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पंचकूला में कायदा कानून ताक पर, बिंदास चल रहे ऑटो
ब्यूरो, अमर उजाला, पंचकूला
Updated Tue, 19 Jul 2016 09:58 AM IST
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पंचकूला में रोजाना ऑटों चालकों की लापरवाली व मनमानी
- फोटो : अमर उजाला
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पंचकूला के स्कूली बच्चों को ऑटो में बदतर हालत में ढोया जा रहा है। एक तो ऑटो की हालत एकदम पस्त होती है और दूसरे नियम कायदे ताक पर रखकर इनमें बच्चों को लाद लिया जाता है। नतीजा जरा सा बैलेंस बिगड़ा कि हादसा तय है। पंचकूला के निजी स्कूलों के बच्चों को लाने ले जाने के लिए करीब तीन सौ से ज्यादा ऑटो लगे हैं। ये ऑटो चालक अभिभावकों से जबरदस्त परिवहन शुल्क वसूलते हैं। लेकिन बच्चों की सुरक्षा के मामले में ये सुप्रीम कोर्ट के सख्त दिशा निर्देशों को नजरअंदाज कर रहे हैं। न तो आरएलए और न ही ट्रैफिक पुलिस ऑटो वालों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठा रही है। अमर उजाला पंचकूला की टीम ने स्कूली वाहनों का जायजा लिया तो कई ऐसी ही तस्वीरें आईं। ओवरलोडेड ऑटो चालक सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। थ्री सीटर ऑटो में तीन से अधिक सवारियां बिठाने पर ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की तरफ से चालान काट दिया जाता है। लेकिन एक ऑटो में आधा दर्जन से अधिक बच्चों को लादकर ले जा रहे ऑटो वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
रिक्शे वाले भी कम नहीं
बस, वैन और ऑटो तो नियम तोड़ रहे हैं। इस काम में रिक्शे वाले भी पीछे नहीं हैं। एक रिक्शे में सात से आठ बच्चों को ढोया जा रहा है।
ओवरस्पीड से चलते हैं
नियमानुसार स्कूली वाहनों में चालक की सीट के पास स्पीड अलार्म की व्यवस्था होनी चाहिए। जिससे गति अधिक होने पर शिक्षक या बस इंचार्ज को पता चल सके और गति नियंत्रण के लिए चालक को दिशा-निर्देश दिए जा सकें।
आखिर किसके भरोसे हैं आपके बच्चे
जिन स्कूली वाहनों में आप अपने बच्चों को भेज रहे हैं, उनके चालक और परिचालक के बारे में शायद ही आपको जानकारी होगी। स्कूली वाहनों में सुरक्षा की दृष्टि से यह एक बड़ी चूक है। चालकों के वेरिफिकेशन के नाम पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। अधिकांश बच्चे प्राइवेट वाहनों से सफर करते हैं, लेकिन इनके चालकों की वेरिफिकेशन का ख्याल न तो स्कूलों वालों को है और न ही अभिभावकों को।
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ऑटो के लिए नियम
ऑटो और वैन के लिए ऑन ड्यूटी स्कूल लिखा होना चाहिए।
ऑटो में पांच बच्चे ही बिठाए जाने चाहिए
ऑटो में दोनों तरफ स्थायी जाली लगी होनी चाहिए।
स्कूल बसों के लिए सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन
स्कूल वाहन पीले रंग के होने चाहिए।
स्कूली वाहन पर स्कूल का नाम और नंबर लिखा होना चाहिए।
गति नियंत्रण के लिए स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए।
खिड़कियों में ग्रिल होना चाहिए।
वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध होना चाहिए।
वाहन में अग्निशमन यंत्र भी लगा होना चाहिए।
कोट्स
ओवर लोडेड ऑटो चालकों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिस को दिशा निर्देश दिए गए हैं कि कहीं पर ऑटो चालक ओवरलोडिंग करते दिखे तो तुरंत चालान किया जाए।
-मुनीष सहगल, एसीपी ट्रैफिक पंचकूला।
कोट्स
अगर स्कूल ऑटो चालक ओवर लोडिंग कर रहे हैं तो जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। जल्द ही स्कूल बसों और ऑटो की चेकिंग की जाएगी।
-अमरजीत सिंह, आरटीओ (रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर) पंचकूला।
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रिक्शे वाले भी कम नहीं
बस, वैन और ऑटो तो नियम तोड़ रहे हैं। इस काम में रिक्शे वाले भी पीछे नहीं हैं। एक रिक्शे में सात से आठ बच्चों को ढोया जा रहा है।
ओवरस्पीड से चलते हैं
नियमानुसार स्कूली वाहनों में चालक की सीट के पास स्पीड अलार्म की व्यवस्था होनी चाहिए। जिससे गति अधिक होने पर शिक्षक या बस इंचार्ज को पता चल सके और गति नियंत्रण के लिए चालक को दिशा-निर्देश दिए जा सकें।
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आखिर किसके भरोसे हैं आपके बच्चे
जिन स्कूली वाहनों में आप अपने बच्चों को भेज रहे हैं, उनके चालक और परिचालक के बारे में शायद ही आपको जानकारी होगी। स्कूली वाहनों में सुरक्षा की दृष्टि से यह एक बड़ी चूक है। चालकों के वेरिफिकेशन के नाम पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। अधिकांश बच्चे प्राइवेट वाहनों से सफर करते हैं, लेकिन इनके चालकों की वेरिफिकेशन का ख्याल न तो स्कूलों वालों को है और न ही अभिभावकों को।
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ऑटो के लिए नियम
ऑटो और वैन के लिए ऑन ड्यूटी स्कूल लिखा होना चाहिए।
ऑटो में पांच बच्चे ही बिठाए जाने चाहिए
ऑटो में दोनों तरफ स्थायी जाली लगी होनी चाहिए।
स्कूल बसों के लिए सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन
स्कूल वाहन पीले रंग के होने चाहिए।
स्कूली वाहन पर स्कूल का नाम और नंबर लिखा होना चाहिए।
गति नियंत्रण के लिए स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए।
खिड़कियों में ग्रिल होना चाहिए।
वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध होना चाहिए।
वाहन में अग्निशमन यंत्र भी लगा होना चाहिए।
कोट्स
ओवर लोडेड ऑटो चालकों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिस को दिशा निर्देश दिए गए हैं कि कहीं पर ऑटो चालक ओवरलोडिंग करते दिखे तो तुरंत चालान किया जाए।
-मुनीष सहगल, एसीपी ट्रैफिक पंचकूला।
कोट्स
अगर स्कूल ऑटो चालक ओवर लोडिंग कर रहे हैं तो जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। जल्द ही स्कूल बसों और ऑटो की चेकिंग की जाएगी।
-अमरजीत सिंह, आरटीओ (रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर) पंचकूला।