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फालोअप: एक्साईज सेल भंग ना होता तो ..........बच सकता था हिमांशू दानीया: ठेकेदार।

Sun, 08 Jul 2018 09:52 PM IST
Updated Sun, 08 Jul 2018 09:52 PM IST
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फालोअप: एक्साईज सेल भंग ना होता तो ..........बच सकता था हिमांशू दानीया: ठेकेदार।
एक्साइज सेल भंग न होता तो बच सकता था हिमांशु
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शराब ठेकेदारों ने प्रेसवार्ता कर कहा- निजी रंजिश में हुई दानिया की हत्या
दानिया के नाम से चैरिटेबल ट्रस्ट और ग्रुप का नाम रखने का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। बरनाला बस स्टैंड के सामने वीरवार रात हुई शराब ठेकेदार हिमांशु दानिया के हत्या के मामले में पुलिस अब तक नाकाम साबित हुई है। वहीं दानिया के पार्टनरों का कहना है कि यह कत्ल साधारण नहीं, बल्कि सोची समझी साजिश के तहत रंजिश में किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके कत्ल के पीछे उनके विरोधी ग्रुप का हाथ है। जिन्हें हमारे समूह की तरक्की गवारा नहीं थी। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि दानिया की हत्या के लिए प्रशासन और सरकार भी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा है कि शराब की तस्करी व ब्लैकमेलिंग पर अंकुश लगाने के लिए जिला पुलिस ने एक्साइज सेल का गठन किया गया था। जिससे ठेकेदारों को सुरक्षा के लिहाजा काफी बल मिलता था। लेकिन उस सेल को कुछ समय पहले अचानक भंग कर दिया गया। जिसके बाद तस्करों व ब्लैकमेलिंग करने वालों के हौसले बुलंद हो गए। अगर एक्साइज सेल कायम रहता तो उनके साथी हिमांशु दानिया का कत्ल नहीं होता। उन्होंने कहा कि वे बरनाला में एक्साइज सेल का पुन: गठन कराने के लिए पूरा जोर लगा देंगे।
पातड़ां नहीं अब दानिया ग्रुप के नाम से जाने जाएंगे
शराब ठेकेदार हिमांशु दानिया के हिस्सेदार सचिन सूद, मोहित सूद, रजनीश कुमार, मनोज कुमार व ठेकेदार फकीर चंद ने प्रेसवार्ता में बताया है कि उनके ग्रुप ने बरनाला में पहली बार ठेका लिया है। जैसे ही उन्हें ठेका अलॉट हुआ तो विरोधी ग्रुप से उन्हें धमकियां भी मिलनी शुरू हो गई थीं। इस बारे में उन्होंने बाकायदा पुलिस प्रशासन को आरोपियों के नाम बताए थे। शहर में शराब की तस्करी करने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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दानिया के पार्टनरों ने एलान किया कि उनका ग्रुप पातड़ां ग्रुप के नाम से है, लेकिन अब से इसका नाम दानिया ग्रुप होगा। दानिया के नाम पर एक चैरिटेबल ट्रस्ट भी बनाया जाएगा।
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पुलिस हर एंगल से कर रही है काम
एसएसपी हरजीत सिंह का कहना है कि दानिया के हत्यारों का पता लगाने के लिए पुलिस विभिन्न स्ट्रेटजी पर काम कर रही है। पुराने अपराधियों का रिकार्ड और घटनास्थल से लेकर सभी रास्तों पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि ठेकेदार हिमांशु दानिया ने शराब की ठेकेदारी का कारोबार शुरू करने के लिए कितना पैसा लगाया था। दानिया के अपने पार्टनरों तथा उसके पार्टनरों के अन्य ठेकेदारों के साथ कैसे संबंध थे।


फोटो कैप्शन: 08बीएनएलपी89-प्रेसवार्ता को जानकारी देते हुए मरहूम ठेकेदार हिमांशु दानिया के पार्टनर।
फोटो कैप्शन: 08बीएनएलपी90-अमर उजाला से बातचीत करते हुए एसएसपी हरजीत सिंह।
परिजनों ने भी कहा : साजिश तहत की गई है हिमांशु की हत्या
बरनाला। शराब कारोबारी हिमांशु दानिया की हत्या के मामले में परिजनों ने भी कहा कि यह कोई लूट की घटना नहीं है, बल्कि साजिश के तहत हिमांशु का कत्ल किया गया है। यह वारदात पेशेवर शूटरों से कराई गई है। हिमांशु के परिजनों ने मामले की जांच किसी एजेंसी से कराने की मांग उठाई। मृतक हिमांशु की मां नीरज दानिया व मासड़ तेजपाल वधवा ने कहा कि उनके बेटे के साथ 5 जुलाई की रात को घटी घटना संबंधी परिवार को किसी कारोबारी हिस्सेदार या घटना के समय मौजूद संजीव कुमार ने फोन या किसी संदेश से सूचित नहीं किया। हिमांशु काम से जब रात 12 बजे से साढे़ 12 बजे तक नहीं आया तो वह चिंतित होकर खुद उसकी तलाश में चल दिए। इसके बाद रात 2 बजे अचानक पुलिस वाले मिले तो वारदात का पता चला। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ लूट का नहीं है, बल्कि हिमांशु की का कत्ल योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए। बता दें कि वीरवार को रात लभगत 10:42 बजे यह वारदात हुई थी
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