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कालका- शिमला रेल ट्रेक पर मलबा गिरने से रेल मार्ग हुआ बाधित
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कालका-शिमला रेल ट्रैक पर सनवारा और धर्मपुर के बीच ट्रैक पर गिरा हुआ मलबा।
- फोटो : PKL OFFICE
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कालका। कालका-शिमला रेल ट्रैक पर शुक्रवार को भारी बारिश के कारण भूस्खलन से मलबा गिरने की वजह से करीब तीन घंटे तक रेल मार्ग बाधित रहा। धर्मपुर-सनवारा के बीच में रेलवे ट्रैक पर भारी मात्रा में मलबा गिरने के कारण ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ। सूचना मिलने के बाद रेलवे विभाग के कर्मचारी ट्रैक से मलबा हटाने के लिए मौके पहुंचे और कार्य में जुट गए।
मानसून में कालका-शिमला रेल मार्ग पर बार-बार मलबा गिर रहा है, जिसके चलते यह मार्ग बाधित हो रहा है। ट्रेनों में आने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले ही कालका के नजदीक भारी मात्रा में मलबा आने के कारण कई ट्रेनों को रद्द किया गया था।
कालका रेलवे स्टेशन से बताया गया कि ट्रैक पर मलबा गिरने के कारण 12:10 बजे वाली हिमालयन क्वीन ट्रेन को कालका से ही रद्द कर दिया गया। उधर, शिमला के लिए रवाना हुई अपमिक्स ट्रेन को साइट के समीप तीन घंटे रुकना पड़ा, जबकि पैसेंजर को सनवारा स्टेशन से रद्द कर उसके यात्रियों को रिफंड करवा दिया गया।
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जरा संभल कर पहाड़ों से बरस रही है आफत
मोरनी। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से पहाड़ों से भारी मात्रा में पत्थरों का गिरना शुरू हो गया है। दर्जनों स्थानों पर बडे़-बडे़ पत्थर सड़कों पर गिरे पडे़ हैं। ऐसे में मोरनी पहुंचने वाले लोगों को जरा संभलकर चलने की जरूरत है। उनकी थोड़ी सी लापरवाही किसी बडे़ हादसे का कारण बन सकती है। वीरवार रात से लगातार हुई बारिश में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला है। मोरनी से पंचकूला, रायपुररानी, टिक्कर ताल के अलावा लोकल मार्गों के सैकड़ों मोड़ों पर पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा गिर रहा है। हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लापरवाही हादसे को न्यौता दे सकती है।
गौरतलब है कि इलाके में अधिकतर उन पहाड़ों से मलबा गिरना जारी है जिन पहाड़ों को हाल फिलहाल लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों ने पत्थर निकालने के लिए कुरेदा था। इससे पहाड़ों की सुंदरता को तो ग्रहण लगा ही साथ ही बरसात के मौसम में वाहन चालकों के साथ हादसों की संभावनाओं को भी बढ़ा दिया है। यह जांच का विषय भी है।
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मानसून में कालका-शिमला रेल मार्ग पर बार-बार मलबा गिर रहा है, जिसके चलते यह मार्ग बाधित हो रहा है। ट्रेनों में आने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले ही कालका के नजदीक भारी मात्रा में मलबा आने के कारण कई ट्रेनों को रद्द किया गया था।
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कालका रेलवे स्टेशन से बताया गया कि ट्रैक पर मलबा गिरने के कारण 12:10 बजे वाली हिमालयन क्वीन ट्रेन को कालका से ही रद्द कर दिया गया। उधर, शिमला के लिए रवाना हुई अपमिक्स ट्रेन को साइट के समीप तीन घंटे रुकना पड़ा, जबकि पैसेंजर को सनवारा स्टेशन से रद्द कर उसके यात्रियों को रिफंड करवा दिया गया।
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जरा संभल कर पहाड़ों से बरस रही है आफत
मोरनी। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से पहाड़ों से भारी मात्रा में पत्थरों का गिरना शुरू हो गया है। दर्जनों स्थानों पर बडे़-बडे़ पत्थर सड़कों पर गिरे पडे़ हैं। ऐसे में मोरनी पहुंचने वाले लोगों को जरा संभलकर चलने की जरूरत है। उनकी थोड़ी सी लापरवाही किसी बडे़ हादसे का कारण बन सकती है। वीरवार रात से लगातार हुई बारिश में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला है। मोरनी से पंचकूला, रायपुररानी, टिक्कर ताल के अलावा लोकल मार्गों के सैकड़ों मोड़ों पर पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा गिर रहा है। हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लापरवाही हादसे को न्यौता दे सकती है।
गौरतलब है कि इलाके में अधिकतर उन पहाड़ों से मलबा गिरना जारी है जिन पहाड़ों को हाल फिलहाल लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों ने पत्थर निकालने के लिए कुरेदा था। इससे पहाड़ों की सुंदरता को तो ग्रहण लगा ही साथ ही बरसात के मौसम में वाहन चालकों के साथ हादसों की संभावनाओं को भी बढ़ा दिया है। यह जांच का विषय भी है।