{"_id":"6962b3093962d15c7c0f862e","slug":"finance-minister-asks-centre-for-special-package-for-punjab-panchkula-news-c-16-1-knl1001-920141-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: वित्तमंत्री ने केंद्र से पंजाब के लिए मांगा विशेष पैकेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: वित्तमंत्री ने केंद्र से पंजाब के लिए मांगा विशेष पैकेज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। पंजाब ने केंद्र सरकार ने आगामी आम बजट में विशेष पैकेज की मांग की है। वर्ष 2025 के दौरान भारत-पाकिस्तान सीमा पर उत्पन्न तनावपूर्ण परिस्थितियों व भीषण बाढ़ से राज्य को हुई भारी क्षति का हवाला देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार से तत्काल वित्तीय सहायता और एक विशेष आर्थिक पैकेज प्रदान करने की मांग की है।
नई दिल्ली में शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ प्री बजट बैठक के दौरान सूबे के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अपना मांगपत्र सौंपा। वित्त मंत्री ने बताया कि बाढ़ से 2,300 से अधिक गांव और 20,000 परिवार गंभीर रूप से प्रभावित हुए तथा प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 12,905 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस बड़े पैमाने पर पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए उन्होंने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी ) के एक प्रतिशत के बराबर एकमुश्त अतिरिक्त उधारी सीमा की अनुमति मांगी।
मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गतिविधियों को देखते हुए पुलिस बल के आधुनिकीकरण, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को सुदृढ़ करने व सीमा पार खतरों और नशीले पदार्थों की तस्करी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उन्नत एंटी-ड्रोन तकनीक के लिए 1,000 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता की मांग की।
विज्ञापन
चीमा ने जून 2025 तक के कुल 7,757 करोड़ रुपये के बकाया आरडीएफ फंड को तुरंत जारी करने की अपील की। उन्होंने बैठक में धान विविधीकरण के लिए विशेष बजट आवंटन का प्रस्ताव रखा व किसानों में व्यावहारिक परिवर्तन लाने के लिए मौजूदा प्रोत्साहन को अपर्याप्त बताते हुए इसे 15,000 रुपये प्रति एकड़ तक बढ़ाने की मांग की।
जीएसटी घाटे से कराया अवगत
वित्त मंत्री ने जीएसटी 2.0 सुधारों के बाद पंजाब को हुए भारी राजस्व नुकसान की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि राज्य को लगभग 6,000 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व घाटा हो रहा है जो राज्य की अपनी कर राजस्व प्राप्तियों का लगभग 44 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2025–26 के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रारंभ में स्वीकृत 452.78 करोड़ की राशि को घटाकर 252 करोड़ रुपये कर दिया गया है
मांगा बीबीएम के जलाशयों का नियंत्रण
- वर्षा ऋतु के दौरान बीबीएमबी जलाशयों के संचालन का नियंत्रण पंजाब को सौंपा जाए।
- रणजीत सागर डैम (297 करोड़) और शाहपुरकंडी डैम (665 करोड़) के लिए जम्मू-कश्मीर से बकाया राशि जारी की जाए।
- जल जीवन मिशन के लिए 443 करोड़ रुपये की बकाया केंद्रीय हिस्सेदारी जारी की जाए।
- एसडीआरएफ के बकाया पर ब्याज देनदारी से छूट व संचित निधियों के उपयोग की अनुमति दी जाए।
- सहकारी फसल ऋणों पर ब्याज सहायता 1.5 से बढ़ाकर 3 प्रतिशत की जाए।
- ग्रामीण सहकारी बैंकों को रियायती दरों पर न्यूनतम 40 प्रतिशत तक पुनर्वित्त सुविधा प्रदान की जाए।
- पीएमकेएसवाई के अंतर्गत सतलुज नदी आधारित सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1,053 करोड़ की बजट सहायता।
- मनरेगा का मूल मांग-आधारित फंडिंग मॉडल बहाल किया जाए।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का नकद आवंटन पुनः 452.78 करोड़ रुपये किया जाए (वर्तमान में 252 करोड़)।
- कोयले की ढुलाई पर 20 प्रतिशत रेलवे फ्रेट रियायत बहाल की जाए।
- टैरिफ कम करने के लिए निजी थर्मल प्लांटों (तलवंडी और नाभा) को पच्छवाड़ा केंद्रीय खान से कोयले के उपयोग की अनुमति।
विज्ञापन
नई दिल्ली में शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ प्री बजट बैठक के दौरान सूबे के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अपना मांगपत्र सौंपा। वित्त मंत्री ने बताया कि बाढ़ से 2,300 से अधिक गांव और 20,000 परिवार गंभीर रूप से प्रभावित हुए तथा प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 12,905 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस बड़े पैमाने पर पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए उन्होंने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी ) के एक प्रतिशत के बराबर एकमुश्त अतिरिक्त उधारी सीमा की अनुमति मांगी।
विज्ञापन
मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गतिविधियों को देखते हुए पुलिस बल के आधुनिकीकरण, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को सुदृढ़ करने व सीमा पार खतरों और नशीले पदार्थों की तस्करी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उन्नत एंटी-ड्रोन तकनीक के लिए 1,000 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता की मांग की।
विज्ञापन
चीमा ने जून 2025 तक के कुल 7,757 करोड़ रुपये के बकाया आरडीएफ फंड को तुरंत जारी करने की अपील की। उन्होंने बैठक में धान विविधीकरण के लिए विशेष बजट आवंटन का प्रस्ताव रखा व किसानों में व्यावहारिक परिवर्तन लाने के लिए मौजूदा प्रोत्साहन को अपर्याप्त बताते हुए इसे 15,000 रुपये प्रति एकड़ तक बढ़ाने की मांग की।
जीएसटी घाटे से कराया अवगत
वित्त मंत्री ने जीएसटी 2.0 सुधारों के बाद पंजाब को हुए भारी राजस्व नुकसान की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि राज्य को लगभग 6,000 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व घाटा हो रहा है जो राज्य की अपनी कर राजस्व प्राप्तियों का लगभग 44 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2025–26 के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रारंभ में स्वीकृत 452.78 करोड़ की राशि को घटाकर 252 करोड़ रुपये कर दिया गया है
मांगा बीबीएम के जलाशयों का नियंत्रण
- वर्षा ऋतु के दौरान बीबीएमबी जलाशयों के संचालन का नियंत्रण पंजाब को सौंपा जाए।
- रणजीत सागर डैम (297 करोड़) और शाहपुरकंडी डैम (665 करोड़) के लिए जम्मू-कश्मीर से बकाया राशि जारी की जाए।
- जल जीवन मिशन के लिए 443 करोड़ रुपये की बकाया केंद्रीय हिस्सेदारी जारी की जाए।
- एसडीआरएफ के बकाया पर ब्याज देनदारी से छूट व संचित निधियों के उपयोग की अनुमति दी जाए।
- सहकारी फसल ऋणों पर ब्याज सहायता 1.5 से बढ़ाकर 3 प्रतिशत की जाए।
- ग्रामीण सहकारी बैंकों को रियायती दरों पर न्यूनतम 40 प्रतिशत तक पुनर्वित्त सुविधा प्रदान की जाए।
- पीएमकेएसवाई के अंतर्गत सतलुज नदी आधारित सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1,053 करोड़ की बजट सहायता।
- मनरेगा का मूल मांग-आधारित फंडिंग मॉडल बहाल किया जाए।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का नकद आवंटन पुनः 452.78 करोड़ रुपये किया जाए (वर्तमान में 252 करोड़)।
- कोयले की ढुलाई पर 20 प्रतिशत रेलवे फ्रेट रियायत बहाल की जाए।
- टैरिफ कम करने के लिए निजी थर्मल प्लांटों (तलवंडी और नाभा) को पच्छवाड़ा केंद्रीय खान से कोयले के उपयोग की अनुमति।