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अपराध : अकाउंट अपडेट करने के नाम पर हो रही ठगी, थानों में साइबर डेस्क बनी

Mon, 08 Nov 2021 01:15 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 01:15 AM IST
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Crime: Cheating in the name of updating accounts, cyber desks set up in police stations
पंचकूला। त्योहारी सीजन में अकाउंट अपडेट करने के नाम पर साइबर ठगों ने लोगों के अकाउंट से लाखों रुपये उड़ा दिए। जिले का साइबर थाना और स्थानीय पुलिस केवल केस दर्ज करने तक सीमित रह गई है। पुलिस की तरफ से मामले सुलझाए नहीं गए। पुलिस ने गाइडलाइन जारी कर थानों में सुनवाई के लिए साइबर डेस्क बना दी है। लोगों के पैसे अभी तक वापस नहीं आए हैं। इस तरह के हालात में लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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पंचकूला में लगातार साइबर ठगी के मामले अकाउंट अपडेट करने के नाम पर हुए हैं। त्योहारी सीजन में दो कर्नल और पीएनबी बैंक के उप मैनेजर को अकाउंट बंद होने का मैसेज भेजा। इसके बाद ओटीपी जानने के बाद अकाउंट से पैसा निकाल दिया गया। लाखा रुपये अकाउंट से निकलने के बाद उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस केवल खानापूर्ति करती नजर आ रही है। पीड़ितों को कहना है कि किसी के पैसे वापस नहीं आए हैं। इस तरह के हालात में लोगों को ऑनलाइन पेमेंट करने में भी डर लग रहा है।
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केस नंबर -1
कर्नल प्रेम सिंह ने बताया कि 28 अक्तूबर को बैंक का एप नहीं चलने की जानकारी दी गई। उन्हें जानकारी दी गई कि उनको अपना अकाउंट अपडेट करवाना पड़ेगा। अकाउंट अपडेट करने के नाम पर वन टाइम पासवर्ड पूछकर उनका फोन हैक कर लिया और उनके अकाउंट से 9.6 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद पुलिस केवल केस दर्ज करने तक सीमित रही। उनके पैसे वापस नहीं आए।
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केस नंबर-2
बैंक अकाउंट अपडेट करने के नाम पर सेक्टर-12 निवासी पूर्व कर्नल सुरजीत सिंह के अकाउंट से हैकर्स ने 4.80 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। उन्हें कॉल कर अकाउंट अपडेट नहीं होने की जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने लिंक पर क्लिक कर दिया। लिंक पर आए मैसेज में ओटीपी नंबर डाला। नंबर डालने के बाद उनके अकाउंट से 4.80 लाख रुपये निकाल लिया। सेक्टर-5 थाना पुलिस ने 29 अक्तूबर को केस दर्ज कर लिया। इसके बाद पैसे वापस नहीं आए।
केस नंबर -3
पीएनबी के पूर्व बैंक मैनेजर कुलभूषण चोपड़ा ने बताया कि बीती 29 अक्तूबर को डेबिट कार्ड ब्लॉक होने का मैसेज आया। इसके बाद उन्होंने गूगल कस्टमर केयर नंबर निकालकर फोन किया। फोन कर डेबिट कार्ड चलाने के लिए ओटीपी नंबर मांगा। ओटीपी नंबर देने के बाद सात ट्रांजेेक्शन से 3.05 लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस इसमें अभी तक कुछ नहीं कर पाई है।
इस तरह से करें बचाव
पंचकूला डीसीपी मोहित हांडा ने बताया कि लोग अपने सोशल अकाउंट को चेक करें जिन्हें आप नहीं जानते हैं उन्हें फ्रेंड लिस्ट में न शामिल करें। यदि किसी को नहीं जानते हैं और वह आपके फ्रेंडलिस्ट में हैं तो उसे अनफ्रेंड कर दें। अपने अकाउंट में अपनी निजी जानकारी जैसे जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, लोकेशन और प्राइवेट फोटो शेयर ना करें। उन्होंने बताया कि अविश्वसनीय लिंक को क्लिक न करें । अपना ओटीपी किसी से भी शेयर न करें। अनावश्यक ई-मेल को न खोलें। अनावश्यक एप डाउनलोड न करें । लालच में न आएं। अनजान व्यक्तियों से दोस्ती न करें । यदि कोई वस्तु दिखाकर बेचने हेतु एडवांस देने को कहें तो ऐसा करने से बचें ।

जिले के सभी थानों में साइबर डेस्क बनाई जाएगी। जल्द ही केस दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। जो भी पेंडिंग केस हैं उन्हें जल्द ही सुलझाया जाएगा। मोहित हांडा, डीसीपी
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