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हार के बार जीत ,गोल्डन गर्ल मनिका बतरा की पहचान
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हार के बाद जीतना मेरी आदत : मनिका बतरा
टेबल टेनिस की गोल्डन गर्ल ओेलंपिक की तैयारियाें के लिए घरेलू टूर्नामेंट पर कर रहीं हैं फोकस
कहा, देश के युवा अब टेबल टेनिस में बना रहे हैं भविष्य
संजीव पंगोत्रा
चंडीगढ़। हार के बाद जीत को भुनना अब मेरी आदत में शुमार हो चुका है। मैच के पहले सेट हारने के बाद जीत की भूख बढ़ जाती है और अगले सेटों में बेहतर खेलते हुए मैच में जीत हासिल कर लेती हूं। यह कहना है टेबल टेनिस की गोल्डन गर्ल मनिका बतरा का। मनिका बतरा चंडीगढ़ सेक्टर-23 में आयोजित पीएसपीबी इंटर यूनिट टेबल टेनिस टूर्नामेंट में शिरकत कर रही हैं। यहां पर अपनी महिला प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी से पहले दो सेट हारने के बाद मैच में जबर्दस्त वापसी करते हुए इस मैच को अंत में जीत कर दिखा दिया। मैच के बाद मनिका बतरा ने बताया कि आज का मैच काफी चैलेंज से भरा था। मैंने हर बार की तरह चैलेंज को स्वीकारा और पहले दो सेट हारने के बाद मैैच को जीत कर दम लिया। जीत के बाद सोमवार को बातचीत के दौरान मनिका बतरा ने बताया कि देश में टेबल टेनिस का भविष्य अब सुरक्षित हाथाें में है। युवा पीढ़ी अब इस खेल में आगे आ रही है। वे अपनी जिम्मेदारी को समझ रही है। हमारे युवा खिलाड़ी देश ही नहीं विदेशाें में अपने खेल का सिक्का जमा रहे हैं।
लीग से खिलाड़ियाें को मिल रहा तर्जुबा
मनिका बतरा ने बताया भारत में जबसे टेबल टेनिस लीग शुरू हुई है, इसका सबसे फायदा खिलाड़ियाें को मिला है। खिलाड़ियाें की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। दूसरा इस लीग में विदेशी खिलाड़ियाें के साथ खेलने से भारत के खिलाड़ियाें के खेल में भी निखार आया है। पिछले दो साल से टेबल टेनिस लीग शुरू हुई है। इसमें मुझे खेलते हुए काफी बेहतर लगता है। हर देश के खिलाड़ियाें के साथ खेलते हुए उनकी कार्यशैली का पता चलता है।
घरेलू टूर्नामेंट के जरिए ओलंपिक की तैयारी
मनिका ने बताया कि ओलंपिक 2020 के लिए अभी से कमर कसनी शुरू कर दी है। इसलिए अधिक से अधिक घरेलू टूर्नामेंट में खेलना चाहती हूं जिससे कि खुद को परख सकूं। अपनी रैकिंग में इन टूर्नामेंट के जरिए सुधार लाना मेरा अगला लक्ष्य है। इसके बाद ओलंपिक को टारगेट रखते हुए तैयारी शुरू करनी होगी।
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मनिका की टेबल टेनिस में उपलब्धि
- एशियन गेम्स 2018 जकार्ता मिक्स डबल में कांस्य पदक
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 गोल्ड कोस्ट में महिला टीम इवेंट में स्वर्ण पदक
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 गोल्ड कोस्ट में महिला एकल वर्ग में स्वर्ण पदक
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 गोल्ड कोस्ट में महिला डबल्स वर्ग में रजत पदक
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 गोल्ड कोस्ट में मिक्स डबल्स में कांस्य पदक
- साउथ एशियन गेम्स 2016 में गुवाहाटी में महिला टीम इवेंट में स्वर्ण पदक
- साउथ एशियन गेम्स 2016 में गुवाहाटी में महिला डबल्स में स्वर्ण पदक
- साउथ एशियन गेम्स 2016 में गुवाहाटी में मिक्स डबल्स में स्वर्ण पदक
- साउथ एशियन गेम्स 2016 में गुवाहाटी में महिला एकल वर्ग में रजत पदक।
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हार के बाद जीतना मेरी आदत : मनिका बतरा
टेबल टेनिस की गोल्डन गर्ल ओेलंपिक की तैयारियाें के लिए घरेलू टूर्नामेंट पर कर रहीं हैं फोकस
कहा, देश के युवा अब टेबल टेनिस में बना रहे हैं भविष्य
संजीव पंगोत्रा
चंडीगढ़। हार के बाद जीत को भुनना अब मेरी आदत में शुमार हो चुका है। मैच के पहले सेट हारने के बाद जीत की भूख बढ़ जाती है और अगले सेटों में बेहतर खेलते हुए मैच में जीत हासिल कर लेती हूं। यह कहना है टेबल टेनिस की गोल्डन गर्ल मनिका बतरा का। मनिका बतरा चंडीगढ़ सेक्टर-23 में आयोजित पीएसपीबी इंटर यूनिट टेबल टेनिस टूर्नामेंट में शिरकत कर रही हैं। यहां पर अपनी महिला प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी से पहले दो सेट हारने के बाद मैच में जबर्दस्त वापसी करते हुए इस मैच को अंत में जीत कर दिखा दिया। मैच के बाद मनिका बतरा ने बताया कि आज का मैच काफी चैलेंज से भरा था। मैंने हर बार की तरह चैलेंज को स्वीकारा और पहले दो सेट हारने के बाद मैैच को जीत कर दम लिया। जीत के बाद सोमवार को बातचीत के दौरान मनिका बतरा ने बताया कि देश में टेबल टेनिस का भविष्य अब सुरक्षित हाथाें में है। युवा पीढ़ी अब इस खेल में आगे आ रही है। वे अपनी जिम्मेदारी को समझ रही है। हमारे युवा खिलाड़ी देश ही नहीं विदेशाें में अपने खेल का सिक्का जमा रहे हैं।
लीग से खिलाड़ियाें को मिल रहा तर्जुबा
मनिका बतरा ने बताया भारत में जबसे टेबल टेनिस लीग शुरू हुई है, इसका सबसे फायदा खिलाड़ियाें को मिला है। खिलाड़ियाें की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। दूसरा इस लीग में विदेशी खिलाड़ियाें के साथ खेलने से भारत के खिलाड़ियाें के खेल में भी निखार आया है। पिछले दो साल से टेबल टेनिस लीग शुरू हुई है। इसमें मुझे खेलते हुए काफी बेहतर लगता है। हर देश के खिलाड़ियाें के साथ खेलते हुए उनकी कार्यशैली का पता चलता है।
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घरेलू टूर्नामेंट के जरिए ओलंपिक की तैयारी
मनिका ने बताया कि ओलंपिक 2020 के लिए अभी से कमर कसनी शुरू कर दी है। इसलिए अधिक से अधिक घरेलू टूर्नामेंट में खेलना चाहती हूं जिससे कि खुद को परख सकूं। अपनी रैकिंग में इन टूर्नामेंट के जरिए सुधार लाना मेरा अगला लक्ष्य है। इसके बाद ओलंपिक को टारगेट रखते हुए तैयारी शुरू करनी होगी।
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मनिका की टेबल टेनिस में उपलब्धि
- एशियन गेम्स 2018 जकार्ता मिक्स डबल में कांस्य पदक
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 गोल्ड कोस्ट में महिला टीम इवेंट में स्वर्ण पदक
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 गोल्ड कोस्ट में महिला एकल वर्ग में स्वर्ण पदक
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 गोल्ड कोस्ट में महिला डबल्स वर्ग में रजत पदक
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 गोल्ड कोस्ट में मिक्स डबल्स में कांस्य पदक
- साउथ एशियन गेम्स 2016 में गुवाहाटी में महिला टीम इवेंट में स्वर्ण पदक
- साउथ एशियन गेम्स 2016 में गुवाहाटी में महिला डबल्स में स्वर्ण पदक
- साउथ एशियन गेम्स 2016 में गुवाहाटी में मिक्स डबल्स में स्वर्ण पदक
- साउथ एशियन गेम्स 2016 में गुवाहाटी में महिला एकल वर्ग में रजत पदक।