फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   All nine accused, including a former ACP, acquitted in an 11-year-old honeytrap and Rs 40 lakh extortion case.

Panchkula News: 11 साल पुराने हनीट्रैप और 40 लाख की रंगदारी के मामले में पूर्व एसीपी समेत सभी नौ आरोपी बरी

Wed, 29 Jul 2026 02:09 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2026 02:09 AM IST
विज्ञापन
All nine accused, including a former ACP, acquitted in an 11-year-old honeytrap and Rs 40 lakh extortion case.
विशेष अदालत ने कहा- अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में रहा नाकाम, साक्ष्यों के अभाव में मिला संदेह का लाभ
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। वर्ष 2015 के चर्चित हनीट्रैप और कथित 40 लाख रुपये रंगदारी मामले में विशेष अदालत ने पूर्व एसीपी देश बंधु, दो तत्कालीन पुलिसकर्मियों और मुख्य महिला आरोपी समेत सभी नौ आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने 159 पन्नों के फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं हो पाया। साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 53 गवाहों के बयान दर्ज कराए थे। वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि यह मामला पुलिस अधिकारियों के बीच प्रशासनिक विवाद और आपसी रंजिश का परिणाम था। अदालत ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया।
विज्ञापन

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि रिश्वत मांगने, रंगदारी वसूलने या आपराधिक साजिश रचने के आरोपों की पुष्टि के लिए कोई ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन


कारोबारी की फेसबुक के माध्यम से महिला से हुई थी दोस्ती
मई 2015 में अंबाला के एक कारोबारी की फेसबुक के माध्यम से एक महिला से दोस्ती हुई थी। बातचीत के बाद महिला ने कारोबारी को पंचकूला स्थित अपने घर बुलाया। इसके बाद महिला ने कारोबारी के खिलाफ चंडीमंदिर थाने में नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि बाद में मामला खत्म कराने के नाम पर कारोबारी से 40 से 50 लाख रुपये की मांग की गई। कारोबारी के परिवार की शिकायत के बाद गठित एसआईटी ने मामले की जांच की। जांच में दुष्कर्म के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी, जिसके बाद कारोबारी के खिलाफ दर्ज मामला रद्द कर दिया गया। इसके बाद महिला, उसके पति, कथित बिचौलियों और कुछ तत्कालीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। करीब 11 वर्ष तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed