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नोटबंदी सरकार का गलत निर्णय : विधायक
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कालका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की थी जोकि सरकार का त्रास्दीपूर्ण निर्णय था। यह एक तुगलकी फरमान था जो जनता पर जबरन थोप दिया गया।
नोटबंदी के बाद कई लोग मारे गए थे और कई लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। उक्त शब्द कालका विधायक प्रदीप चौधरी ने नोटबंदी के 4 साल पूरे होने पर कहे। उन्होंने कहा कि यह दिन इतिहास में काले दिन के रूप में हमेशा याद रहेगा। नोटबंदी के चलते देश में अफरातफरी का माहौल रहा और बैंकों के बाहर लंबी कतारें लगने लग गई थीं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से हुए देश के नुकसान को लेकर प्रधानमंत्री को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
नोटबंदी के दौरान मोदी ने कालाधन का पता लगाने, भ्रष्टाचार को समाप्त करने और आतंकवादियों को धन मुहैया कराने पर रोक व जाली मुद्रा को समाप्त करने के वादे किए थे, इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। सरकार के इस कदम से देश को कोई फायदा हुआ हो या नहीं, लेकिन अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर जरूर पड़ा है। सकल घरेलू उत्पाद कम हो गया है इसके अलावा नए नोटों की छपाई पर हजारों करोड़ रुपये बर्बाद कर दिए गए।
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नोटबंदी के बाद कई लोग मारे गए थे और कई लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। उक्त शब्द कालका विधायक प्रदीप चौधरी ने नोटबंदी के 4 साल पूरे होने पर कहे। उन्होंने कहा कि यह दिन इतिहास में काले दिन के रूप में हमेशा याद रहेगा। नोटबंदी के चलते देश में अफरातफरी का माहौल रहा और बैंकों के बाहर लंबी कतारें लगने लग गई थीं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से हुए देश के नुकसान को लेकर प्रधानमंत्री को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
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नोटबंदी के दौरान मोदी ने कालाधन का पता लगाने, भ्रष्टाचार को समाप्त करने और आतंकवादियों को धन मुहैया कराने पर रोक व जाली मुद्रा को समाप्त करने के वादे किए थे, इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। सरकार के इस कदम से देश को कोई फायदा हुआ हो या नहीं, लेकिन अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर जरूर पड़ा है। सकल घरेलू उत्पाद कम हो गया है इसके अलावा नए नोटों की छपाई पर हजारों करोड़ रुपये बर्बाद कर दिए गए।
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