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पंजाब में 9.5 लाख मीट्रिक भंडारण की क्षमता बनाई : कटारूचक्क
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चंडीगढ़। पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि प्रदेश में 9.5 लाख मीट्रिक टन भंडारण की क्षमता बनाई गई है, जो दिसंबर तक बढ़कर 30 लाख मीट्रिक टन हो जाएगी। शेलरों को उठान में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा, इसलिए पंजाब सरकार की शेलरों से अपील है कि किसानों के हित में तुरंत उठान की प्रक्रिया शुरू करें। राज्य सरकार ने शेलरों की अधिकतर मांगें पूरी कर दी हैं और बाकी मांगों को वह केंद्र के समक्ष उठा रहे हैं। मंत्री कटारूचक्क शनिवार को चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मंडियों में 18,31,588 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इसमें से 16,37,517 मीट्रिक टन की खरीद भी हो चुकी है, लेकिन अभी तक 2.62 लाख मीट्रिक टन धान का ही उठान हो पाया है। किसान और शेलरों की अधिकतर मांगें केंद्र सरकार से संबंधित हैं। वह लगातार किसानों को उठाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। यही कारण है कि अब तक 2.62 एलएमटी धान का उठान संभव हो पाया है। अब तक किसानों के खातों में लगभग 3000 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि खरीद सीजन को सुचारु और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने 2651 खरीद केंद्र चालू किए हैं। इसके अलावा अब तक 2184 चावल मिल मालिकों ने मिलों की अलॉटमेंट के लिए आवेदन किया है। चावल मिल मालिकों की मांगों पर कटारूचक्क ने कहा कि कई वर्षों से रुकी हुई कस्टम मिलिंग राइस (सीएमआर) की सिक्योरिटी एक साल को छोड़कर बाकी साल के लिए मिल मालिकों को वापस की जा रही है। इससे चावल मिल मालिकों को 150 करोड़ रुपये की राहत मिली है।
सरकार ने घटाई सीएमआर सिक्योरिटी :
पहले ली जाने वाली 175 रुपये प्रति टन कस्टम मिलिंग राइस (सीएमआर) सिक्योरिटी की जगह अब केवल 10 रुपये प्रति टन वसूली जाएगी, जिससे मिल मालिकों को 300 करोड़ रुपये का लाभ होगा। इसके अलावा इस साल की नीति के तहत सिक्योरिटी दर टन क्षमता के अनुसार निर्धारित की गई है, जबकि पिछले वर्षों के दौरान हर मिल से यह सिक्योरिटी 11 लाख रुपये की समान दर से वसूली गई थी। अब 2 मीट्रिक टन तक क्षमता वाली मिलों से 5 लाख, 2 से 5 मीट्रिक टन तक क्षमता वाली मिलों से 7.5 लाख, जबकि 5 मीट्रिक टन से अधिक क्षमता वाली मिलों से 11 लाख रुपये वसूले जाएंगे। इसके अतिरिक्त अनाज मंडियों में काम करने वाले मजदूरों, पल्लेदारों के हितों का ध्यान रखते हुए पंजाब सरकार ने बोरियों की लोडिंग की दर को संशोधित कर अब 1.94 से बढ़ाकर 2.34 रुपये कर दिया है।
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उन्होंने कहा कि खरीद सीजन को सुचारु और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने 2651 खरीद केंद्र चालू किए हैं। इसके अलावा अब तक 2184 चावल मिल मालिकों ने मिलों की अलॉटमेंट के लिए आवेदन किया है। चावल मिल मालिकों की मांगों पर कटारूचक्क ने कहा कि कई वर्षों से रुकी हुई कस्टम मिलिंग राइस (सीएमआर) की सिक्योरिटी एक साल को छोड़कर बाकी साल के लिए मिल मालिकों को वापस की जा रही है। इससे चावल मिल मालिकों को 150 करोड़ रुपये की राहत मिली है।
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सरकार ने घटाई सीएमआर सिक्योरिटी :
पहले ली जाने वाली 175 रुपये प्रति टन कस्टम मिलिंग राइस (सीएमआर) सिक्योरिटी की जगह अब केवल 10 रुपये प्रति टन वसूली जाएगी, जिससे मिल मालिकों को 300 करोड़ रुपये का लाभ होगा। इसके अलावा इस साल की नीति के तहत सिक्योरिटी दर टन क्षमता के अनुसार निर्धारित की गई है, जबकि पिछले वर्षों के दौरान हर मिल से यह सिक्योरिटी 11 लाख रुपये की समान दर से वसूली गई थी। अब 2 मीट्रिक टन तक क्षमता वाली मिलों से 5 लाख, 2 से 5 मीट्रिक टन तक क्षमता वाली मिलों से 7.5 लाख, जबकि 5 मीट्रिक टन से अधिक क्षमता वाली मिलों से 11 लाख रुपये वसूले जाएंगे। इसके अतिरिक्त अनाज मंडियों में काम करने वाले मजदूरों, पल्लेदारों के हितों का ध्यान रखते हुए पंजाब सरकार ने बोरियों की लोडिंग की दर को संशोधित कर अब 1.94 से बढ़ाकर 2.34 रुपये कर दिया है।
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