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Panchkula News: आप नेता मनीष सिसोदिया ने दिवंगत आईपीएस वाई पूरण कुमार के लिए की न्याय की मांग
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चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सिसोदिया ने उनके परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि पूरण कुमार के आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर एक आईपीएस अधिकारी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा सकता है तो आम दलित नागरिकों की क्या स्थिति होगी।
सिसोदिया ने कहा कि सम्मानित परिवार के एक पढ़े-लिखे बेटे को आत्महत्या करने के लिए सिर्फ इसलिए मजबूर किया गया क्योंकि वह दलित था। अधिकारियों ने उनके शरीर के साथ जिस तरह व्यवहार किया और उसके बाद अब जिस तरह की कार्रवाई चल रही है वह बहुत गंभीर सवाल खड़े करती है। सच्चाई को छिपाने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है।
सिसोदिया ने आरोप लगाया कि जब दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से आगे बढ़ रही है उस समय देश की सत्तारूढ़ लीडरशिप हमें जात-पात के अंधेरे में वापस धकेल रही है। भारत के चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती है। यह सब मौजूदा हालात पर बड़े सवाल करता है।
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उन्होंने कहा कि आईपीएस वाई पूरण कुमार की मौत की तत्काल और पारदर्शी जांच के साथ पूरे मामले को दबाने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर सख्त सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने मामले में उत्पीड़न या हस्तक्षेप करने वाले अधिकारियों को निलंबित करने की भी मांग की है।
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सिसोदिया ने उनके परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि पूरण कुमार के आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर एक आईपीएस अधिकारी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा सकता है तो आम दलित नागरिकों की क्या स्थिति होगी।
सिसोदिया ने कहा कि सम्मानित परिवार के एक पढ़े-लिखे बेटे को आत्महत्या करने के लिए सिर्फ इसलिए मजबूर किया गया क्योंकि वह दलित था। अधिकारियों ने उनके शरीर के साथ जिस तरह व्यवहार किया और उसके बाद अब जिस तरह की कार्रवाई चल रही है वह बहुत गंभीर सवाल खड़े करती है। सच्चाई को छिपाने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है।
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सिसोदिया ने आरोप लगाया कि जब दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से आगे बढ़ रही है उस समय देश की सत्तारूढ़ लीडरशिप हमें जात-पात के अंधेरे में वापस धकेल रही है। भारत के चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती है। यह सब मौजूदा हालात पर बड़े सवाल करता है।
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उन्होंने कहा कि आईपीएस वाई पूरण कुमार की मौत की तत्काल और पारदर्शी जांच के साथ पूरे मामले को दबाने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर सख्त सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने मामले में उत्पीड़न या हस्तक्षेप करने वाले अधिकारियों को निलंबित करने की भी मांग की है।