फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   It is difficult to set up industry in Punjab, 357 out of 1076 got permission to set up factory: Badish

पंजाब में उद्योग लगाना मुश्किल, 1076 में 357 को मिली फैक्ट्री की अनुमति : बदीश

Mon, 26 May 2025 01:01 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 01:01 AM IST
विज्ञापन
It is difficult to set up industry in Punjab, 357 out of 1076 got permission to set up factory: Badish
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

लुधियाना। वर्ल्ड एमएसएमई फोरम का मानना है कि पंजाब में उद्योग लगाना मुश्किल है। सरकार के पास उद्योग लगाने के लिए 1076 आवेदन में सिर्फ 357 उद्योगों को फैक्ट्री बनाने की अनुमति मिली है। फोरम के प्रधान बदीश जिंदल ने कहा कि पंजाब सरकार अक्सर यह घोषणा करती रहती है कि पंजाब में उद्योग लगाना बहुत आसान है और कोई भी व्यक्ति सिंगल विंडो से उद्योग लगा सकता है, लेकिन यह घोषणा सच्चाई से कोसों दूर हैं। जिस प्रकार के आंकड़े सामने आए हैं उससे स्पष्ट है कि पंजाब में उद्योग लगाना मुश्किल है।

इसकी सत्यता फैक्ट्री विभाग के आंकड़ों में मिलती है। फैक्ट्री विभाग वह विभाग है, जिसे पंजाब सरकार ने बिल्डिंग प्लान की मंजूरी लेने के लिए पूरी तरह से अधिकृत किया है। अपनी जिम्मेदारी को कम करने के लिए इस विभाग ने आदेश जारी किया है कि जो भी आवेदक बिल्डिंग प्लान को मंजूरी लेना चाहता है, उसे विभाग द्वारा अधिकृत आर्किटेक्ट से नक्शा तैयार करवाना होगा। ये आर्किटेक्ट ही आवेदक के आवेदन को सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ फैक्ट्री विभाग में जमा करवाएंगे। स्थिति यह है कि 2024-25 में उद्योगों द्वारा इन स्वीकृत आर्किटेक्ट्स के माध्यम से बिल्डिंग प्लान स्वीकृत करवाने के लिए भेजे गए 1076 आवेदनों में से 357 आवेदन स्वीकृत हुए। 332 आवेदन अस्वीकृत हुए। 387 आवेदन अभी भी विभाग की मंजूरी के लिए चक्कर काट रहे हैं। इसमें से सभी आवेदकों ने स्वीकृत आर्किटेक्ट्स को भारी भरकम भुगतान किया। उन्हें कारखाना विभाग के प्रोफॉर्मा के अनुसार आवेदन प्रस्तुत करना था। किसी भी उद्योग को स्थापित करने के लिए निवेशक को 10 विभागों से मंजूरी लेनी पड़ती है। पंजाब में यदि उद्योगों को पनपाना है तो पंजाब सरकार को उद्योगों को विभागों के इस चक्रव्यूह से बाहर निकालना होगा, अन्यथा पंजाब में लगने वाले नए उद्योगों की संख्या में कमी आ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed