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भजपा शासनकाल में दूसरी बार बदले राज्यपाल नहीं पूरा हुआ पांच साल का कार्यकाल
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चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय हरियाणा के नए राज्यपाल होंगे। जबकि यहां के मौजूदा राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को त्रिपुरा भेज दिया गया है। वर्तमान भाजपा सरकार में आर्य हरियाणा के दूसरे राज्यपाल हैं जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। आर्य को अगस्त, 2018 में हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। 3 साल के कार्यकाल के बाद ही सरकार ने उन्हें त्रिपुरा भेज दिया गया है। इससे पहले तत्कालीन राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को भी उनकी शेष बची अवधि के लिए त्रिपुरा राजभवन भेजा गया था।
दत्तात्रेय मूल रूप से आंध्र प्रदेश के निवासी हैं। वे 4 बार संयुक्त आंध्र प्रदेश की सिकंदराबाद लोकसभा सीट से सांसद रहे हैं। आरएसएस के प्रचारक के तौर पर कार्य कर चुके दत्तात्रेय 3 वर्षों के लिए पहली मोदी सरकार में श्रम और रोजगार मंत्रालय में राज्यमंत्री भी रहे। सितंबर 2019 में उन्हें हिमाचल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि ने बताया कि वैसे तो भारत के संविधान के मुताबिक राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है, लेकिन इससे पूर्व भी उन्हें पद से हटाया जा सकता है। इसी प्रकार राज्यपाल को 5 वर्षों के कार्यकाल से पूर्व किसी दूसरे प्रदेश में तबादला कर वहां राज्यपाल के तौर पर नियुक्त किया जा सकता है। ऐसी परिस्थिति में राज्यपाल का दूसरे राज्य में कार्यकाल 5 वर्षो में से शेष बची अवधि के लिए होता है। जैसे दत्तात्रेय को सितंबर, 2019 में हिमाचल का राज्यपाल नियुक्त किया गया। इस प्रकार उनका कार्यकाल सितंबर, 2024 तक होगा अर्थात वह हरियाणा में पूरे 5 वर्ष नहीं अपितु अगले करीब 3 वर्षों तक राज्यपाल रहेंगे।
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दत्तात्रेय मूल रूप से आंध्र प्रदेश के निवासी हैं। वे 4 बार संयुक्त आंध्र प्रदेश की सिकंदराबाद लोकसभा सीट से सांसद रहे हैं। आरएसएस के प्रचारक के तौर पर कार्य कर चुके दत्तात्रेय 3 वर्षों के लिए पहली मोदी सरकार में श्रम और रोजगार मंत्रालय में राज्यमंत्री भी रहे। सितंबर 2019 में उन्हें हिमाचल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
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इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि ने बताया कि वैसे तो भारत के संविधान के मुताबिक राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है, लेकिन इससे पूर्व भी उन्हें पद से हटाया जा सकता है। इसी प्रकार राज्यपाल को 5 वर्षों के कार्यकाल से पूर्व किसी दूसरे प्रदेश में तबादला कर वहां राज्यपाल के तौर पर नियुक्त किया जा सकता है। ऐसी परिस्थिति में राज्यपाल का दूसरे राज्य में कार्यकाल 5 वर्षो में से शेष बची अवधि के लिए होता है। जैसे दत्तात्रेय को सितंबर, 2019 में हिमाचल का राज्यपाल नियुक्त किया गया। इस प्रकार उनका कार्यकाल सितंबर, 2024 तक होगा अर्थात वह हरियाणा में पूरे 5 वर्ष नहीं अपितु अगले करीब 3 वर्षों तक राज्यपाल रहेंगे।
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