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गर्व: एशियन गेम्स में पंचकूला की प्रांजल ने सोना जीत लहराया परचम, कोच को दिया श्रेय
Tue, 31 Aug 2021 10:15 AM IST
निवेदिता वर्मा
दीपक शाही, अमर उजाला, पंचकूला
दीपक शाही, अमर उजाला, पंचकूला
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 31 Aug 2021 10:15 AM IST
सार
पंचकूला सेक्टर-21 पुलिस लाइन में रहने वाली प्रांजल स्कूल नेशनल और नेशनल चैंपियनशिप में 2017 से लगातार स्वर्ण पदक जीतकर नेशनल चैंपियन बनती आई हैं। इसके अलावा खेलो इंडिया में दो बार रजत और एक बार कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
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अपने कोच के साथ प्राजंल।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दुबई में चल रही एशियन यूथ एवं जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पंचकूला की बेटी प्रांजल ने स्वर्ण पदक जीतकर परचम लहरा दिया है। महज पांच साल के खेल कॅरिअर में राज्य स्तरीय खिलाड़ी से प्रांजल एशियन चैंपियन बन गई हैं। प्रांजल ने 4-1 से विजय हासिल की। प्रांजल की सफलता में ताऊ देवी लाल खेल नर्सरी के बॉक्सिंग कोच वीरेंद्र डांगी का हाथ है। महज आठ साल की उम्र से प्रांजल उनसे बॉक्सिंग के गुर सीख रही हैं।
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कोच वीरेंद्र ने बताया कि प्रांजल में गजब की प्रतिभा है। 17 से 31 अगस्त तक दुबई में आयोजित चैंपियनशिप में अंडर 17 कैटेगरी के 70 से 75 किलो भारवर्ग में प्रांजल ने स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले सोनीपत में 25 से 31 जुलाई तक आयोजित नेशनल जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतकर प्रांजल ने अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। इसी प्रदर्शन के आधार पर एशियन गेम्स में उसका चयन हुआ था।
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डांगी ने बताया कि प्रांजल यही प्रदर्शन जारी रखती हैं तो वह दिन दूर नहीं जब वह ओलंपिक में भी पदक अपने नाम करेगी। प्रांजल के पिता संदीप कुमार सीआईडी में एएसआई के पद पर तैनात हैं जबकि मां सुदेश गृहिणी हैं। पिता और मां सुबह चार बजे उसे लेकर अभ्यास के लिए बॉक्सिंग रिंग में पहुंच जाते हैं।
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गले में पदक डाला तो गुरु की आंखों से बहे आंसू
वीरेंद्र डांगी ने बताया कि जुलाई 2021 में जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मैं प्रांजल के साथ पानीपत गया था। रिंग में लगातार उसका हौसला बढ़ाता रहा। यहां प्रांजल ने एकतरफा मुकाबला जीता। अपने प्रतिद्वंद्वी को 5-0 से शिकस्त दी। रिंग से बाहर निकलते ही उसने अपना पदक मेरे गले में डाला और बोली-यह आपकी पांच साल की मेहनत का नतीजा है। मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था। आंखों में आंसू आ गए। उसी समय प्रांजल ने वादा किया था कि एशियन गेम्स में चैंपियन बनकर लौटूंगी। आज उसने अपना वादा पूरा कर दिया है।
2017 से नेशनल में लगातार गोल्डन पंच
पंचकूला सेक्टर-21 पुलिस लाइन में रहने वाली प्रांजल स्कूल नेशनल और नेशनल चैंपियनशिप में 2017 से लगातार स्वर्ण पदक जीतकर नेशनल चैंपियन बनती आई हैं। इसके अलावा खेलो इंडिया में दो बार रजत और एक बार कांस्य पदक जीत चुकी हैं। हरियाणा सरकार ने प्रांजल को इन खेलों के आधार पर पांच लाख रुपये नकद इनाम भी दिया है। प्रांजल का अगला लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप है।
पिता ने कहा बेटी से ओलंपिक में पदक की उम्मीद
प्रांजल के पिता संदीप कुमार ने बताया कि प्रांजल की प्रेरणा उसके चाचा विकास यादव हैं। वह तीन बार के ओलंपियन हैं। उनसे ही बॉक्सिंग की प्रेरणा मिली। हमारी इच्छा है कि बेटी वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लाए।