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70 लोगों की टीम के साथ फील्ड में उतरी सीएमओ, 102 लोगों को नोटिस
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पंचकूला। शहर में डेंगू के प्रभाव को देखकर सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार शुक्रवार खुद मैदान में उतरीं। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग के 70 अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल रहे। 30 टीमों में कर्मचारियों को बांटा गया। टीम ने शुक्रवार को कुल 4912 घरों में जांच की। इनमें से 130 जगह लारवा मिला। इनमें से टीमों ने 102 लोगों को नोटिस जारी किया। जिले में शुक्रवार को डेंगू के 14 नए मामले सामने आए हैं।
शहर के सेक्टर-15, 19 और 20 में कई दिनों से बुखार और डेंगू के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। इसकी गंभीरता को देखकर सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने तीनों सेक्टरों में शुक्रवार को जांच अभियान चलाया। उनके साथ डिप्टी सीएमओ डॉ. नवजोत तिवाना, बायोलॉजिस्ट अनीता वासुदेवा भी अभियान में शामिल हुईं। इसके अलावा हेल्थ इंस्पेक्टर बलवंत सिंह, जसबीर सिंह, राजेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, संदीप सिंह, जगत सिंह, देवेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुशील कुमार और प्रेमचंद की देखरेख में 30 टीमों ने अभियान को पूरा किया। प्रत्येक टीम में एक एमपीएचडब्ल्यू और एक ब्रीडर चेकर को शामिल किया गया था।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ 3 फोगिंग टीम भी उपस्थित रही। जिस घर में लारवा मिला उसमें और उसके आस-पास के घरों में फोगिंग की गई ताकि मच्छर पैदा न हो सकें और लोग डेंगू का शिकार होने से बच सकें। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को 130 मकानों में लारवा तलाशा। इनमें से ज्यादातर लारवा फ्रीज के पीछे लगी ट्रे और आंगन में रखे गमलों की ट्रे में मिला है। यहां पानी इकट्ठा हो जाता है और मच्छरों को पनपने का पूरा माहौल मिल जाता है। इसलिए गमलों को ट्रे में न रखें और उसमें इतना ही पानी डालें, जितने की पौधे को जरूरत है।
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शहर के सेक्टर-15, 19 और 20 में कई दिनों से बुखार और डेंगू के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। इसकी गंभीरता को देखकर सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने तीनों सेक्टरों में शुक्रवार को जांच अभियान चलाया। उनके साथ डिप्टी सीएमओ डॉ. नवजोत तिवाना, बायोलॉजिस्ट अनीता वासुदेवा भी अभियान में शामिल हुईं। इसके अलावा हेल्थ इंस्पेक्टर बलवंत सिंह, जसबीर सिंह, राजेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, संदीप सिंह, जगत सिंह, देवेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुशील कुमार और प्रेमचंद की देखरेख में 30 टीमों ने अभियान को पूरा किया। प्रत्येक टीम में एक एमपीएचडब्ल्यू और एक ब्रीडर चेकर को शामिल किया गया था।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ 3 फोगिंग टीम भी उपस्थित रही। जिस घर में लारवा मिला उसमें और उसके आस-पास के घरों में फोगिंग की गई ताकि मच्छर पैदा न हो सकें और लोग डेंगू का शिकार होने से बच सकें। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को 130 मकानों में लारवा तलाशा। इनमें से ज्यादातर लारवा फ्रीज के पीछे लगी ट्रे और आंगन में रखे गमलों की ट्रे में मिला है। यहां पानी इकट्ठा हो जाता है और मच्छरों को पनपने का पूरा माहौल मिल जाता है। इसलिए गमलों को ट्रे में न रखें और उसमें इतना ही पानी डालें, जितने की पौधे को जरूरत है।
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