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पंचकूला में धोखाधड़ी, ब्याज का लालच देकर 1.30 करोड़ रुपये ठगे, सोने के गहने भी निकले नकली
Mon, 25 Nov 2019 03:54 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, पंचकूला
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Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Nov 2019 03:54 PM IST
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पंचकूला में सेक्टर-15 निवासी एक व्यक्ति को तीन प्रतिशत ब्याज देने देने के नाम पर कुछ लोगों ने 1.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली। सिक्योरिटी के तौर पर दिए करीब तीन किलो सोने के गहने भी नकली निकले हैं। पीड़ित की शिकायत पर सेक्टर-14 थाने ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोप साबित होने पर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपियों की पहचान हेमंत चौहान, स्वाति चौहान निवासी बालाजी टावर, पीर मुछल्ला जीरकपुर, दविंद्र चौहान निवासी सेक्टर-4 पंचकूला के रूप में हुई है।
सेक्टर-15 निवासी पीड़ित भारतभूषण, विनय कुमार, नीरज मदान, डिंपल, सुशील मदान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी एक दुकान सेक्टर-15 में थी, जो कि भारतभूषण एवं विनय कुमार के नाम पर थी। इसमें वे हलवाई का काम करते थे। उन्होंने बताया कि कारोबार में घाटा होने के कारण इस दुकान को उन्होंने 2015-16 में बेचने पर लगा रखी थी। क्योंकि उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी।
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13 जनवरी 2016 को उन्होंने उक्त दुकान को 47.20 लाख रुपये में बेच दिया। इसके अलावा उनकी एक दुकान पूजा एन्कलेव कालोनी सहारनपुर में थी। जो नीरज मदान नाम से थी। इस दुकान को भी 27 जुलाई 2018 को 7.71 लाख रुपये में बेच दिया। दोनों दुकान के पैसे बैंक अकाउंट में थे।
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी हेमंत चौहान, स्वाति चौहान, दविंद्र चौहान उनकी दुकान पर अकसर आते थे। आरोपी हेमंत चौहान और उनकी पत्नी स्वाति चौहान इससे पहले सेक्टर-15 पंचकूला में रहते थे। तीनों आरोपियों को सूचना मिली कि उन्होंने दुकान बेच दी है। इसके बाद इन्होंने लालच देना शुरू कर दिया। वह सेक्टर-12-ए पंचकूला में ज्वेलरी के साथ इनवेस्टमेंट का काम करते हैं।
आरोपियों ने उनसे कहा कि यदि वह पैसे इनवेस्ट करते हैं तो उन्हें वह तीन प्रतिशत ब्याज देंगे। इसके अलावा मूलधन की राशि के बदले वह सिक्योरिटी के रूप में सोने के गहने देंगे, जोकि पैसा पूरा होने तक उनके पास ही रहेंगे। लेकिन उन्होंने पैसे देने और ब्याज देने से मना कर दिया।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोप साबित होने पर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपियों की पहचान हेमंत चौहान, स्वाति चौहान निवासी बालाजी टावर, पीर मुछल्ला जीरकपुर, दविंद्र चौहान निवासी सेक्टर-4 पंचकूला के रूप में हुई है।
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सेक्टर-15 निवासी पीड़ित भारतभूषण, विनय कुमार, नीरज मदान, डिंपल, सुशील मदान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी एक दुकान सेक्टर-15 में थी, जो कि भारतभूषण एवं विनय कुमार के नाम पर थी। इसमें वे हलवाई का काम करते थे। उन्होंने बताया कि कारोबार में घाटा होने के कारण इस दुकान को उन्होंने 2015-16 में बेचने पर लगा रखी थी। क्योंकि उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी।
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13 जनवरी 2016 को उन्होंने उक्त दुकान को 47.20 लाख रुपये में बेच दिया। इसके अलावा उनकी एक दुकान पूजा एन्कलेव कालोनी सहारनपुर में थी। जो नीरज मदान नाम से थी। इस दुकान को भी 27 जुलाई 2018 को 7.71 लाख रुपये में बेच दिया। दोनों दुकान के पैसे बैंक अकाउंट में थे।
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी हेमंत चौहान, स्वाति चौहान, दविंद्र चौहान उनकी दुकान पर अकसर आते थे। आरोपी हेमंत चौहान और उनकी पत्नी स्वाति चौहान इससे पहले सेक्टर-15 पंचकूला में रहते थे। तीनों आरोपियों को सूचना मिली कि उन्होंने दुकान बेच दी है। इसके बाद इन्होंने लालच देना शुरू कर दिया। वह सेक्टर-12-ए पंचकूला में ज्वेलरी के साथ इनवेस्टमेंट का काम करते हैं।
आरोपियों ने उनसे कहा कि यदि वह पैसे इनवेस्ट करते हैं तो उन्हें वह तीन प्रतिशत ब्याज देंगे। इसके अलावा मूलधन की राशि के बदले वह सिक्योरिटी के रूप में सोने के गहने देंगे, जोकि पैसा पूरा होने तक उनके पास ही रहेंगे। लेकिन उन्होंने पैसे देने और ब्याज देने से मना कर दिया।
विश्वास जीतने को लोगों को किया शामिल
भारतभूषण, विनय कुमार, नीरज मदान, डिंपल, सुशील मदान ने बताया कि आरोपियों ने विश्वास जीतने के लिए स्थानीय लोगों से भी कहलवाया और इन्वेस्टमेंट करने के लिए तीन प्रतिशत ब्याज और गहनों की सिक्योरिटी का झांसा देकर राजी कर लिया। तीनों आरोपियों ने कहा कि वह पैसे कैश और चेक से लेंगे। जो भी गहना गिरवी रखेंगे उसकी कीमत और वजन की पर्ची बनाकर गहनों के साथ देंगे। आरोपियों ने यह भी कहा कि उनके साथ इन्वेस्टमेंट के बिजनेस में कुछ और पार्टनर हैं। उनके नाम से भी चेक और नकद की पेमेंट ली जाएगी।
धोखाधड़ी में इन्हें भी किया शामिल
आरोपियों ने अपने पार्टनर प्राण मोदगिल निवासी सेक्टर-12-ए पंचकूला, संजीव शर्मा सेक्टर-12-ए, पंचकूला मनोज गिल सेक्टर-20 पंचकूला, पिंकू वर्मा मौली जगरां कांप्लेक्स मौली जागरां चंडीगढ़, अमित शारदा सेक्टर-15 पंचकूला, पंकज खन्ना सेक्टर-15 पंचकूला, अजय पटियाल सेक्टर-15 पंचकूला, रिंकू वर्मा मौली जागरां कांप्लैक्स मौलीजागरां चंडीगढ़ के नाम से चेक और कैश ले लिया। यह चेक उक्त सहयोगियों के खाते में लगाकर पैसे ले लिया और आपस में बांट लिए।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के कहने के मुताबिक 06 फरवरी 2017 से 26 फरवरी 2019 के बीच उन्होंने चेक और कैश के माध्यम से 1.30 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इसके अलावा उन्होंने अपने रिश्तेदार हरी ललित निवासी करनाल व उनकी पत्नी सुमन से 15 लाख रुपये उधार लिए। उक्त रिश्तेदारों ने 5 लाख का चेक 17 जनवरी 2018 को सीया ज्वेलर, सेक्टर-20 पंचकूला के खाते में, 5 लाख का चेक 25 दिसंबर 2018 को विवेक गुप्ता के खाते में और 5 लाख का चेक 20 नवंबर 2018 को गौतम के खाते में जमा करवाया। इसके अलावा उन्होंने 20 लाख की एफडी भी तोड़ दी और घर में पड़े बचत के करीब 20 लाख रुपये भी झांसे में आकर दे दिए।
धोखाधड़ी में इन्हें भी किया शामिल
आरोपियों ने अपने पार्टनर प्राण मोदगिल निवासी सेक्टर-12-ए पंचकूला, संजीव शर्मा सेक्टर-12-ए, पंचकूला मनोज गिल सेक्टर-20 पंचकूला, पिंकू वर्मा मौली जगरां कांप्लेक्स मौली जागरां चंडीगढ़, अमित शारदा सेक्टर-15 पंचकूला, पंकज खन्ना सेक्टर-15 पंचकूला, अजय पटियाल सेक्टर-15 पंचकूला, रिंकू वर्मा मौली जागरां कांप्लैक्स मौलीजागरां चंडीगढ़ के नाम से चेक और कैश ले लिया। यह चेक उक्त सहयोगियों के खाते में लगाकर पैसे ले लिया और आपस में बांट लिए।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के कहने के मुताबिक 06 फरवरी 2017 से 26 फरवरी 2019 के बीच उन्होंने चेक और कैश के माध्यम से 1.30 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इसके अलावा उन्होंने अपने रिश्तेदार हरी ललित निवासी करनाल व उनकी पत्नी सुमन से 15 लाख रुपये उधार लिए। उक्त रिश्तेदारों ने 5 लाख का चेक 17 जनवरी 2018 को सीया ज्वेलर, सेक्टर-20 पंचकूला के खाते में, 5 लाख का चेक 25 दिसंबर 2018 को विवेक गुप्ता के खाते में और 5 लाख का चेक 20 नवंबर 2018 को गौतम के खाते में जमा करवाया। इसके अलावा उन्होंने 20 लाख की एफडी भी तोड़ दी और घर में पड़े बचत के करीब 20 लाख रुपये भी झांसे में आकर दे दिए।
3 किलो 242 ग्राम सोना रखा गिरवी
पीड़ित ने बताया कि पैसे लेने के बाद आरोपियों ने गहने और पर्चियां उनके वजन व मूल्य के मुताबिक बनाकर दे दिए। 06 फरवरी 2017 से 15 फरवरी 2019 तक आरोपियों ने उनके पास सोने के अलग-अलग गहने रखे। जिनका कुल वजन 3341.400 ग्राम (3 किलो 342 ग्राम सोना) है। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें करीब 15 महीने तक ब्याज देते रहे और धीरे-धीरे पैसा लेते रहे। सोने के गहने गिरवी रखते रहे। 01 मार्च 2019 को आरोपी हेमंत चौहान व उसकी पत्नी स्वाति चौहान की ओर से ब्याज की रकम नहीं आई तो वह उनके घर गए।
आरोप है कि वह टालमटोल करने लगे और पैसे के लिए कुछ दिनों का समय मांगा। इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल नंबर बंद कर दिए। इसके बाद वह दोबारा मार्च 2019 में आरोपी हेमंत चौहान के घर पर गए और पता लगा कि वह आस्ट्रेलिया चला गया है। उसकी पत्नी स्वाति चौहान और उसके भाई दविंद्र चौहान ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। इसके बाद हेमंत चौहान का एक-दो बार आस्ट्रेलिया से फोन आया और झूठी तसल्ली दी।
गिरवी रखा सोना निकला नकली
4 मई 2019 को गिरवी रखे गहनों में से सात चूड़ियां और पांच चेन लेकर गुलाटी ज्वेलर्स सेक्टर-15 में बेचने गए तो पता चला कि यह सोना नकली है। इसके बाद उन्होंने बाकी की सारी सोने की ज्वेलरी को टेस्ट करवाया वह भी निकली निकले। इसके बाद जब अन्य आरोपियों से संपर्क किया और पैसे मांगे तो उन्होंने मनाकर दिया। पीड़ितों का कहना है कि हेमंत चौहान की पत्नी स्वाति और उसका भाई दविंद्र भी आस्ट्रेलिया भागने वाले हैं।
आरोप है कि वह टालमटोल करने लगे और पैसे के लिए कुछ दिनों का समय मांगा। इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल नंबर बंद कर दिए। इसके बाद वह दोबारा मार्च 2019 में आरोपी हेमंत चौहान के घर पर गए और पता लगा कि वह आस्ट्रेलिया चला गया है। उसकी पत्नी स्वाति चौहान और उसके भाई दविंद्र चौहान ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। इसके बाद हेमंत चौहान का एक-दो बार आस्ट्रेलिया से फोन आया और झूठी तसल्ली दी।
गिरवी रखा सोना निकला नकली
4 मई 2019 को गिरवी रखे गहनों में से सात चूड़ियां और पांच चेन लेकर गुलाटी ज्वेलर्स सेक्टर-15 में बेचने गए तो पता चला कि यह सोना नकली है। इसके बाद उन्होंने बाकी की सारी सोने की ज्वेलरी को टेस्ट करवाया वह भी निकली निकले। इसके बाद जब अन्य आरोपियों से संपर्क किया और पैसे मांगे तो उन्होंने मनाकर दिया। पीड़ितों का कहना है कि हेमंत चौहान की पत्नी स्वाति और उसका भाई दविंद्र भी आस्ट्रेलिया भागने वाले हैं।