{"_id":"6a2c6d07a9881e32ce0e2705","slug":"cbi-files-two-charge-sheets-in-idfc-bank-scam-panchkula-news-c-16-1-pkl1006-1044157-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: आईडीएफसी बैंक घोटाले में सीबीआई के दो आरोप पत्र दाखिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: आईडीएफसी बैंक घोटाले में सीबीआई के दो आरोप पत्र दाखिल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी फंड के कथित गबन मामलों में कार्रवाई, जांच अभी जारी
पंचकूला और चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालतों में पेश किए गए आरोप पत्र
हरियाणा मामले में 504 करोड़ और चंडीगढ़ मामले में 153 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप
बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों को बनाया गया आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला/चंडीगढ़। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) मामलों में दो अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए हैं। एजेंसी ने हरियाणा मामले का आरोप पत्र पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में, जबकि चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी मामले का आरोप पत्र चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया है।
सीबीआई के अनुसार, हरियाणा सरकार के धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में दो निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है जिन्हें अपराध से अर्जित धन का लाभार्थी बताया गया है। यह इस मामले में एजेंसी का दूसरा आरोप पत्र है। इससे पहले सीबीआई 15 आरोपियों और कंपनियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। इनमें तीन सरकारी कर्मचारी, छह बैंक अधिकारी, दो कंपनियां और चार निजी व्यक्ति शामिल थे।
वहीं, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले में सात लोगों के खिलाफ पहला आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इनमें पांच बैंक अधिकारी, सीएससीएल का एक अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल हैं। सीबीआई ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, धोखाधड़ी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, हरियाणा सरकार से जुड़े मामले में कथित अनियमितताओं के कारण लगभग 504 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड मामले में 153 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति का अनुमान है। सीबीआई ने यह मामला हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और चंडीगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा से अपने हाथ में लिया था। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इन मामलों में और भी आरोप पत्र दाखिल किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
निगम के पूर्व अकाउंट ऑफिसर सुरिंदर जैन गिरफ्तार
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक गबन मामले में सीबीआई ने पंचकूला नगर निगम के पूर्व अकाउंट ऑफिसर सुरिंदर जैन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जानकारी के मुताबिक सुरिंदर जैन के कार्यकाल के दौरान ही आईडीएफसी बैंक में पंचकूला नगर निगम का 80 करोड़ रुपया ट्रांसफर किया गया था। सीबीआई 80 करोड़ के इस ट्रांसफर करने में पूर्व अकाउंट ऑफिसर के अलावा जिन भी किसी अधिकारी या कर्मचारी की भागीदारी रही है उसे जल्द ही गिरफ्तार करेगी।
विज्ञापन
पंचकूला और चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालतों में पेश किए गए आरोप पत्र
हरियाणा मामले में 504 करोड़ और चंडीगढ़ मामले में 153 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप
बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों को बनाया गया आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला/चंडीगढ़। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) मामलों में दो अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए हैं। एजेंसी ने हरियाणा मामले का आरोप पत्र पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में, जबकि चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी मामले का आरोप पत्र चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया है।
सीबीआई के अनुसार, हरियाणा सरकार के धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में दो निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है जिन्हें अपराध से अर्जित धन का लाभार्थी बताया गया है। यह इस मामले में एजेंसी का दूसरा आरोप पत्र है। इससे पहले सीबीआई 15 आरोपियों और कंपनियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। इनमें तीन सरकारी कर्मचारी, छह बैंक अधिकारी, दो कंपनियां और चार निजी व्यक्ति शामिल थे।
विज्ञापन
वहीं, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले में सात लोगों के खिलाफ पहला आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इनमें पांच बैंक अधिकारी, सीएससीएल का एक अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल हैं। सीबीआई ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, धोखाधड़ी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, हरियाणा सरकार से जुड़े मामले में कथित अनियमितताओं के कारण लगभग 504 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड मामले में 153 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति का अनुमान है। सीबीआई ने यह मामला हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और चंडीगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा से अपने हाथ में लिया था। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इन मामलों में और भी आरोप पत्र दाखिल किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
निगम के पूर्व अकाउंट ऑफिसर सुरिंदर जैन गिरफ्तार
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक गबन मामले में सीबीआई ने पंचकूला नगर निगम के पूर्व अकाउंट ऑफिसर सुरिंदर जैन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जानकारी के मुताबिक सुरिंदर जैन के कार्यकाल के दौरान ही आईडीएफसी बैंक में पंचकूला नगर निगम का 80 करोड़ रुपया ट्रांसफर किया गया था। सीबीआई 80 करोड़ के इस ट्रांसफर करने में पूर्व अकाउंट ऑफिसर के अलावा जिन भी किसी अधिकारी या कर्मचारी की भागीदारी रही है उसे जल्द ही गिरफ्तार करेगी।