सैलजा बोलीं- किसानों पर दर्ज केस वापस लें, हुड्डा और सुरजेवाला भी सरकार पर बरसे
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के उस बयान पर हैरानी जताई है जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा था इस आंदोलन में हरियाणा के किसान शामिल नहीं है। हुड्डा ने कहा है कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा के किसान कई महीने से आंदोलनरत हैं। वो बार-बार सरकार से इन कानूनों को वापस लेने या एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का कानून बनाने की गुहार लगा चुके हैं।
मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि क्या वो आंदोलनकारी किसानों को हरियाणा वासी नहीं मानते। अगर हरियाणा के किसान आंदोलन का हिस्सा नहीं है तो पिपली में सरकार ने किन लोगों पर लाठीचार्ज करवाया था, वो कौन लोग हैं, जिन्हें हरियाणा पुलिस ने दिल्ली कूच से पहले हिरासत में लिया था। वो हजारों किसान कहां के रहने वाले हैं, जिन पर हरियाणा सरकार ने मुकदमे दर्ज किए हैं।
हुड्डा ने कहा कि इतने बड़े आंदोलन के प्रति मुख्यमंत्री की ऐसी अनदेखी हैरान और अन्नदाता का अपमान करने वाली है। सरकार को पता होना चाहिए कि इस आंदोलन में हरियाणा और पंजाब के किसान कंधे से कंधा मिलाकर एक साथ खड़े हैं। यूपी, राजस्थान और अन्य राज्यों के किसानों का भी उन्हें समर्थन मिल रहा है। एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर हम किसानों की मांगों का पूर्ण समर्थन करते हैं।
जब तक किसानों ये लड़ाई जीत नहीं जाते, हम किसानों की मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं। सरकार की तरफ से आंदोलन को कुचलने के लिए जो रवैया अपनाया गया, वह पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। क्योंकि, लोकतंत्र में हर नागरिक और हर वर्ग को अपनी जायज मांगों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। अब तक किसानों का पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है लेकिन पूरे आंदोलन में हरियाणा सरकार की भूमिका नकारात्मक रही है।
किसानों पर दर्ज एफआईआर तुरंत वापस लें: सैलजा
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने भाजपा-जजपा सरकार से हरियाणा में लगभग 12 हजार किसानों पर दर्ज एफआईआर तुरंत वापस लेने और गिरफ्तार किसानों को तुरंत रिहा करने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि कानूनों को लेकर मन की बात में कही बातों को खोखला करार दिया है।
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किसानों से बातचीत के लिए रखी शर्त से साफ प्रतीत होता है कि केंद्र की नीयत में खोट है। केंद्र व राज्य सरकार किसानों को कुचलने पर तुली है। अन्नदाता अपने हक के लिए कृषि कानूनों के खिलाफ संघर्षरत हैं। उन पर एफआईआर दर्ज करना किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उनसे अपराधियों जैसा बर्ताव किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मेहनतकश किसान देश की रीढ़ है, कोई अपराधी नहीं हैं। सैलजा ने प्रधानमंत्री पर मन की बात में किसानों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हुए कहा कि वह देश को बताएं कि कृषि विधेयक पास करने से पहले किसानों से सलाह क्यों नहीं ली गई। न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी कृषि कानून में क्यों नहीं है। किसानों पर लगातार अत्याचार क्यों किया जा रहा है। किसानों से बातचीत के लिए शर्त क्यों लगाई जा रही है।
सुरजेवाला ने मन की बात पर पीएम को घेरा
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मन की बात में नए कृषि कानूनों को लेकर कही बातों पर पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा है। उन्होंने कहा कि खेती हड़पने वाले कानूनों को सही बता पीएम किसानों के साथ अन्याय कर रहे हैं। खेती विरोधी कानूनों ने भाजपा सरकार के मुखौटे को उतार दिया है। केंद्र सरकार का मूल मंत्र किसानों का शोषण, पूंजीपतियों का पोषण, किसानों का दमन, पूंजीपतियों को नमन है।
सुरजेवाला ने कहा कि ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने देवी अन्नपूर्णा की बात की। क्या देवी अन्नपूर्णा दिल्ली के चारों ओर लाखों की संख्या में बैठे किसानों की दुर्दशा देख खुश होंगी या दुखी। क्या पीएम ने इस बारे में भी सोचा। उन्होंने आंदोलनरत किसानों का अपमान करते हुए कृषि कानूनों को सही बता दिया।