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पंचकूला में 12 खतरनाक और जानलेवा मोड़, जरा बचकर निकलें
अरविंद बाजपेयी
Updated Fri, 17 Jun 2016 01:23 AM IST
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पंचकूला में 12 खतरनाक और जानलेवा मोड़
- फोटो : अमर उजाला
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पंचकूला के ये 12 ऐसे मोड़ हैं जहां आपकी जरा सी लापरवाही से किसी की जान जा सकती है। यह हम नहीं बल्कि पंचकूला पुलिस का रिकॉर्ड कह रहा है। ऐसे एक्सीडेंट प्रोन एरिया की लिस्ट पंचकूला पुलिस ने तैयार की है। पुलिस ने लिस्ट को संबंधित विभाग के अधिकारियों को सौंपकर ठीक करवाने के लिए भी कहा है, लेकिन अब तक इस दिशा में विभागीय अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया है।
जिला प्रशासन, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नगर निगम की लापरवाही की से पंचकूला अब हादसों का शहर बनता जा रहा है। पंचकूला के खतरनाक मोड़ कब किसकी जिंदगी छीन लें किसी को पता नहीं है। पंचकूला की सड़कों से लेकर हाईवे तक 12 से ज्यादा खतरनाक मोड़ हैं। यह मोड़ काफी तीखे हैं। कई ऐसे मोड़ हैं जहां लाइट तक का प्रबंध नहीं है। इसके साथ ही सिटी के कई प्वाइंट पर ट्रैफिक लाइट भी नहीं लगी हैं। इस वर्ष सड़क हादसों में 28 लोगों की जान जा चुकी है।
कमियों को सुधारने के लिए होती हैं मीटिंग
एक्सीडेंट प्रोन एरिया में सुधार के लिए हर माह ट्रैफिक पुलिस, नगर निगग, हुडा और एनएचएआई के अफसरों की मीटिंग होती है। मीटिंग में हर अफसर रिपोर्ट पेश करता है। इसके साथ जो कमियां रहती हैं उनको जल्द दूर करने की बात कही जाती है।
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रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन भी एक्टिव
पंचकूला की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी एक्सीडेंट प्रोन एरिया को लेकर सजग हैं। सेक्टर-12 के राकेश अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने ट्रैफिक लाइट को लेकर कई बार लेटर लिखा, लेकिन एक्शन नहीं हुआ। एसके नैय्यर ने भी कहा कि एक्सीडेंट प्रोन एरिया को पुलिस की रिकमंडेशन के अनुसार ठीक किया जाना चाहिए साथ ही ट्रैफिक पुलिस को लोगों को जागरूक करने के लिए कैंप भी लगाने चाहिए।
एक्सीडेंट प्रोन एरिया और उनके लिए रिकमंडेशन
- कालका-जीरकपुर हाईवे पर एचएमटी लाइट प्वाइंट पर ट्रैफिक लाइट, ब्लिंकर्स, कैट की मांग। इसके साथ ही फ्लाईओवर की मांग।
- एनएच-73 पर रामगढ़ के पास बसों के रुकने के लिए ले-बाई बनाने की रिकमंडेशन।
- चंडीगढ़-कालका हाईवे पर एमडीसी लाइट प्वाइंट के पास चुंगी बूथ पर कामर्शियल व्हीकल्स हादसों का कारण।
- कालका प्राचीन काली माता मंदिर रोड पर एक बूथ पर खूब भीड़ होती है, यहीं मोड़ है जिस पर होते हैं एक्सीडेंट।
- एनएच-73 पर रामगढ़ टी-प्वाइंट के दोनों ओर साइन बोर्ड और कैट आई लगाने की मांग, जिससे हादसे रुकें।
- गीता गोपाल चौक पर सेक्टर-5 की ओर मॉल के सामने बस स्टॉप पर ऑटो रुकते हैं। जिससे एक्सीडेंट होते हैं।
- कालका-जीरकपुर हाईवे पर चंडीमंदिर लाइट प्वाइंट एक्सीडेंट प्रोन है। यहां अतिक्रमण है जिससे एक्सीडेंट होते हैं।
- एनएच-73 पर ही 27/28 के रोड कट से टीबीआरएल तक के कट पर हादसे होते हैं। यहां ट्रैफिक लाइट जरूरी।
- कमांड अस्पताल के पास ही चंडीगढ़-कालका हाईवे पर बस स्टॉप है। यहां भी एकदम से बस रुकने से हादसे होते हैं।
- नाडा साहिब गुरुद्वारा टी-प्वाइंट एक्सीडेंट प्रोन एरिया है। यहां तीखा मोड़ है जिससे ज्यादा स्पीड वाले व्हीकल टकराते हैं।
- एनएच-73 पर रामगढ़ टी-प्वाइंट एक्सीडेंट प्रोन एरिया है। टी-प्वाइंट पर रात को डिवाइडर दिखाई नहीं देते और हादसे होते हैं।
- सेक्टर 10/11 की डिवाइडिंग रोड पर सेक्टर 10 की ओर के कट पर दोपहिया वाहन चालक एकदम से कट करते हैं।
यह हो चुके हैं एक्सीडेंट
- जीरकपुर-कालका हाईवे पर पिंजौर के चरणिया में हादसा, 3 की मौत
- पिंजौर में मल्लाह मोड़ के पास हादसे से 6 की मौत
- चंडीमंदिर लाइट् प्वाइंट पर सड़क हादसे में 10 की मौत
- चंडीमंदिर में बरवाला की पुरानी पुलिस चौकी के पास हादसों में 16 की मौत
- चंडीमदिर में पुलिस लाइन के पास हाईवे पर 18 लोगों की मौत
- सेक्टर-5 पंचकूला में माजरी चौक पर 2 लोगों की मौत
- ओल्ड पंचकूला लाइट प्वाइंट पर 5 की मौत
पिछले छह साल में 531 की जान सड़क हादसे में गई
वर्ष 2011 में सड़क हादसों में 137 लोगों की जान गई।
वर्ष 2012 में सड़क हादसों में 93 लोगों की मौत
वर्ष 2013 में 90 लोगों की जान सड़क हादसों में गई
वर्ष 2014 में 93 लोगों की जान सड़क हादसे में गई
वर्ष 2015 में 97 लोगों की जान सड़क हादसों में गई
वर्ष 2016 में अब तक 28 लोगों की सड़क हादसों में मौत
कोट्स
जिला पुलिस मासिक बैठक के दौरान एक्सीडेंट प्रोन एरिया के साथ ही ट्रैफिक में आ रही समस्याओं के लिए रिकमंडेशन देती है। उन्होंने बताया कि लेबर चौक के नजदीक डेढ़ साल में पंद्रह एक्सीडेंट हो चुके थे। इसका कारण ग्रिल था, जिसकी वजह से विजिबिलिटी खराब हो चुकी थी। यह ग्रिल निकलवा दिए गए हैं और अब स्थिति में काफी सुधार है। उन्होंने बताया कि डिवाइडिंग रोड के बीच कट होने की वजह से भी एक्सीडेंट होते हैं। इसके लिए रिकमंडेशन दी जा चुकी हैं।
- मुनीष सहगल, एसीपी ट्रैफिक पंचकूला
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जिला प्रशासन, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नगर निगम की लापरवाही की से पंचकूला अब हादसों का शहर बनता जा रहा है। पंचकूला के खतरनाक मोड़ कब किसकी जिंदगी छीन लें किसी को पता नहीं है। पंचकूला की सड़कों से लेकर हाईवे तक 12 से ज्यादा खतरनाक मोड़ हैं। यह मोड़ काफी तीखे हैं। कई ऐसे मोड़ हैं जहां लाइट तक का प्रबंध नहीं है। इसके साथ ही सिटी के कई प्वाइंट पर ट्रैफिक लाइट भी नहीं लगी हैं। इस वर्ष सड़क हादसों में 28 लोगों की जान जा चुकी है।
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कमियों को सुधारने के लिए होती हैं मीटिंग
एक्सीडेंट प्रोन एरिया में सुधार के लिए हर माह ट्रैफिक पुलिस, नगर निगग, हुडा और एनएचएआई के अफसरों की मीटिंग होती है। मीटिंग में हर अफसर रिपोर्ट पेश करता है। इसके साथ जो कमियां रहती हैं उनको जल्द दूर करने की बात कही जाती है।
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रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन भी एक्टिव
पंचकूला की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी एक्सीडेंट प्रोन एरिया को लेकर सजग हैं। सेक्टर-12 के राकेश अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने ट्रैफिक लाइट को लेकर कई बार लेटर लिखा, लेकिन एक्शन नहीं हुआ। एसके नैय्यर ने भी कहा कि एक्सीडेंट प्रोन एरिया को पुलिस की रिकमंडेशन के अनुसार ठीक किया जाना चाहिए साथ ही ट्रैफिक पुलिस को लोगों को जागरूक करने के लिए कैंप भी लगाने चाहिए।
एक्सीडेंट प्रोन एरिया और उनके लिए रिकमंडेशन
- कालका-जीरकपुर हाईवे पर एचएमटी लाइट प्वाइंट पर ट्रैफिक लाइट, ब्लिंकर्स, कैट की मांग। इसके साथ ही फ्लाईओवर की मांग।
- एनएच-73 पर रामगढ़ के पास बसों के रुकने के लिए ले-बाई बनाने की रिकमंडेशन।
- चंडीगढ़-कालका हाईवे पर एमडीसी लाइट प्वाइंट के पास चुंगी बूथ पर कामर्शियल व्हीकल्स हादसों का कारण।
- कालका प्राचीन काली माता मंदिर रोड पर एक बूथ पर खूब भीड़ होती है, यहीं मोड़ है जिस पर होते हैं एक्सीडेंट।
- एनएच-73 पर रामगढ़ टी-प्वाइंट के दोनों ओर साइन बोर्ड और कैट आई लगाने की मांग, जिससे हादसे रुकें।
- गीता गोपाल चौक पर सेक्टर-5 की ओर मॉल के सामने बस स्टॉप पर ऑटो रुकते हैं। जिससे एक्सीडेंट होते हैं।
- कालका-जीरकपुर हाईवे पर चंडीमंदिर लाइट प्वाइंट एक्सीडेंट प्रोन है। यहां अतिक्रमण है जिससे एक्सीडेंट होते हैं।
- एनएच-73 पर ही 27/28 के रोड कट से टीबीआरएल तक के कट पर हादसे होते हैं। यहां ट्रैफिक लाइट जरूरी।
- कमांड अस्पताल के पास ही चंडीगढ़-कालका हाईवे पर बस स्टॉप है। यहां भी एकदम से बस रुकने से हादसे होते हैं।
- नाडा साहिब गुरुद्वारा टी-प्वाइंट एक्सीडेंट प्रोन एरिया है। यहां तीखा मोड़ है जिससे ज्यादा स्पीड वाले व्हीकल टकराते हैं।
- एनएच-73 पर रामगढ़ टी-प्वाइंट एक्सीडेंट प्रोन एरिया है। टी-प्वाइंट पर रात को डिवाइडर दिखाई नहीं देते और हादसे होते हैं।
- सेक्टर 10/11 की डिवाइडिंग रोड पर सेक्टर 10 की ओर के कट पर दोपहिया वाहन चालक एकदम से कट करते हैं।
यह हो चुके हैं एक्सीडेंट
- जीरकपुर-कालका हाईवे पर पिंजौर के चरणिया में हादसा, 3 की मौत
- पिंजौर में मल्लाह मोड़ के पास हादसे से 6 की मौत
- चंडीमंदिर लाइट् प्वाइंट पर सड़क हादसे में 10 की मौत
- चंडीमंदिर में बरवाला की पुरानी पुलिस चौकी के पास हादसों में 16 की मौत
- चंडीमदिर में पुलिस लाइन के पास हाईवे पर 18 लोगों की मौत
- सेक्टर-5 पंचकूला में माजरी चौक पर 2 लोगों की मौत
- ओल्ड पंचकूला लाइट प्वाइंट पर 5 की मौत
पिछले छह साल में 531 की जान सड़क हादसे में गई
वर्ष 2011 में सड़क हादसों में 137 लोगों की जान गई।
वर्ष 2012 में सड़क हादसों में 93 लोगों की मौत
वर्ष 2013 में 90 लोगों की जान सड़क हादसों में गई
वर्ष 2014 में 93 लोगों की जान सड़क हादसे में गई
वर्ष 2015 में 97 लोगों की जान सड़क हादसों में गई
वर्ष 2016 में अब तक 28 लोगों की सड़क हादसों में मौत
कोट्स
जिला पुलिस मासिक बैठक के दौरान एक्सीडेंट प्रोन एरिया के साथ ही ट्रैफिक में आ रही समस्याओं के लिए रिकमंडेशन देती है। उन्होंने बताया कि लेबर चौक के नजदीक डेढ़ साल में पंद्रह एक्सीडेंट हो चुके थे। इसका कारण ग्रिल था, जिसकी वजह से विजिबिलिटी खराब हो चुकी थी। यह ग्रिल निकलवा दिए गए हैं और अब स्थिति में काफी सुधार है। उन्होंने बताया कि डिवाइडिंग रोड के बीच कट होने की वजह से भी एक्सीडेंट होते हैं। इसके लिए रिकमंडेशन दी जा चुकी हैं।
- मुनीष सहगल, एसीपी ट्रैफिक पंचकूला