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सेंट्रल काउंसिल फॉर इंडियन मेडिसन के चुनाव सही: केंद्र
Updated Tue, 13 Jun 2017 01:32 AM IST
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केंद्र ने सीसीआईएम के चुनाव को सही ठहराया
पानीपत निवासी ने हाईकोर्ट में चुनाव प्रक्रिया रद्द करने की अपील की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पानीपत निवासी डॉ. विश्वजीत सिंह ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सेंट्रल काउंसिल फॉर इंडियन मेडिसन (सीसीआईएम) के हाल में संपन्न हुए चुनावों को रद्द करने और प्रधान व उप प्रधान के कार्यभार संभालने पर रोक लगाने की अपील की है। इसका विरोध करते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि प्रावधानों को गलत तरह से प्रस्तुत किया जा रहा है। ऐसे में इस याचिका को खारिज कर चुनावों को सही करार दिया जाए।
हाईकोर्ट ने याची की ओर से दाखिल एक अर्जी पर इंडियन मेडिसन सेंट्रल काउंसिल को रिप्रजेंटेशन पर फैसला लेने के आदेश दिए।
डॉ. विश्वजीत सिंह ने एडवोकेट करनवीर सिंह खेहर के माध्यम से याचिका दाखिल कर कहा कि वे बोर्ड ऑफ आयुर्वेद एंड यूनानी सिस्टम ऑफ मेडिसन के 2006-2013 तक सदस्य थे। इसके बाद वे सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसन के सदस्य चुने गए। यह पद पांच वर्ष के लिए था या फिर जब तक चुनाव न हो। इस आधार पर याची ने सीसीआईएम को आवेदन दिया और चुनाव में शामिल होने देने की अपील की। केंद्र सरकार की ओर से स्टैंडिंग काउंसिल सतीष सिंगला ने कहा कि कोई व्यक्ति अधिकतम पांच वर्ष और इसके बाद अधिकतम तीन माह तक सदस्य रह सकता है। ऐसे में 2013 के बाद से चुनाव न होने के कारण याची मेंबर नहीं रहा।
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पानीपत निवासी ने हाईकोर्ट में चुनाव प्रक्रिया रद्द करने की अपील की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पानीपत निवासी डॉ. विश्वजीत सिंह ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सेंट्रल काउंसिल फॉर इंडियन मेडिसन (सीसीआईएम) के हाल में संपन्न हुए चुनावों को रद्द करने और प्रधान व उप प्रधान के कार्यभार संभालने पर रोक लगाने की अपील की है। इसका विरोध करते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि प्रावधानों को गलत तरह से प्रस्तुत किया जा रहा है। ऐसे में इस याचिका को खारिज कर चुनावों को सही करार दिया जाए।
हाईकोर्ट ने याची की ओर से दाखिल एक अर्जी पर इंडियन मेडिसन सेंट्रल काउंसिल को रिप्रजेंटेशन पर फैसला लेने के आदेश दिए।
डॉ. विश्वजीत सिंह ने एडवोकेट करनवीर सिंह खेहर के माध्यम से याचिका दाखिल कर कहा कि वे बोर्ड ऑफ आयुर्वेद एंड यूनानी सिस्टम ऑफ मेडिसन के 2006-2013 तक सदस्य थे। इसके बाद वे सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसन के सदस्य चुने गए। यह पद पांच वर्ष के लिए था या फिर जब तक चुनाव न हो। इस आधार पर याची ने सीसीआईएम को आवेदन दिया और चुनाव में शामिल होने देने की अपील की। केंद्र सरकार की ओर से स्टैंडिंग काउंसिल सतीष सिंगला ने कहा कि कोई व्यक्ति अधिकतम पांच वर्ष और इसके बाद अधिकतम तीन माह तक सदस्य रह सकता है। ऐसे में 2013 के बाद से चुनाव न होने के कारण याची मेंबर नहीं रहा।
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