब एरिया के आसपास स्थित अन्य मेडिकल स्टोर पर भी कार्रवाई कर सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल कि आखिरकार एक साल से चल रहे गोरखधंधे में पुलिस ने पहले कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया। प्रतिबंधित दवाइयां बिकने से ज्यादातर युवा नशे में लिप्त हो रहे हैं।
इससे पहले भी प्रतिबंधित दवाइयां हो चुकी हैं बरामद
बता दें कि अप्रैल वर्ष 2019 में सेक्टर-34 थाना पुलिस ने सेक्टर-33 स्थित सतनाम मेडिकोज के संचालक की कार से प्रतिबंधित दवाइयां बरामद किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया गया था।