{"_id":"5f1725b58ebc3e9ed3112ad5","slug":"coarseness-case-question-on-sit-investigation-notice-to-punjab-government-and-cbi-panchkula-news-pkl382101281","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेअदबी मामला: एसआईटी की जांच पर उठाए गए सवाल, पंजाब सरकार और सीबीआई को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेअदबी मामला: एसआईटी की जांच पर उठाए गए सवाल, पंजाब सरकार और सीबीआई को नोटिस
Wed, 22 Jul 2020 11:49 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2020 11:49 AM IST
विज्ञापन
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप की बेअदबी के मामले में एसआईटी जांच की फाइनल रिपोर्ट मंजूर करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार व सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब में श्री गुरुग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप की बेअदबी का मामला सामने आया था। इसके बाद कोटकपूरा में विरोध प्रदर्शन करने वालों पर गोली चलाई गई थी। दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद जांच के लिए जोरा सिंह कमीशन गठित किया गया था।
सरकार बदलने के बाद अमरिंदर सरकार ने जोरा सिंह कमीशन की रिपोर्ट को अधूरा मानते हुए रणजीत सिंह कमीशन का गठन किया था। इसके साथ ही बेअदबी मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी, जिसमें दोनों याचिकाकर्ताओं को आरोपी बनाया था।
विज्ञापन
इसी बीच दर्ज तीनों एफआईआर को पंजाब सरकार ने सीबीआई को सौंप दिया था। सीबीआई ने इस मामले में जांच कर क्लोजर रिपोर्ट तैयार कर ली थी। पंजाब सरकार ने सीबीआई को जांच देने के बाद अपनी मंजूरी वापस ले ली।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि भले ही पंजाब सरकार ने जांच वापस लेने के लिए केंद्र को लिखा था, लेकिन अभी तक इस पर फैसला नहीं लिया गया है। ऐसे में केस की जांच अब भी सीबीआई के पास है। याचिकाकर्ता ने कहा कि जब जांच सीबीआई कर रही है तो ऐसे में पैरलल जांच एसआईटी नहीं कर सकती।
एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट अवैध
याचिकाकर्ता ने कहा कि एसआईटी ने जांच भी इतनी जल्दबाजी में की है जिससे पता लगता है कि राजनीतिक कारणों से ऐसा किया गया है। याचिकाकर्ता ने एसआईटी द्वारा की गई जांच को और उसकी अंतिम रिपोर्ट को अवैध बताते हुए हाईकोर्ट ने इसे खारिज करने की तथा निचली अदालत द्वारा इस जांच रिपोर्ट को स्वीकार करने के फैसले को रद्द करने की मांग की।
हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार व सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब में श्री गुरुग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप की बेअदबी का मामला सामने आया था। इसके बाद कोटकपूरा में विरोध प्रदर्शन करने वालों पर गोली चलाई गई थी। दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद जांच के लिए जोरा सिंह कमीशन गठित किया गया था।
विज्ञापन
सरकार बदलने के बाद अमरिंदर सरकार ने जोरा सिंह कमीशन की रिपोर्ट को अधूरा मानते हुए रणजीत सिंह कमीशन का गठन किया था। इसके साथ ही बेअदबी मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी, जिसमें दोनों याचिकाकर्ताओं को आरोपी बनाया था।
विज्ञापन
इसी बीच दर्ज तीनों एफआईआर को पंजाब सरकार ने सीबीआई को सौंप दिया था। सीबीआई ने इस मामले में जांच कर क्लोजर रिपोर्ट तैयार कर ली थी। पंजाब सरकार ने सीबीआई को जांच देने के बाद अपनी मंजूरी वापस ले ली।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि भले ही पंजाब सरकार ने जांच वापस लेने के लिए केंद्र को लिखा था, लेकिन अभी तक इस पर फैसला नहीं लिया गया है। ऐसे में केस की जांच अब भी सीबीआई के पास है। याचिकाकर्ता ने कहा कि जब जांच सीबीआई कर रही है तो ऐसे में पैरलल जांच एसआईटी नहीं कर सकती।
एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट अवैध
याचिकाकर्ता ने कहा कि एसआईटी ने जांच भी इतनी जल्दबाजी में की है जिससे पता लगता है कि राजनीतिक कारणों से ऐसा किया गया है। याचिकाकर्ता ने एसआईटी द्वारा की गई जांच को और उसकी अंतिम रिपोर्ट को अवैध बताते हुए हाईकोर्ट ने इसे खारिज करने की तथा निचली अदालत द्वारा इस जांच रिपोर्ट को स्वीकार करने के फैसले को रद्द करने की मांग की।
हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार व सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है।