{"_id":"6148f56d8ebc3edacc1be0fe","slug":"central-govt-said-paddy-will-be-purchased-from-old-policy-panchkula-news-pkl427461933","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा : पुरानी पॉलिसी से होगी धान की खरीद, मिलर्स मानने को तैयार नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा : पुरानी पॉलिसी से होगी धान की खरीद, मिलर्स मानने को तैयार नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। धान खरीद को लेकर राइस मिलर्स और हरियाणा सरकार में टकराव के आसार बन गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा पुरानी पॉलिसी से धान खरीद के आदेश जारी करने के बावजूद मिलर्स मानने को तैयार नहीं हैं। मिलर्स का कहना है कि जब तक हरियाणा सरकार सीजन के बीच में पॉलिसी नहीं बदलने और सहमति वाली मांगों को लिखित में नहीं देती, वे नहीं मानेंगे। आगामी रणनीति को लेकर हरियाणा की दोनों मिलर्स एसोसिएशनों ने अलग-अलग बैठकें बुलाई हैं। इसके बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा।
राइस मिलर्स को आशंका थी कि इस बार धान खरीद को लेकर एफसीआई ने नई नीति बनाई है। इसके तहत, 25 प्रतिशत टुकड़ा, 3 प्रतिशत डैमेज, 3 प्रतिशत डिस्कलर और 15 प्रतिशत नमी को घटाकर क्रमश: 20, 2, 2 और 14 प्रतिशत किया है। इसको लेकर मिलर्स एसोसिएशन दस दिन पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ बैठक भी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्र से बात कर समाधान का आश्वासन दिया था और कुछ मांगों पर मौखिक सहमति भी बनी थी। केंद्र ने पत्र जारी कर दिया है, लेकिन प्रदेश सरकार की तरफ से कोई पत्र जारी नहीं हुआ है।
पत्र जारी, फिर भी फंसा पेंच
सोमवार को केंद्र सरकार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है इस बार धान खरीद 2020-21 की पॉलिसी के अनुसार ही होगी। हालांकि, पत्र में ये भी कहा गया है कि यह पॉलिसी तब तक ही लागू रहेगी, जब तक कि भारत सरकार द्वारा अन्यथा सूचित नहीं किया जाता है। इसी बात को लेकर मिलर्स अड़ गए हैं। मिलर्स को आशंका है कि सीजन के बीच में नई पॉलिसी जारी कर दी गई तो वे क्या करेंगे।
विज्ञापन
करनाल में आज, 26 को कुरुक्षेत्र में जुटेंगे मिलर्स
हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अमरजीत छाबड़ा ने बताया कि करनाल में 21 सितंबर को होने वाली बैठक में खरीद पॉलिसी समेत अन्य मांगों को लेकर बैठक में मंथन किया जाएगा। कार्यकारिणी के सदस्यों से तमाम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और फिर मांगें सरकार के सामने रखी जाएंगी। उधर, हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विनोद गोयल ने बताया कि मिलर्स करनाल की बैठक से एसो. का कोई लेना देना नहीं है, मिलर्स की बैठक 26 को कुरुक्षेत्र में होगी। इसी में आगामी फैसला लिया जाएगा।
लिखित में दे प्रदेश सरकार
मिलर्स प्रदेश सरकार से ये लिखित में आश्वासन चाहते हैं कि सीजन के बीच में कोई आदेश नहीं बदले जाएंगे। तमाम मुद्दों को लेकर 26 सितंबर को कुरुक्षेत्र में फैसला लिया जाएगा। लिखित में मांगें नहीं मानी तो उनका विरोध जारी रहेगा। - विनोद गोयल, उपाध्यक्ष, हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन।
विज्ञापन
राइस मिलर्स को आशंका थी कि इस बार धान खरीद को लेकर एफसीआई ने नई नीति बनाई है। इसके तहत, 25 प्रतिशत टुकड़ा, 3 प्रतिशत डैमेज, 3 प्रतिशत डिस्कलर और 15 प्रतिशत नमी को घटाकर क्रमश: 20, 2, 2 और 14 प्रतिशत किया है। इसको लेकर मिलर्स एसोसिएशन दस दिन पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ बैठक भी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्र से बात कर समाधान का आश्वासन दिया था और कुछ मांगों पर मौखिक सहमति भी बनी थी। केंद्र ने पत्र जारी कर दिया है, लेकिन प्रदेश सरकार की तरफ से कोई पत्र जारी नहीं हुआ है।
विज्ञापन
पत्र जारी, फिर भी फंसा पेंच
सोमवार को केंद्र सरकार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है इस बार धान खरीद 2020-21 की पॉलिसी के अनुसार ही होगी। हालांकि, पत्र में ये भी कहा गया है कि यह पॉलिसी तब तक ही लागू रहेगी, जब तक कि भारत सरकार द्वारा अन्यथा सूचित नहीं किया जाता है। इसी बात को लेकर मिलर्स अड़ गए हैं। मिलर्स को आशंका है कि सीजन के बीच में नई पॉलिसी जारी कर दी गई तो वे क्या करेंगे।
विज्ञापन
करनाल में आज, 26 को कुरुक्षेत्र में जुटेंगे मिलर्स
हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अमरजीत छाबड़ा ने बताया कि करनाल में 21 सितंबर को होने वाली बैठक में खरीद पॉलिसी समेत अन्य मांगों को लेकर बैठक में मंथन किया जाएगा। कार्यकारिणी के सदस्यों से तमाम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और फिर मांगें सरकार के सामने रखी जाएंगी। उधर, हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विनोद गोयल ने बताया कि मिलर्स करनाल की बैठक से एसो. का कोई लेना देना नहीं है, मिलर्स की बैठक 26 को कुरुक्षेत्र में होगी। इसी में आगामी फैसला लिया जाएगा।
लिखित में दे प्रदेश सरकार
मिलर्स प्रदेश सरकार से ये लिखित में आश्वासन चाहते हैं कि सीजन के बीच में कोई आदेश नहीं बदले जाएंगे। तमाम मुद्दों को लेकर 26 सितंबर को कुरुक्षेत्र में फैसला लिया जाएगा। लिखित में मांगें नहीं मानी तो उनका विरोध जारी रहेगा। - विनोद गोयल, उपाध्यक्ष, हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन।