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मेडिकल शिक्षा प्राप्त प्रशासनिक सेवा के अफसर भी करेंगे इलाज: मनोहर

Wed, 28 Apr 2021 09:52 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 28 Apr 2021 09:52 PM IST
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civil service officers will also be done treatment
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कोरोना महामारी के पुन: बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हरियाणा सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ ऑक्सीजन, डॉक्टर, कोविड अस्पताल, टीकाकरण केंद्र, कन्टेनमेंट जोन व कोविड बेड की व्यवस्था कर रही है। मेडिकल शिक्षा प्राप्त प्रशासनिक सेवा के अफसरों को अस्पतालों में भेजा जाएगा तथा एमबीबीएस अंतिम वर्ष एवं पीजी मेडिकल कोर्स कर रहे विद्यार्थियों को भी इलाज के लिए तैनात किया जाएगा।
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चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन की बढ़ी हुई मात्रा अगले दो से तीन दिन में उपलब्ध होनी शुरू हो जाएगी। उड़ीसा से इसे लाने के लिए विशेष ट्रेन रवाना कर दी गई है। विदेशों से ऑक्सीजन कन्संट्रेटर भी पर्याप्त संख्या में मंगवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संकट के समय में सभी प्रदेशवासियों व राजनीतिक दलों से अपील है कि हमें एकजुट होकर इस संकट से बाहर निकलना है। जहां तक बेड की बात है, उन्होंने स्वयं कई जगह जाकर व्यवस्थाएं देखी हैं। पानीपत में 500 बेड का अस्पताल निर्माणाधीन है, जिसके साथ ही ऑक्सीजन का प्लांट है। हिसार के जिंदल स्कूल में 500 बेड का अस्पताल, पीजीआई रोहतक में 650 नये बेड की व्यवस्था की गई है, इनमें से 150 बेड चालू हो गए हैं। फरीदाबाद में 100 बेड की व्यवस्था की जा रही है। गुरुग्राम में एक प्राइवेट कंपनी के गेस्ट हाउस में 250 बेड की व्यवस्था की जा रही है। सेना ने भी फरीदाबाद के मेडिकल कॉलेज के लिए डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध करवाने की पेशकश की है। इसके अलावा, एमबीबीएस अंतिम वर्ष एवं पीजी मेडिकल कोर्स कर रहे विद्यार्थियों को भी इलाज के लिए तैनात किए जाने का कार्य किया जा रहा है। प्रशासनिक सेवा में कार्यरत ऐसे अफसर, जिन्होंने एमबीबीएस एवं अन्य मेडिकल शिक्षा प्राप्त की है, उन्हें भी इस संकट काल में अस्पतालों में आवश्यकतानुसार भेजे जाने की व्यवस्था की जा रही है। कई एनजीओ और वॉलंटियर्स भी आगे आ रहे हैं।
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कोरोना मौतों पर गलत तरीके से पेश किया बयान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछले दिनों जब वह रोहतक दौरे पर थे तो कोरोना के कारण हो रही मौतों के बारे में उनके बयान को कुछ लोगों ने गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने कहा कि वह आमतौर पर खुलकर बोलते हैं, और कभी लीपापोती की भाषा इस्तेमाल नहीं करते। उन्होंने कहा कि एक परिवार में किसी की मृत्यु होती है तो जाने वाले का हर किसी को दुख होना स्वाभाविक है। वह पूरे प्रदेश को अपना परिवार मानते हैं, जब प्रदेश में कोई एक भी मौत होती है तो उसका भी उन्हें दुख होता है। हमें प्रदेश के हर नागरिक को इस महामारी से बचाने का काम करना है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद भुलाकर पूरे समाज को एक साथ मिलकर इस आपदा से पार पाना है।
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रेमडेसिविर की 3000 डोज सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध
उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर की 3000 डोज सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध हैं। निजी अस्पतालों के लिए उपलब्ध स्टॉक के वितरण में कुछ समस्याएं हैं, जिसके समाधान के लिए अलग से अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की यह लहर पिछले वर्ष की तरह नहीं है। पिछले वर्ष प्रतिदिन 3100 मरीजों का अधिकतम आंकड़ा आया था और फरवरी आते-आते यह काफी कम हो गया था। पिछले तीन से चार दिन में प्रदेश में प्रतिदिन 10 से 12 हजार नए कोविड मरीज आ रहे हैं। इसी संख्या को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 वर्ष के अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए पहले चरण में 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पंजीकरण करने वालों के पास मोबाइल पर स्थान और दिन का मैसेज जाएगा। लोग निर्धारित तिथि और स्थान पर जाकर वैक्सीन लगवाएं। उन्होंने कहा कि कोविड से जुड़ी सभी जानकारियों के लिए 1075 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
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