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हुक्का पिलाने वालों पर छोटी कार्रवाई कर पीठ थपथपा रहा प्रशासन, एक का भी लाइसेंस नहीं किया रद्द
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चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने होटल, रेस्टोरेंट व क्लबों में हुक्का परोसने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बावजूद क्लब और रेस्टोरेंट ग्राहकों को हुक्का परोस रहे हैं। बता दें कि कार्रवाई के नाम पर क्लब को तीन दिन के लिए सील कर केस दर्ज कर लिया जाता है, लेकिन अब तक एक का भी लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है। यही वजह है कि क्लब मालिकों के हौसले बुलंद हैं।
मनीमाजरा के कॉमन रूफ कैफे पर हाल के दिनों में तीन बार छापा मारा गया और तीनों बार यहां हुक्का परोसा जा रहा था। क्लब को तीन दिन के लिए सील किया गया, उसके बाद फिर प्रशासन को हुक्का परोसे जाने की शिकायत मिलती रही।
प्रशासन की आबकारी नीति में नियमों को बार-बार तोड़ने वालों का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है, लेकिन प्रशासन ने एक भी क्लब पर ऐसी कार्रवाई नहीं की है। बार, होटल-रेस्टोरेंट, क्लब, डिस्को आदि में फ्लेवर्ड हुक्का के नाम पर तंबाकू युक्त हुक्का परोसा जाता है। कोरोना काल में तीनों एसडीएम ने कई क्लबों पर छापा मारा और हुक्का बरामद किया गया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि हुक्का परोसने वाले क्लबों पर छापामारी की जा रही है और जो क्लब व बार नियमों को अभी भी नहीं मान रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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हुक्का पर पूर्ण प्रतिबंध की तैयारी
कोरोना की वजह से शहर में हुक्का के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन यूटी प्रशासन अब इसे हमेशा के लिए ही बंद करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्रशासन ने पंजाब का हवाला दिया है कि वहां पर पहले से ही हुक्का पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। प्रशासन के प्रस्ताव पर केंद्र ने कुछ बिंदुओं पर प्रशासन की टिप्पणी मांगी है, जिसका जवाब स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार किया जा रहा है। अब तक तीन राज्यों ने हुक्का पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है, जिनमें महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब राज्य शामिल हैं।
इस वर्ष की कई छापामारी
- 10 जनवरी: पाइप एंड बैरेल, सेक्टर-9
- 15 जनवरी: फिंच, सेक्टर-26
- 18 जनवरी: बूमबॉक्स, सेक्टर-9
- 30 जनवरी: बुलेयार्ड क्लब, सेक्टर-26
- 2 फरवरी: रीफ क्लब एंड रेस्टोरेंट, सेक्टर-7
- 10 मार्च: प्लेबॉय, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और सेक्टर-7 के टर्मिनल
- 4 अप्रैल: पाइप एंड बैरेल, सेक्टर-9
- 5 अप्रैल: इलुजन लाउंज एंड बार, सेक्टर-7
- 19 अप्रैल: व्हिस्परिंग ओक्स, किशनगढ़
- 16 जुलाई: ग्राफो, सेक्टर-7
- 21 जुलाई: कॉमन रूफ कैफे, मनीमाजरा
- 30 जुलाई: माफियोशो लाउंज, पिकाडली मॉल, सेक्टर-34
- 1 अगस्त: कॉमन रूफ कैफे, मनीमाजरा
- 19 सितंबर: सनसाइन स्पा, सेंट्रा मॉल, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1
- 24 सितंबर: कॉमन रूफ कैफे, मनीमाजरा
अब तक की बड़ी कार्रवाई
- वर्ष 2019: रात एक बजे के बाद भी क्लब को खोले रखने पर प्लेबॉय क्लब पर 10 लाख का जुर्माना
- अगस्त 2019: आबकारी नीति के नियमों के उल्लंघना पर जेडब्ल्यू मैरियट पर पांच लाख का जुर्माना
- अगस्त 2019: रात एक बजे के बाद भी क्लब चलाने पर पारा क्लब का लाइसेंस निलंबित
- वर्ष 2020 और 2021 में हुक्का परोसने पर कई क्लबों पर छापे और तीन दिन के लिए सील
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मनीमाजरा के कॉमन रूफ कैफे पर हाल के दिनों में तीन बार छापा मारा गया और तीनों बार यहां हुक्का परोसा जा रहा था। क्लब को तीन दिन के लिए सील किया गया, उसके बाद फिर प्रशासन को हुक्का परोसे जाने की शिकायत मिलती रही।
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प्रशासन की आबकारी नीति में नियमों को बार-बार तोड़ने वालों का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है, लेकिन प्रशासन ने एक भी क्लब पर ऐसी कार्रवाई नहीं की है। बार, होटल-रेस्टोरेंट, क्लब, डिस्को आदि में फ्लेवर्ड हुक्का के नाम पर तंबाकू युक्त हुक्का परोसा जाता है। कोरोना काल में तीनों एसडीएम ने कई क्लबों पर छापा मारा और हुक्का बरामद किया गया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि हुक्का परोसने वाले क्लबों पर छापामारी की जा रही है और जो क्लब व बार नियमों को अभी भी नहीं मान रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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हुक्का पर पूर्ण प्रतिबंध की तैयारी
कोरोना की वजह से शहर में हुक्का के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन यूटी प्रशासन अब इसे हमेशा के लिए ही बंद करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्रशासन ने पंजाब का हवाला दिया है कि वहां पर पहले से ही हुक्का पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। प्रशासन के प्रस्ताव पर केंद्र ने कुछ बिंदुओं पर प्रशासन की टिप्पणी मांगी है, जिसका जवाब स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार किया जा रहा है। अब तक तीन राज्यों ने हुक्का पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है, जिनमें महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब राज्य शामिल हैं।
इस वर्ष की कई छापामारी
- 10 जनवरी: पाइप एंड बैरेल, सेक्टर-9
- 15 जनवरी: फिंच, सेक्टर-26
- 18 जनवरी: बूमबॉक्स, सेक्टर-9
- 30 जनवरी: बुलेयार्ड क्लब, सेक्टर-26
- 2 फरवरी: रीफ क्लब एंड रेस्टोरेंट, सेक्टर-7
- 10 मार्च: प्लेबॉय, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और सेक्टर-7 के टर्मिनल
- 4 अप्रैल: पाइप एंड बैरेल, सेक्टर-9
- 5 अप्रैल: इलुजन लाउंज एंड बार, सेक्टर-7
- 19 अप्रैल: व्हिस्परिंग ओक्स, किशनगढ़
- 16 जुलाई: ग्राफो, सेक्टर-7
- 21 जुलाई: कॉमन रूफ कैफे, मनीमाजरा
- 30 जुलाई: माफियोशो लाउंज, पिकाडली मॉल, सेक्टर-34
- 1 अगस्त: कॉमन रूफ कैफे, मनीमाजरा
- 19 सितंबर: सनसाइन स्पा, सेंट्रा मॉल, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1
- 24 सितंबर: कॉमन रूफ कैफे, मनीमाजरा
अब तक की बड़ी कार्रवाई
- वर्ष 2019: रात एक बजे के बाद भी क्लब को खोले रखने पर प्लेबॉय क्लब पर 10 लाख का जुर्माना
- अगस्त 2019: आबकारी नीति के नियमों के उल्लंघना पर जेडब्ल्यू मैरियट पर पांच लाख का जुर्माना
- अगस्त 2019: रात एक बजे के बाद भी क्लब चलाने पर पारा क्लब का लाइसेंस निलंबित
- वर्ष 2020 और 2021 में हुक्का परोसने पर कई क्लबों पर छापे और तीन दिन के लिए सील