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Panchkula News: केंद्र का एनएचएम फंड देने से स्पष्ट इन्कार
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चंडीगढ़। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) फंड के 650 करोड़ रुपये के लिए केंद्र सरकार के समक्ष लंबे समय से मांग करती रही पंजाब सरकार को झटका लगा है। केंद्र सरकार ने अब यह पैसा देने से साफ तौर पर इन्कार कर दिया है। केंद्र का कहना है कि यह फंड केवल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के लिए ही दिया जा सकता है, आम आदमी क्लीनिकों (एएसी) के लिए यह फंड नहीं दिया जाएगा। गौरतलब है कि केंद्र ने वर्ष 2022-23 के लिए पंजाब को मिलने वाले एनएचएम फंड के 650 करोड़ रुपये रोके हुए हैं।
केंद्र सरकार के इस रुख से अब राज्य की भगवंत मान सरकार के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है, क्योंकि राज्य के करीब 400 पीएचसी को बंद करके उनके स्थान पर भव्य आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जिनके रखरखाव का सारा खर्च अब राज्य सरकार को ही वहन करना होगा। जानकारी के अनुसार, हाल ही में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह ने जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से मिलकर बकाया फंड की मांग की तो उन्होंने फंड से जुड़ी तकनीकी शर्तें गिना दीं और साफ कर दिया कि फंड केवल पीएचसी के लिए दिया जा सकता है। पंजाब में सरकार ने इनका नाम बदलकर आम आदमी क्लीनिक ही नहीं किया बल्कि इनकी इमारतों का रंग भी बदलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के फोटो लगा दिए हैं। पीएचसी के जरिये ही आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को चलाया जाता है।
इस बीच, केंद्र के ताजा रुख के बाद पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने नया तरीका ढूंढना शुरू कर दिया है। बीते सप्ताह स्वास्थ्य निदेशक की अध्यक्षता में हुई सिविल सर्जनों की बैठक में विचार-विमर्श के बाद यह तय किया गया है कि जिन स्थानों पर संभव हो वहां एएसी के साथ ही पीएचसी को भी सक्रिय किया जाए। सूत्रों के अनुसार, सिविल सर्जनों को अपने क्षेत्रों में एएसी के निकट खाली जमीन या भवन तलाशने को कहा गया है, जहां पीएचसी के बोर्ड लगाए जा सकें और उनमें स्वास्थ्य सुविधाओं संबंधी रिकाॅर्ड पेश किया जा सके। एक सिविल सर्जन ने बताया कि इस तरह खोले जाने वाले पीएचसी पर मुख्यमंत्री की फोटो नहीं होगी और इनका रंग-रूप भी पुराने पीएचसी के समान ही होगा। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री ने इतना ही कहा कि केंद्र सरकार से एनएचएम फंड की राशि रिलीज कराने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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पीएचसी को एएसी में बदलने पर आए खर्च की भरपाई कौन करेगाः बाजवा
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने एक और यू-टर्न ले लिया है। मान सरकार अब आम आदमी क्लीनिकों (एएसी) की जगह फिर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोलने पर विचार कर रही है। बुधवार को जारी एक बयान में बाजवा ने कहा कि ऐसा लगता है कि आप ने समझ लिया है और उसे पीएचसी ही खोलने होंगे। बाजवा ने कहा- देर आयद दुरुस्त आयद। हालांकि आप सरकार को यह भी बताना चाहिए कि पीएचसी को एएसी में बदलने पर किए गए खर्च के लिए कौन जिम्मेदार होगा? क्या आम आदमी पार्टी इसे अपने पार्टी फंड से इसकी भरपाई करेगी?
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केंद्र सरकार के इस रुख से अब राज्य की भगवंत मान सरकार के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है, क्योंकि राज्य के करीब 400 पीएचसी को बंद करके उनके स्थान पर भव्य आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जिनके रखरखाव का सारा खर्च अब राज्य सरकार को ही वहन करना होगा। जानकारी के अनुसार, हाल ही में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह ने जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से मिलकर बकाया फंड की मांग की तो उन्होंने फंड से जुड़ी तकनीकी शर्तें गिना दीं और साफ कर दिया कि फंड केवल पीएचसी के लिए दिया जा सकता है। पंजाब में सरकार ने इनका नाम बदलकर आम आदमी क्लीनिक ही नहीं किया बल्कि इनकी इमारतों का रंग भी बदलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के फोटो लगा दिए हैं। पीएचसी के जरिये ही आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को चलाया जाता है।
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इस बीच, केंद्र के ताजा रुख के बाद पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने नया तरीका ढूंढना शुरू कर दिया है। बीते सप्ताह स्वास्थ्य निदेशक की अध्यक्षता में हुई सिविल सर्जनों की बैठक में विचार-विमर्श के बाद यह तय किया गया है कि जिन स्थानों पर संभव हो वहां एएसी के साथ ही पीएचसी को भी सक्रिय किया जाए। सूत्रों के अनुसार, सिविल सर्जनों को अपने क्षेत्रों में एएसी के निकट खाली जमीन या भवन तलाशने को कहा गया है, जहां पीएचसी के बोर्ड लगाए जा सकें और उनमें स्वास्थ्य सुविधाओं संबंधी रिकाॅर्ड पेश किया जा सके। एक सिविल सर्जन ने बताया कि इस तरह खोले जाने वाले पीएचसी पर मुख्यमंत्री की फोटो नहीं होगी और इनका रंग-रूप भी पुराने पीएचसी के समान ही होगा। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री ने इतना ही कहा कि केंद्र सरकार से एनएचएम फंड की राशि रिलीज कराने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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पीएचसी को एएसी में बदलने पर आए खर्च की भरपाई कौन करेगाः बाजवा
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने एक और यू-टर्न ले लिया है। मान सरकार अब आम आदमी क्लीनिकों (एएसी) की जगह फिर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोलने पर विचार कर रही है। बुधवार को जारी एक बयान में बाजवा ने कहा कि ऐसा लगता है कि आप ने समझ लिया है और उसे पीएचसी ही खोलने होंगे। बाजवा ने कहा- देर आयद दुरुस्त आयद। हालांकि आप सरकार को यह भी बताना चाहिए कि पीएचसी को एएसी में बदलने पर किए गए खर्च के लिए कौन जिम्मेदार होगा? क्या आम आदमी पार्टी इसे अपने पार्टी फंड से इसकी भरपाई करेगी?