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एनजीओ डायरेक्टर को जांच के लिए बुलाया
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:40 PM IST
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मुंबई के एनजीओ डायरेक्टर को पुलिस ने बुलाया
इंटरनेशनल साइबर क्राइम में पकड़े गए आरोपियों में से एक एनजीओ में था खजांची
डोनेशन का 60 फीसदी बतौर कमीशन देने की बात आई थी सामने
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
बीते दिनों साइबर सेल के हत्थे चढ़े तीन इंटरनेशनल हैकर्स/ठग मुंबई के जिस एनजीओ में पैसे ट्रांसफर करवाते थे, उसके डायरेक्टर को यूटी पुलिस ने जांच के लिए बुलाया है। पुलिस जांच में सामने आया था कि तीनों आरोपियों में से एक जीरकपुर निवासी राजेश शर्मा इस एनजीओ में खजांची था और पंजाब रीजन का प्रेसिडेंट भी था। यह एनजीओ आरोपियों के पकड़े जाने के बाद से पुलिस की जांच में अहम रहा है। इसकी ट्रांजेक्शन से लेकर इसकी फंडिंग की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि हवाला के जरिए पैसा यहीं से ब्लैक से व्हाइट किया जाता था।
साइबर सेल के सूत्रों ने बताया कि जांच में मुंबई स्थित एनजीओ ‘अलगामा एजुकेशन’ का नाम सामने आ रहा है। आरोपी राजेश शर्मा इसमें खजांची है। जांच में सामने आया है कि वह एनजीओ में लोगों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड से पैसे ट्रांसफर करता था। साथ ही इसकी एवज में 60 फीसदी कमीशन लेता था।
हालांकि एनजीओ के डायरेक्टर शेख इब्राहिम नत्थूमियां ने बताया है कि राजेश ने उन्हें एनजीओ के लिए उसने विदेश से डोनेशन दिलाने की बात कही थी। साथ ही इस पर 40-60 फीसदी की दर से कमीशन मांगा था। डायरेक्टर ने फोन पर बातचीत में उन्होंने फिलहाल राजेश द्वारा अभी तक कोई फंडिंग न कराने की बात कही है। इस पर यूटी पुलिस ने उसे जांच के लिए चंडीगढ़ बुलाया है। संभवत एक दो दिन में वह यहां आकर बयान दर्ज करवा सकते हैं।
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वहीं गिरोह के अन्य लोगों की तलाश में पुलिस टीम दिल्ली, यूपी, बिहार गई है। पुलिस के अनुसार एक-दो दिन में अन्य आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिल सकती है।
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इंटरनेशनल साइबर क्राइम में पकड़े गए आरोपियों में से एक एनजीओ में था खजांची
डोनेशन का 60 फीसदी बतौर कमीशन देने की बात आई थी सामने
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
बीते दिनों साइबर सेल के हत्थे चढ़े तीन इंटरनेशनल हैकर्स/ठग मुंबई के जिस एनजीओ में पैसे ट्रांसफर करवाते थे, उसके डायरेक्टर को यूटी पुलिस ने जांच के लिए बुलाया है। पुलिस जांच में सामने आया था कि तीनों आरोपियों में से एक जीरकपुर निवासी राजेश शर्मा इस एनजीओ में खजांची था और पंजाब रीजन का प्रेसिडेंट भी था। यह एनजीओ आरोपियों के पकड़े जाने के बाद से पुलिस की जांच में अहम रहा है। इसकी ट्रांजेक्शन से लेकर इसकी फंडिंग की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि हवाला के जरिए पैसा यहीं से ब्लैक से व्हाइट किया जाता था।
साइबर सेल के सूत्रों ने बताया कि जांच में मुंबई स्थित एनजीओ ‘अलगामा एजुकेशन’ का नाम सामने आ रहा है। आरोपी राजेश शर्मा इसमें खजांची है। जांच में सामने आया है कि वह एनजीओ में लोगों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड से पैसे ट्रांसफर करता था। साथ ही इसकी एवज में 60 फीसदी कमीशन लेता था।
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हालांकि एनजीओ के डायरेक्टर शेख इब्राहिम नत्थूमियां ने बताया है कि राजेश ने उन्हें एनजीओ के लिए उसने विदेश से डोनेशन दिलाने की बात कही थी। साथ ही इस पर 40-60 फीसदी की दर से कमीशन मांगा था। डायरेक्टर ने फोन पर बातचीत में उन्होंने फिलहाल राजेश द्वारा अभी तक कोई फंडिंग न कराने की बात कही है। इस पर यूटी पुलिस ने उसे जांच के लिए चंडीगढ़ बुलाया है। संभवत एक दो दिन में वह यहां आकर बयान दर्ज करवा सकते हैं।
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वहीं गिरोह के अन्य लोगों की तलाश में पुलिस टीम दिल्ली, यूपी, बिहार गई है। पुलिस के अनुसार एक-दो दिन में अन्य आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिल सकती है।