सिपाही भर्ती फर्जीवाड़ा: एसआईटी ने छह और आरोपियों को पकड़ा, अब तक 29 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
आरोपी अशोक कुमार भी सुविधा दिलाने के नाम पर करीब 10 से ज्यादा उम्मीदवारों से 50 लाख से ज्यादा की रकम ले चुका है और दस से ज्यादा लोगों की जगह फर्जी उम्मीदवार बैठाकर परीक्षा दिलाई है।
विस्तार
सिपाही भर्ती फर्जीवाड़े में एसआईटी ने छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान हिसार निवासी अशोक कुमार, गांव मटलोडा बरवाला निवासी अजय कुमार, बिठमढ़ा हिसार निवासी रणबीर सिंह, गांव सुरबा जींद नवीन, गांव गोरखपुर जिला फतेहाबाद दिनेश, गांव खेरी उकलाना हिसार संदीप सिंह के रूप में हुई है। अभी तक पुलिस इस मामले में कुल 29 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
मंगलवार को पुलिस ने सभी आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जबकि एक आरोपी अशोक कुमार निवासी हिसार को चार दिन के रिमांड पर भेजा है। पुलिस आरोपी अशोक कुमार और हिसार जेल में बंद रामफल को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।
एसीपी विजय कुमार नेहरा ने बताया कि आरोपी अजय कुमार, रणबीर सिंह, नवीन पुलिस भर्ती में उम्मीदवार थे। इसमें अजय कुमार की जगह संदीप ने परीक्षा दी है। वहीं, रणबीर सिंह और नवीन की जगह परीक्षा देने वाले आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपी दिनेश उम्मीदवारों से सेटिंग के नाम पर पैसे लेता था।
लिखित परीक्षा की सेटिंग कराने के बाद उम्मीदवार की जगह फर्जी व्यक्ति परीक्षा देता था। आरोपी अशोक कुमार भी सुविधा दिलाने के नाम पर करीब 10 से ज्यादा उम्मीदवारों से 50 लाख से ज्यादा की रकम ले चुका है और दस से ज्यादा लोगों की जगह फर्जी उम्मीदवार बैठाकर परीक्षा दिलाई है। 33 उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने वालों की तलाश की जा रही है।
भर्ती फर्जीवाड़ा: कैथल पुलिस ने चंडीगढ़ में मारा छापा, आरोपी परिवार गायब
हरियाणा पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े में 25 हजार के इनामी चंडीगढ़ पुलिस के सिपाही प्रवीण उर्फ बिल्ला की गिरफ्तारी के लिए मंगलवार को कैथल क्राइम ब्रांच ने चंडीगढ़ सेक्टर-17 थाना क्षेत्र और मलोया स्थित घर पर दबिश दी लेकिन वह परिवार सहित गायब मिला। आरोपी सिपाही प्रवीण ने गिरफ्तारी से बचने के लिए 25 जनवरी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था।
कैथल क्राइम ब्रांच-2 के एएसआई प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रवीण मलोया थाने में थाना प्रभारी का चालक था। इस मामले में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस को सिपाही प्रवीण के अलावा अभ्यर्थी शुभम, गुरमीत, मुनीश सहित कुछ अन्य लोगों की तलाश है। यह सभी अभ्यर्थी परीक्षा में पास हुए थे लेकिन इनकी जगह पर किसी और ने परीक्षा दी थी।
एएसआई प्रदीप कुमार ने बताया कि बुडै़ल जेल में हेड क्लर्क की पोस्ट पर तैनात संजय उर्फ मोटा ने पूछताछ में बताया कि अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक करवाने के लिए दो लाख रुपये प्रवीण को दिए थे। रविंदर ने बताया कि प्रवीण को परीक्षा पास करवाने के लिए छह लाख रुपये दिए थे।
जींद निवासी संजय की गिरफ्तारी हो चुकी है, जोकि परीक्षा पास करवाने के लिए सेटिंग करता था। संजय के पास ही सबसे अधिक अभ्यर्थी थे। प्रवीण ने संजय को रविंदर नाम का अभ्यर्थी दिया था। रविंदर की जगह सुमित ने परीक्षा दी थी। जिससे रविंदर पास हो गया था। दोनों को कैथल पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।