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ट्रैफिक पुलिस: सड़कों पर घूम रहे बच्चों को न दें पैसे, थमाएं किताबें
Updated Fri, 20 Jul 2018 02:08 AM IST
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ट्रैफिक पुलिस: सड़कों पर घूम रहे बच्चों को न दें पैसे, थमाएं किताबें
भीख मांगना बंद करवाने के लिए अनाउंसमेंट कर रही ट्रैफिक पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर की यातायात व्यवस्था में जाम से जूझने के अलावा वाहन चालकों के लिए बीच सड़क घूमने वाले भिखारी भी सिरदर्द हैं। कुछ लाइट प्वाइंट्स पर तो भीख मांगने व मंगवाने वाले लोग डेरे तक जमा बैठे हैं और वाहन चालकों से जबरन पैसे निकलवाने के लिए गाड़ियों के शीशे तक खटखटाते दिखते हैं। वाहन चालकों के उन्हें पैसे देने से उनकी संख्या भी बढ़ती जा रही है। कुछ लोग लाइट प्वाइंट पर लोगों से पैसे मांगने के लिए अपने बच्चों को वाहनों के आगे कर देते हैं। इस कारण सड़क हादसे होने की आशंका भी रोजाना बनी रहती है।
इन समस्याओं से छुटकारा पाने को ट्रैफिक पुलिस बीत करीब पांच दिन से लाइट प्वाइंट्स पर लगे स्पीकर से वाहन चालकों को जागरूक कर रही है कि वे बच्चों को पैसे न देकर उनके हाथ में किताबें थमाएं। बच्चों को स्कूला का रास्ता दिखाएं, ट्रैफिक पुलिस को उम्मीद है कि इस प्रयास से स्ट्रीट बेगर खत्म करने में कुछ हद तक कामयाबी जरूर मिल सकेगी।
मटका चौक, प्रेस लाइट प्वाइंट सहित अन्य जगहों पर बच्चों को पैसों के बजाय उनके हाथ किताबें थमाने की अनाउसमेंट की जा रही है। पुलिस वर्षों से लाइट प्वाइंट से स्ट्रीट बेगर हटाने को लेकर बेगर एक्ट के तहत केस दर्ज करती रही है। लेकिन हर साल महज आंकड़े पूरे करने को चंद केस दर्ज किए जाते हैं। जबकि लाइट प्वाइंट से भिखारियों को हटाने के लिए यूटी पुलिस व्यापक स्तर पर कोई मुहिम नहीं चला पाती। यही कारण है कि वाहन चालकों के लिए परेशानी जस की तस बनी है।
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तीन डिवीजन के लाइट प्वाइंट्स पर परेशान हैं वाहन चालक
समूचे शहर को तीन डिवीजन-ईस्ट, सेंट्रल व साउथ डिवीजन में बांटा गया है। तीनों डिवीजन के सभी मुख्य लाइट प्वाइंट्स पर वाहन चालक वहां घूमने वाले भिखारियों से परेशान हैं। मध्य मार्ग के अलावा हिमालय मार्ग पर सेक्टर-34/35 लाइट प्वाइंट और अन्य सभी मार्गों पर भिखारियों की टोलियां लोगों की गाड़ियों के शीशों खटखटाती देखी जा सकती हैं।
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भीख मांगना बंद करवाने के लिए अनाउंसमेंट कर रही ट्रैफिक पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर की यातायात व्यवस्था में जाम से जूझने के अलावा वाहन चालकों के लिए बीच सड़क घूमने वाले भिखारी भी सिरदर्द हैं। कुछ लाइट प्वाइंट्स पर तो भीख मांगने व मंगवाने वाले लोग डेरे तक जमा बैठे हैं और वाहन चालकों से जबरन पैसे निकलवाने के लिए गाड़ियों के शीशे तक खटखटाते दिखते हैं। वाहन चालकों के उन्हें पैसे देने से उनकी संख्या भी बढ़ती जा रही है। कुछ लोग लाइट प्वाइंट पर लोगों से पैसे मांगने के लिए अपने बच्चों को वाहनों के आगे कर देते हैं। इस कारण सड़क हादसे होने की आशंका भी रोजाना बनी रहती है।
इन समस्याओं से छुटकारा पाने को ट्रैफिक पुलिस बीत करीब पांच दिन से लाइट प्वाइंट्स पर लगे स्पीकर से वाहन चालकों को जागरूक कर रही है कि वे बच्चों को पैसे न देकर उनके हाथ में किताबें थमाएं। बच्चों को स्कूला का रास्ता दिखाएं, ट्रैफिक पुलिस को उम्मीद है कि इस प्रयास से स्ट्रीट बेगर खत्म करने में कुछ हद तक कामयाबी जरूर मिल सकेगी।
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मटका चौक, प्रेस लाइट प्वाइंट सहित अन्य जगहों पर बच्चों को पैसों के बजाय उनके हाथ किताबें थमाने की अनाउसमेंट की जा रही है। पुलिस वर्षों से लाइट प्वाइंट से स्ट्रीट बेगर हटाने को लेकर बेगर एक्ट के तहत केस दर्ज करती रही है। लेकिन हर साल महज आंकड़े पूरे करने को चंद केस दर्ज किए जाते हैं। जबकि लाइट प्वाइंट से भिखारियों को हटाने के लिए यूटी पुलिस व्यापक स्तर पर कोई मुहिम नहीं चला पाती। यही कारण है कि वाहन चालकों के लिए परेशानी जस की तस बनी है।
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तीन डिवीजन के लाइट प्वाइंट्स पर परेशान हैं वाहन चालक
समूचे शहर को तीन डिवीजन-ईस्ट, सेंट्रल व साउथ डिवीजन में बांटा गया है। तीनों डिवीजन के सभी मुख्य लाइट प्वाइंट्स पर वाहन चालक वहां घूमने वाले भिखारियों से परेशान हैं। मध्य मार्ग के अलावा हिमालय मार्ग पर सेक्टर-34/35 लाइट प्वाइंट और अन्य सभी मार्गों पर भिखारियों की टोलियां लोगों की गाड़ियों के शीशों खटखटाती देखी जा सकती हैं।