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जिंदगी सिर्फ मोबाइल स्क्रीन में नहीं, असली जिंदगी किताबों और मैदानों में है: पुलिस कमिश्नर
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पंचकूला। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर पंचकूला पुलिस ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत के साथ-साथ सुरक्षित और नशामुक्त भारत का संदेश लेकर छात्रों के बीच पहुंचकर एक अनूठी पहल की। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक ही दिन में 17 स्कूलों का दौरा किया गया, जहां पुलिस अधिकारियों ने हजारों छात्रों से संवाद किया।
पुलिस कमिश्नर व हरियाणा साइबर आईजी शिवास कविराज ने बताया कि यह अभियान हरियाणा सरकार और डीजीपी ओपी सिंह के विजन, युवाओं को नशे और इंटरनेट की चकाचौंध से बचाकर सशक्त भारत की नींव बनाना को साकार करने की दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि जिंदगी सिर्फ मोबाइल स्क्रीन में नहीं है असली जिंदगी किताबों के पन्नों में है। उन्होंने छात्रों से ‘नशा और हिंसा मुक्त मेरा गांव, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान से जुडऩे की अपील की, जिसके तहत पुलिस न केवल नशा तस्करों पर कार्रवाई कर रही है बल्कि नशा पीडि़तों का उपचार और पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है। दिनभर चले इस अभियान के दौरान छात्रों ने नुक्कड़ नाटक, गीत, कविताएं और भाषणों के माध्यम से नशे और सोशल मीडिया की अंधी दौड़ के खिलाफ आवाज उठाई। इसी क्रम में डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने सेक्टर-12 स्थित साई की पाठशाला का दौरा किया, जहां बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। डीसीपी ने बच्चों से मुलाकात कर कविताएं सुनीं और यातायात नियमों पर उनकी प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने बच्चों से कहा, पुलिस आपकी भैया-दीदी और दोस्त है, डरना नहीं हम हमेशा आपके साथ हैं। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बच्चों को चॉकलेट और भोजन वितरित कर उन्हें प्रोत्साहित किया और कहा कि यदि किसी को नशा तस्करी या गुंडागर्दी की जानकारी मिले तो 112 नंबर पर सूचना दें।
पुलिस कमिश्नर व हरियाणा साइबर आईजी शिवास कविराज ने बताया कि यह अभियान हरियाणा सरकार और डीजीपी ओपी सिंह के विजन, युवाओं को नशे और इंटरनेट की चकाचौंध से बचाकर सशक्त भारत की नींव बनाना को साकार करने की दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि जिंदगी सिर्फ मोबाइल स्क्रीन में नहीं है असली जिंदगी किताबों के पन्नों में है। उन्होंने छात्रों से ‘नशा और हिंसा मुक्त मेरा गांव, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान से जुडऩे की अपील की, जिसके तहत पुलिस न केवल नशा तस्करों पर कार्रवाई कर रही है बल्कि नशा पीडि़तों का उपचार और पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है। दिनभर चले इस अभियान के दौरान छात्रों ने नुक्कड़ नाटक, गीत, कविताएं और भाषणों के माध्यम से नशे और सोशल मीडिया की अंधी दौड़ के खिलाफ आवाज उठाई। इसी क्रम में डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने सेक्टर-12 स्थित साई की पाठशाला का दौरा किया, जहां बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। डीसीपी ने बच्चों से मुलाकात कर कविताएं सुनीं और यातायात नियमों पर उनकी प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने बच्चों से कहा, पुलिस आपकी भैया-दीदी और दोस्त है, डरना नहीं हम हमेशा आपके साथ हैं। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बच्चों को चॉकलेट और भोजन वितरित कर उन्हें प्रोत्साहित किया और कहा कि यदि किसी को नशा तस्करी या गुंडागर्दी की जानकारी मिले तो 112 नंबर पर सूचना दें।
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