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कालका-पिंजौर कांप्लेक्स के पास काटे प्लाट
Panchkula
Updated Sun, 20 Jan 2013 05:31 AM IST
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पंचकूला। कालका-पिंजौर अरबन कांप्लेक्स से सटे इलाके में करीब 400 बीघा कृषि भूमि पर प्लाट काटकर कालोनी बनाने का मामला सामने आया है। प्रापर्टी डीलरों ने इसका नक्शा बनाकर जमीन को पूरी सपाट कर दी। जमीन पर लगे कई पेड़ों को भी काट दिया गया। जहां सड़कें बननी थीं, वहां पर भूमि को सपाट और साफ कर दिया गया। रजिस्ट्री होने वाली थी कि इसकी सूचना किसी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उपायुक्त आशिमा बराड़ को दे दी। उपायुक्त ने मामले को डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर (डीटीपी) को सौंप कर जांच करने को कहा है। डीटीपी ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में यह साबित हो गया है कि इस भूमि पर कुछ लोग धांधली करने वाले थे। फिलहाल किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
हुडा के कालका-पिंजौर अरबन कांप्लेक्स से सटे गांव नग्गल भागा और कंडिआला गांव की 400 बीघा कृषि भूमि पर प्रापर्टी डीलरों की नजर लगी है। जब से हुडा का अरबन प्रोजेक्ट कालका में आया है, तब से आसपास की भूमि के रेट काफी बढ़ गए है। वर्णन योग्य है कि आसपास कृषि भूमि है। प्रापर्टी डीलरों ने किसानों को बहला-फुसलाकर उनकी जमीन की जीपीए अपने नाम करवाकर उस पर प्लाट काटने का फैसला लेकर करोड़ों रुपये कमाने के लिए धांधली शुरू कर दी। नियमों के मुताबिक प्लाट काटने और कालोनी बनाने के लिए सरकार से लाइसेंस लेना जरूरी है। इसके अलावा कृषि भूमि का कामर्शियल प्रयोग करने के लिए सरकार से चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू) लेना जरूरी होता है। इन कामों में करोड़ों रुपये लगते हैं और काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
प्रापर्टी डीलरों ने इन झंझटों से दूर कालोनी काटने का प्लान बना लिया। भूमि को समतल कर दिया गया और जहां-जहां सड़क बननी थी, वहां पर उस जगह को साफ कर दिया गया। जांच के दौरान यह भी देखने सामने आया कि भूमि को समतल किया गया है, लेकिन अब तक किसी के नाम रजिस्ट्री नहीं कराई गई है।
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उपायुक्त को पत्र लिखकर रजिस्ट्री पर रोक लगाएंगे
डीटीपी हितेश शर्मा ने प्राथमिक जांच में माना कि प्रापर्टी डीलरों ने धांधली करने की प्लानिंग शुरू कर दी थी। अब तक उनके हाथ में किसी की रजिस्ट्री नहीं आई है। उपायुक्त को पत्र लिखकर इलाके की रजिस्ट्री पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। इलाके में कोई भी व्यक्ति बिना परमिशन के प्लाट और कालोनी नहीं काट सकता।
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हुडा के कालका-पिंजौर अरबन कांप्लेक्स से सटे गांव नग्गल भागा और कंडिआला गांव की 400 बीघा कृषि भूमि पर प्रापर्टी डीलरों की नजर लगी है। जब से हुडा का अरबन प्रोजेक्ट कालका में आया है, तब से आसपास की भूमि के रेट काफी बढ़ गए है। वर्णन योग्य है कि आसपास कृषि भूमि है। प्रापर्टी डीलरों ने किसानों को बहला-फुसलाकर उनकी जमीन की जीपीए अपने नाम करवाकर उस पर प्लाट काटने का फैसला लेकर करोड़ों रुपये कमाने के लिए धांधली शुरू कर दी। नियमों के मुताबिक प्लाट काटने और कालोनी बनाने के लिए सरकार से लाइसेंस लेना जरूरी है। इसके अलावा कृषि भूमि का कामर्शियल प्रयोग करने के लिए सरकार से चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू) लेना जरूरी होता है। इन कामों में करोड़ों रुपये लगते हैं और काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
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प्रापर्टी डीलरों ने इन झंझटों से दूर कालोनी काटने का प्लान बना लिया। भूमि को समतल कर दिया गया और जहां-जहां सड़क बननी थी, वहां पर उस जगह को साफ कर दिया गया। जांच के दौरान यह भी देखने सामने आया कि भूमि को समतल किया गया है, लेकिन अब तक किसी के नाम रजिस्ट्री नहीं कराई गई है।
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उपायुक्त को पत्र लिखकर रजिस्ट्री पर रोक लगाएंगे
डीटीपी हितेश शर्मा ने प्राथमिक जांच में माना कि प्रापर्टी डीलरों ने धांधली करने की प्लानिंग शुरू कर दी थी। अब तक उनके हाथ में किसी की रजिस्ट्री नहीं आई है। उपायुक्त को पत्र लिखकर इलाके की रजिस्ट्री पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। इलाके में कोई भी व्यक्ति बिना परमिशन के प्लाट और कालोनी नहीं काट सकता।