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दिल्ली फतह के बाद केजरीवाल के हौंसले बुलंद, अब हरियाणा में ताकत झोंकेगी 'आप', रणनीति तैयार

Wed, 12 Feb 2020 01:01 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 12 Feb 2020 01:01 PM IST
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AAP will prove their power in Haryana after win in Delhi Assembly Election
अरविंद केजरीवाल - फोटो : Twitter
दिल्ली में भारी बहुमत से दोबारा सरकार बनाने के बाद आम आदमी पार्टी के हौसले हरियाणा में भी बुलंद हैं। पार्टी की प्रदेश इकाई अब यहां संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोेंकेगी। धरातल तक पार्टी की पहुंच बनाने के साथ ही भविष्य में अधिक से अधिक लोगों को साथ जोड़ने का लक्ष्य रहेगा। पार्टी अभी से आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटेगी।
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दिल्ली मॉडल के सहारे भी हरियाणा में पैठ बनाने और उसे मजबूत करने के लिए जोर लगाया जाएगा। दिल्ली से सटे विधानसभा क्षेत्रों पर आम आदमी पार्टी ज्यादा से ज्यादा फोकस करेगी। आने वाले दिनों में पार्टी सदस्यता अभियान भी शुरू कर सकती है। जिसके तहत नए सदस्य बनाने के साथ ही वालंटियर भी बनाए जाएंगे।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मूल रूप से भिवानी जिले के सिवानी के ही रहने वाले हैं। उनका बचपन भिवानी के अलावा हिसार व सोनीपत में गुजरा हुआ है। सोनीपत व हिसार में उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई की है। उनके अनेक परिचित यहां पर हैं। जिसका भी आम आदमी पार्टी पूरा फायदा उठाना चाहती है।
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दिल्ली के साथ ही पार्टी आने वाले दिनों में हरियाणा में भी केजरीवाल की जनसभाएं व कार्यक्रम करा सकती है। केजरीवाल हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार को शिक्षा व स्वास्थ्य पर घेर चुके हैं। उन्होंने स्कूलों व स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा कर सरकार पर सवाल उठाए थे। साथ ही दिल्ली के स्कूलों व मोहल्ला क्लीनिक का दौरा करने की बात कही थी।

उस समय सीएम मनोहर लाल और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने केजरीवाल पर पलटवार किया था। अब केजरीवाल दिल्ली मॉडल को आधार बनाकर हरियाणा सरकार को फिर निशाने पर ले सकते हैं। चूंकि, प्रदेश के सरकारी स्कूलों व अस्पतालों की स्थिति उतनी बेहतर नहीं है, जितनी होनी चाहिए।


इसलिए आप अब हरियाणा में भी केजरीवाल का पूरा फायदा उठाते हुए संगठन को मजबूत करने पर फोकस करेगी। पार्टी ने हरियाणा में अब तक एक भी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। 2014 व 2019 के लोकसभा चुनाव में कुछ सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी उम्मीद मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। अब दिल्ली में जीत से उत्साहित आप दोबारा प्रदेश में पूरा जोर लगाएगी।
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