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Panchkula News: पंजाब में गैंगस्टर कल्चर और खुलेआम हत्याओं पर हाईकोर्ट सख्त, डीजीपी तलब
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चंडीगढ़। पंजाब में बढ़ते गैंगस्टर कल्चर, अपराध के महिमा मंडन और टारगेट किलिंग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर ऐसी परिस्थितियों में अदालत जवाब तलब नहीं करेगी तो फिर कौन करेगा। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर पंजाब के डीजीपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई जैसे गैंगस्टरों के इंटरव्यू से अपराध को ग्लोरिफाई किया गया था। पहले भी सरकार को इस पर लगाम लगाने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद सोहाना में कबड्डी खिलाड़ी और प्रमोटर राणा बलाचौरिया की सरेआम हत्या कर दी गई। कोर्ट ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए।
सरकार ने बताया कि कबड्डी मैच के दौरान करीब 900 से 1000 लोग मौजूद थे और शाम 5 बजकर 55 मिनट पर यह हत्या हुई। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या वहां सीसीटीवी कैमरे लगे थे और सुरक्षा के लिए कितने पुलिसकर्मी तैनात थे। सरकार ने बताया कि मौके पर 10 हथियारबंद पुलिसकर्मी मौजूद थे। कोर्ट ने कहा कि यह बेहद संगीन मामला है कि केवल दो शूटर हजार लोगों की भीड़ में खुलेआम गोलियां चलाकर फरार हो गए।
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मामले की जांच से जुड़े एसपी इन्वेस्टिगेशन, मोहाली सौरव जिंदल भी कोर्ट में मौजूद थे। हाईकोर्ट ने उनसे पूछा कि महज दो लोग हत्या कर भागने में कैसे कामयाब हो गए। सरकार ने बताया कि आयोजकों ने अपनी ओर से 40 निजी सुरक्षा कर्मी लगाए थे। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि क्या वहां कोई डीएसपी बतौर चीफ गेस्ट मौजूद थे और जब इतने बड़े स्तर पर कार्यक्रम होता है तो सरकारी स्तर पर क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल होना चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था का बुरा हाल है और केवल हलफनामा दाखिल कर सरकार ऐसे हालात से बच नहीं सकती। अभी तक सभी शूटर गिरफ्तार क्यों नहीं किए गए। हाईकोर्ट की सहायता कर रहीं एडवोकेट तनु बेदी ने कहा कि जब तक गैंगस्टरों और पुलिस के कथित नेक्सस को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी।
गैंगस्टर पंजाब में सक्रिय क्यों, हरियाणा के हालात बेहतर
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि पंजाब में गैंगस्टर इतने सक्रिय क्यों हैं जबकि हरियाणा में इस तरह की खबरें अपेक्षाकृत कम सामने आती हैं। कोर्ट ने कहा कि हजार लोगों की मौजूदगी में कबड्डी प्रमोटर और टीम आयोजक राणा बलाचौरिया की हत्या हो जाना गंभीर विफलता को दर्शाता है।
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कोर्ट ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई जैसे गैंगस्टरों के इंटरव्यू से अपराध को ग्लोरिफाई किया गया था। पहले भी सरकार को इस पर लगाम लगाने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद सोहाना में कबड्डी खिलाड़ी और प्रमोटर राणा बलाचौरिया की सरेआम हत्या कर दी गई। कोर्ट ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए।
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सरकार ने बताया कि कबड्डी मैच के दौरान करीब 900 से 1000 लोग मौजूद थे और शाम 5 बजकर 55 मिनट पर यह हत्या हुई। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या वहां सीसीटीवी कैमरे लगे थे और सुरक्षा के लिए कितने पुलिसकर्मी तैनात थे। सरकार ने बताया कि मौके पर 10 हथियारबंद पुलिसकर्मी मौजूद थे। कोर्ट ने कहा कि यह बेहद संगीन मामला है कि केवल दो शूटर हजार लोगों की भीड़ में खुलेआम गोलियां चलाकर फरार हो गए।
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मामले की जांच से जुड़े एसपी इन्वेस्टिगेशन, मोहाली सौरव जिंदल भी कोर्ट में मौजूद थे। हाईकोर्ट ने उनसे पूछा कि महज दो लोग हत्या कर भागने में कैसे कामयाब हो गए। सरकार ने बताया कि आयोजकों ने अपनी ओर से 40 निजी सुरक्षा कर्मी लगाए थे। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि क्या वहां कोई डीएसपी बतौर चीफ गेस्ट मौजूद थे और जब इतने बड़े स्तर पर कार्यक्रम होता है तो सरकारी स्तर पर क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल होना चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था का बुरा हाल है और केवल हलफनामा दाखिल कर सरकार ऐसे हालात से बच नहीं सकती। अभी तक सभी शूटर गिरफ्तार क्यों नहीं किए गए। हाईकोर्ट की सहायता कर रहीं एडवोकेट तनु बेदी ने कहा कि जब तक गैंगस्टरों और पुलिस के कथित नेक्सस को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी।
गैंगस्टर पंजाब में सक्रिय क्यों, हरियाणा के हालात बेहतर
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि पंजाब में गैंगस्टर इतने सक्रिय क्यों हैं जबकि हरियाणा में इस तरह की खबरें अपेक्षाकृत कम सामने आती हैं। कोर्ट ने कहा कि हजार लोगों की मौजूदगी में कबड्डी प्रमोटर और टीम आयोजक राणा बलाचौरिया की हत्या हो जाना गंभीर विफलता को दर्शाता है।