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चंडीगढ़: पूछताछ में शराब कारोबारी सिंगला बोला- मेरे सामने डीएसपी के दफ्तर में नहीं हुई कोठी की डील

Sun, 13 Jun 2021 01:30 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 13 Jun 2021 01:30 AM IST
सार

2 मार्च को एफआईआर दर्ज होने के बाद से शराब कारोबारी अरविंद सिंगला और गुरप्रीत सिंह फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों को पकड़ने के लिए पंजाब, महाराष्ट्र, समेत अन्य जगहों पर छापा मारा था। इसके बाद पुलिस ने इन पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया था। हालांकि बीते गुरुवार को गुरप्रीत और फिर शुक्रवार दोपहर अरविंद सिंगला ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। 

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Arvind Singla said during interrogation Kothi deal was not done in front of me in DSP office
आरोपी अरविंद सिंगला ने किया आत्मसमर्पण। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में शराब कारोबारी अरविंद सिंगला ने पूछताछ में एसआईटी के सामने कुछ और अहम खुलासे किए हैं। सिंगला ने बताया कि वह डीएसपी रामगोपाल को जानता है, लेकिन उनके दफ्तर में कोठी से जुड़ी कोई भी डील उसके सामने नहीं हुई और न ही उसे इस बारे में कोई जानकारी है।

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इतना ही नहीं फरार होने के बाद उसका किसी भी आरोपी से कोई संपर्क नहीं रहा। दूसरी तरफ, गुरप्रीत ने भी फरार होने के बाद एक दूसरे के संपर्क में रहने से इनकार किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि दोनों ने 24 घंटे के भीतर ही जिला अदालत में क्यों आत्मसमर्पण किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार अरविंद सिंगला पर गिरफ्तारी का काफी दबाव था, जिसके बाद उसने आत्मसमर्पण किया है।
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पुलिस पूछताछ में सिंगला ने बताया कि वह इस प्रकरण में शामिल सुरजीत बाउंसर को नहीं जानता था। वह वर्ष 2016 से संजीव महाजन के संपर्क में था। पैसों के लालच में आकर वह इस मामले में फंस गया।
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बता दें कि इस केस में अब तक प्रॉपर्टी डीलर अशोक अरोड़ा, कोठी में शेयर रखने वाले खलिंदर सिंह कादियान, कोठी के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वाले दलजीत सिंह, कोठी खरीदार सौरभ और शेखर फरार चल रहे हैं।

एसआईटी ने इन सभी आरोपियों के बारे में सिंगला और गुरप्रीत से पूछताछ की लेकिन ऐसा कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे इन आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

सौरभ और खलिंदर के आत्मसमर्पण की आशंका
पुलिस कयास लगा रही है कि 50-50 हजार के इनामी आरोपी सौरभ गुप्ता और खलिंदर कादियान भी जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर सकते हैं। इन पर कोठी बेचने और खरीदने का आरोप है। एसआईटी ने सौरभ को दबोचने के लिए पटियाला और खलिंदर की धरपकड़ के लिए उत्तर प्रदेश के बरेली में छापा मारा था।

दलजीत की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 16 को
उधर, आरोपी दलजीत सिंह उर्फ रूबल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। अदालत ने सुनवाई करते हुए उसे गिरफ्तारी से दस दिन की राहत दे दी थी लेकिन अब इस याचिका पर 16 जून को सुनवाई है। इसके बाद ही तय हो सकेगा कि दलजीत को एसआईटी गिरफ्तार करेगी या नहीं। वहीं, संजीव महाजन और डीएसपी के भाई सतपाल डागर की जमानत याचिका पर भी 16 जून को फैसला होना है।

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