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भाजपा में नही थम रही गुटबाजी
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बड़े नेताओं की गुटबाजी भाजपा पर पड़ रही भारी
चुनाव को देखते हुए आपसी टकराव से पार्टी की छवि को लग रहा धक्का
बगावत करने वालों पर कार्रवाई करने से कतरा रहा है प्रदेश नेतृत्व
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। भाजपा प्रदेश नेतृत्व की अनदेखी की वजह से पार्टी में गुटबाजी चरम पर है। सूत्रों की मानें तो बीजेपी के बड़े नेता ही टिकट पाने के चक्कर में पार्टी की फजीहत कराने में जुटे हैं। यह हाल तब है जब मार्च के पहले हफ्ते में अधिसूचना जारी होने की बात कही जा रही है। फिलहाल लोकसभा चुनाव में किसे टिकट मिलेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन पार्टी मेें चल रही गुटबाजी से भाजपा को नुकसान जरूर होने वाला है। इसकी भरपाई करना आने वाले समय में बीजेपी नेताओं के लिए इतना आसान नहीं होगा।
मेयर चुनाव को लेकर दिसंबर में भाजपा में शुरू हुई गुटबाजी बढ़ती जा रही है। जानकारों का कहना है कि बीजेपी का प्रदेश नेतृत्व अब तक गुटबाजी को रोकने में नाकाम रहा है। इसकी वजह से पार्टी में विरोध के स्वर बढ़ते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर यही हालात रहे तो आने वाले समय में पार्टी में गुटबाजी को रोकना आसान नहीं होगा। अब धीरे धीरे विरोध के स्वर पार्टी कार्यालय से निकल कर सड़कों पर आने लगे हैं। इसके चलते पार्टी में अंदरूनी कलह बढ़ती जा रही है।
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मेयर चुनाव से शुरू हुई थी गुटबाजी
जनवरी में पार्टी पार्षदों ने मेयर चुनाव में राजेश कालिया के नाम की घोषणा होने के बाद बगावत कर दी थी। पार्टी के बागी पार्षद सतीश कैंथ ने भाजपा के मेयर प्रत्याशी राजेश कालिया को कड़ी टक्कर दी थी। तमाम कोशिशों के बाद भी पार्षदों ने जमकर क्रास वोटिंग की। हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद राजेश मेयर बनने में कामयाब रहे। सूत्रों की मानें तो यह सब टिकट पाने के चक्कर पार्टी के बड़े नेताओं के इशारे पर ही हो रहा है।
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क्रास वोटिंग पर अभी नहीं हो सका फैसला
मेयर चुनाव मेें जीत के बाद पार्टी ने क्रास वोटिंग करने वालों पर कार्रवाई करने की बात कही थी। इसके लिए पार्टी ने दो समितियां भी बनाई थीं लेकिन करीब एक महीने होने वाला है। पार्टी की जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इस मामले में भी प्रदेश नेतृत्व ने अभी हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे पार्टी से बगावत करने वालों पर कार्रवाई संभव नहीं हो पा रही है। बगावत करने वालों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई है, या फिर उन्हें जानबूझकर बचाया जा रहा है। यह पार्टी ही नहीं शहर में चर्चाआम है।
कोट
पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। रविवार को मेयर राजेश कालिया और पार्षद फरमीला के बीच कोई विवाद हुआ है, इस बात की सूचना मुझे दोनों पक्षों में से किसी की ओर से नहीं दी गई है। अगर शिकायत मिलती है तो पार्टी आलाकमान से बात की जाएगी।
-संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा