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पेक में 16 को आ सकते हैं राष्ट्रपति
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चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) 16 नवंबर को 100 साल का हो जाएगा। इस दिन मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की संभावनाएं हैं। हालांकि, कार्यक्रम फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन पेक अपनी तैयारियां तेजी से कर रहा है। 9 नवंबर से ही कार्यक्रमों की शुरूआत हो जाएगी। इस दिन को पेक यादगार बनाना चाहता है। इसलिए राष्ट्रपति को बुलाने की ओर जोर दिया जा रहा है।
पेक से कई बड़े इंजीनियर निकले जो देश-दुनिया में एक अलग छाप छोड़ रहे हैं। यह संस्थान अब जल्द सेंचुरी पूरी करने जा रहा है। इस सेंचुरी कार्यक्रम को मनाने के लिए तैयारियां चल रही हैं। पेक में तैयार क्लीन लैब को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा शोध ब्लॉक का भी शुभारंभ हुआ। छात्रावास आदि के निर्माण के लिए भी नींव का पत्थर रखा जा सकता है। यहां की तैयारियों का जायजा लेने हाल ही में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल पेक पहुंचे थे। उन्हें यह सभी चीजें दिखाई गई थीं। बताया जाता है कि राष्ट्रपति पेक में आएंगे तो कई अन्य शिक्षण संस्थान भी उन्हें आने का निमंत्रण देंगे। कई चीजों का उद्घाटन करवा सकते हैं।
पेक को चाहिए 100 करोड़
पेक में संसाधनों का अभाव है। कुछ भवन निर्माण भी होने हैं। शोध के लिए नए रास्ते खोलने हैं। इन सभी कार्यों के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये चाहिए। यदि यह रकम पेक को मिलती है पेक भी आईआईटी या एनआईटी आदि से मुकाबला करेगा। हालांकि, कई एनआईटी को शिक्षा गुणवत्ता में अभी भी यह संस्थान पीछे छोड़ रहा है।
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पेक से कई बड़े इंजीनियर निकले जो देश-दुनिया में एक अलग छाप छोड़ रहे हैं। यह संस्थान अब जल्द सेंचुरी पूरी करने जा रहा है। इस सेंचुरी कार्यक्रम को मनाने के लिए तैयारियां चल रही हैं। पेक में तैयार क्लीन लैब को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा शोध ब्लॉक का भी शुभारंभ हुआ। छात्रावास आदि के निर्माण के लिए भी नींव का पत्थर रखा जा सकता है। यहां की तैयारियों का जायजा लेने हाल ही में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल पेक पहुंचे थे। उन्हें यह सभी चीजें दिखाई गई थीं। बताया जाता है कि राष्ट्रपति पेक में आएंगे तो कई अन्य शिक्षण संस्थान भी उन्हें आने का निमंत्रण देंगे। कई चीजों का उद्घाटन करवा सकते हैं।
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पेक को चाहिए 100 करोड़
पेक में संसाधनों का अभाव है। कुछ भवन निर्माण भी होने हैं। शोध के लिए नए रास्ते खोलने हैं। इन सभी कार्यों के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये चाहिए। यदि यह रकम पेक को मिलती है पेक भी आईआईटी या एनआईटी आदि से मुकाबला करेगा। हालांकि, कई एनआईटी को शिक्षा गुणवत्ता में अभी भी यह संस्थान पीछे छोड़ रहा है।
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