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'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का फायदा, 5 सालों में हरियाणा में 871 से 923 तक पहुंचा लिंगानुपात

Sat, 11 Jan 2020 12:50 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 11 Jan 2020 12:50 PM IST
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Increase in gender ratio in Haryana in last five years, beti bchao bet pdhao
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
हरियाणा ने मात्र 5 वर्षों में लिंगानुपात 871 से 923 तक पुहंचा दिया है। प्रदेश सरकार इसे उल्लेखनीय उपलब्धि मान रही है। हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के शुभारंभ के समय वर्ष 2015 में प्रदेश में जन्म के समय लिंगानुपात 871 था, यानि एक हजार लड़कों पर 871 लड़कियां, जो वर्ष 2019 में बढ़कर एक हजार लड़कों पर 923 लड़कियां हो गया है। लिंगानुपात में 52 अंकों की वृद्धि हुई है।
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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि इस अभियान में हरियाणा ने केंद्र सरकार के निर्धारित वार्षिक लक्ष्य से अधिक वृद्धि दर्ज की है। हरियाणा लिंगानुपात के मामले में 1000 पुरुषों पर 950 महिलाओं के बैंचमार्क को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। वर्ष 2019 के दौरान प्रदेश में कुल 5,18,725 जन्म पंजीकृत किए गए, जिनमें 2,48,950 बालिकाएं और 2,69,775 बालक शामिल हैं।
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ऐसे जिले जहां दशकों से लिंगानुपात 900 से कम रहा है, में भी अब लिंगानुपात 920 से अधिक हो गया है। पंचकूला और अंबाला ने लिंगानुपात में 950 से अधिक ( 963 और 959) का आंकड़ा प्राप्त किया है। यह आदर्श लिंगानुपात है। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध चलाए गए अभियान के माध्यम से पिछले 5 वर्षों के दौरान हरियाणा में लगभग 25,000 लड़कियों को बचाया जा सका है। जन्म के समय लिंगानुपात में यह सुधार नारनौल से पंचकूला तक सभी जिलों में देखा गया है। यह किसी विशेष बेल्ट या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा है।
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राजस्थान के सीमावर्ती जिला महेंद्रगढ़ में जहां लिंगानुपात आमतौर पर 800 से नीचे रहा है और वर्ष 2014 में 745 था, में भी लिंगानुपात वर्ष 2019 में 917 तक पहुंच गया है जोकि 172 अंकों की वृद्धि दर्शाता है। इस प्रकार अकेले जिला महेंद्रगढ़ में 2,500 से अधिक लड़कियों को इस अभियान के तहत बचाया गया। गुप्ता ने बताया कि पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत 200 से अधिक अभियोजन मामले अपराधियों के खिलाफ विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध लड़ाई को भविष्य में भी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को न बख्शने के निर्देश दिए हैं।


जिला अनुसार ये है लिंगानुपात
सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के अनुसार दिसंबर 2019 तक हरियाणा राज्य में जन्म के समय लिंगानुपात 1,000 पुरुषों पर 923 रहा। जिला पंचकूला में लिंगानुपात 963, अंबाला में 959, पानीपत में 939, जींद में 938, यमुनानगर में 936, हिसार में 932, पलवल में 930, कुरुक्षेत्र में 929, फतेहाबाद में 922, नूंह में 921, फरीदाबाद में 921, सिरसा में 920, कैथल में 919, रेवाड़ी में 919, महेंद्रगढ़ में 917, झज्जर में 914, सोनीपत में 911, रोहतक में 911, गुरुग्राम में 910, करनाल में 908 और भिवानी में 894 रहा है।
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