{"_id":"5a66fd504f1c1bb2208b4d59","slug":"81516698960-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चाें ने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चाें ने
Updated Tue, 23 Jan 2018 06:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो छायाकार से लें
बसंत पंचमी पर पतंग प्रतियोगिता, क्रिकेट में बच्चाें ने दिखाया दम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
बसंत पंचमी व लुई ब्रेल की 209वीं जयंती पर इंस्टीट्यूट फार द ब्लाइंड संस्थान और नेशनल एसोसिएशन फार द ब्लाइंड (नैब) व एमवे की ओर से जीएमएसएसएस-19 में दिव्यांग बच्चों के पतंग और क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस मौके पर डायरेक्टर, हायर एजुकेशन एवं डायरेक्टर पब्लिक इंस्ट्रक्शंस (स्कूल) रूबिंदरजीत सिंह बराड़ मुख्य अतिथि थे। नॉर्थ एंड साउथ के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जीएस चीमा ने कहा कि हम दृढ़ विश्वास के साथ दिव्यांगों के कल्याण की दिशा में काम कर रहे हैं।
इंस्टीट्यूट फार द ब्लाइंड ने नैब को हराया
इंस्टीट्यूट फार द ब्लाइंड सेक्टर-26 ने नेशनल एसोसिएशन फार द ब्लाइंड (नैब) को 73 रनों से पराजित किया। जीएमएसएसएस-19 के क्रिकेट मैदान पर खेले गए मुकाबले में सेक्टर-26 ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 ओवर में बिना विकेट खोए 143 रन बनाए। इसमें बी-1 कैटेगरी के अर्पित ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 38 रन और बी-3 कैटेगरी के शिवम ने 56 रन बनाए। जवाब में नैब की पूरी टीम 8 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 70 रन ही बना सकी। इसमें अमनदीप (बी-2) ने 8 रन, लखविंदर (बी-3) ने 18 रन बनाए। विजेता टीम 26 की और से जसबीर ने 8 रन देकर 3 विकेट झटके। शिवम ने 13 रन देकर 1 विकेट लिया।
दिव्यांग बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। सीनियर हिन्दी राइटिंग में प्रदम ने पहला व कविता ने दूसरा स्थान हासिल किया। जूनियर हिन्दी राइटिंग प्रतियोगिता में भूटा राम ने पहला व लवप्रीत ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। सीनियर इंग्लिश राइटिंग में जुलसी ने प्रथम व प्रिया ने दूसरा स्थान, जूनियर इंग्लिश राइटिंग में गुरिंदर ने पहला, अखिल ने दूसरा स्थान हासिल किया। जूनियर हिन्दी स्पीकिंग प्रतियोगिता में गगनजोत कौर ने पहला व खुशदीप ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
विज्ञापन
बाक्स..
चंडीगढ़ और पंजाब स्टेट ब्रांच के अध्यक्ष विनोद चड्डा ने कहा कि दिव्यांगों की क्रिकेट टीम बनाने के लिए काफी प्रयास किया जाता है। एक क्रिकेट टीम बनाने के लिए तीन कैटेगरी को मिलकर टीम बनती है। कोशिश रहती है कि खिलाड़ियों को बहेतरीन सुविधाएं दी जाएं।
विज्ञापन
बसंत पंचमी पर पतंग प्रतियोगिता, क्रिकेट में बच्चाें ने दिखाया दम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
बसंत पंचमी व लुई ब्रेल की 209वीं जयंती पर इंस्टीट्यूट फार द ब्लाइंड संस्थान और नेशनल एसोसिएशन फार द ब्लाइंड (नैब) व एमवे की ओर से जीएमएसएसएस-19 में दिव्यांग बच्चों के पतंग और क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस मौके पर डायरेक्टर, हायर एजुकेशन एवं डायरेक्टर पब्लिक इंस्ट्रक्शंस (स्कूल) रूबिंदरजीत सिंह बराड़ मुख्य अतिथि थे। नॉर्थ एंड साउथ के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जीएस चीमा ने कहा कि हम दृढ़ विश्वास के साथ दिव्यांगों के कल्याण की दिशा में काम कर रहे हैं।
इंस्टीट्यूट फार द ब्लाइंड ने नैब को हराया
इंस्टीट्यूट फार द ब्लाइंड सेक्टर-26 ने नेशनल एसोसिएशन फार द ब्लाइंड (नैब) को 73 रनों से पराजित किया। जीएमएसएसएस-19 के क्रिकेट मैदान पर खेले गए मुकाबले में सेक्टर-26 ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 ओवर में बिना विकेट खोए 143 रन बनाए। इसमें बी-1 कैटेगरी के अर्पित ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 38 रन और बी-3 कैटेगरी के शिवम ने 56 रन बनाए। जवाब में नैब की पूरी टीम 8 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 70 रन ही बना सकी। इसमें अमनदीप (बी-2) ने 8 रन, लखविंदर (बी-3) ने 18 रन बनाए। विजेता टीम 26 की और से जसबीर ने 8 रन देकर 3 विकेट झटके। शिवम ने 13 रन देकर 1 विकेट लिया।
विज्ञापन
दिव्यांग बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। सीनियर हिन्दी राइटिंग में प्रदम ने पहला व कविता ने दूसरा स्थान हासिल किया। जूनियर हिन्दी राइटिंग प्रतियोगिता में भूटा राम ने पहला व लवप्रीत ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। सीनियर इंग्लिश राइटिंग में जुलसी ने प्रथम व प्रिया ने दूसरा स्थान, जूनियर इंग्लिश राइटिंग में गुरिंदर ने पहला, अखिल ने दूसरा स्थान हासिल किया। जूनियर हिन्दी स्पीकिंग प्रतियोगिता में गगनजोत कौर ने पहला व खुशदीप ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
विज्ञापन
बाक्स..
चंडीगढ़ और पंजाब स्टेट ब्रांच के अध्यक्ष विनोद चड्डा ने कहा कि दिव्यांगों की क्रिकेट टीम बनाने के लिए काफी प्रयास किया जाता है। एक क्रिकेट टीम बनाने के लिए तीन कैटेगरी को मिलकर टीम बनती है। कोशिश रहती है कि खिलाड़ियों को बहेतरीन सुविधाएं दी जाएं।