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दशमेश नहर का काम महीने में शुरू करने का दिया अल्टीमेटम
Updated Sun, 09 Sep 2018 01:56 AM IST
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दशमेश नहर का काम महीने में शुरू करने का दिया अल्टीमेटम
आप विधायक कंवर संधू और दर्शन सिंह धालीवाल की अगुवाई में लोग हुए एकजुट
कहा, प्रोजेक्ट के शुरू होने से कई इलाकों को मिलेगा फायदा, किसानों का खर्च होगा काम
जमीन के नीचे गिर चुका है जलस्तर, कई इलाकों में भूमिगत पानी हो चुका है जहरीला
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। आम आदमी पार्टी के विधायक कंवर संधू व सीनियर नेता एडवोकेट दर्शन सिंह धालीवाल ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि दशमेश नहर प्रोजेक्ट को एक महीने के अंदर चालू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से रोपड़, पटियाला व फतेहगढ़ साहिब को फायदा होगा। इस संबंधी नेताओं ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को मांग पत्र लिखा है।
धालीवाल ने बताया कि यह प्रोजेक्ट एसवाईएल का ही हिस्सा है। इसे 1980 में कंडी एरिया के मारू इलाके में नहरी पानी मुहैया करवाने के लिए तैयार किया गया था। बाद में एसवाईएल में रुकावट आने के कारण स्व. कैप्टन कंवलजीत सिंह ने दशमेश नहर का प्रोजेक्ट तैयार करवा कर पंजाब विधानसभा के माध्यम से 1997 में भारत सरकार को मंजूरी के लिए भेजा था। इसके मुताबिक नहर दो भागों में बनकर तैयार होनी थी। पहले भाग में नहर के लिए आनंदपुर साहिब के हाईडल प्रोजेक्ट से कुराली तक व बाद में कुराली से डेराबस्सी-हंडेरर तक नहरी पानी लाया जाना था जिसकी लंबाई साठ किलोमीटर बनती थी। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने लगभग 1350 एकड़ जीन एक्वायर करने के लिए मुआवजा भी दिया था।
फरवरी 1997 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डेराबस्सी हलके के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि कांग्रेस की सरकार आने पर उक्त प्रोजेक्ट को चालू करेंगे, लेकिन इस संबंध में कांग्रेस सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। 2012 में उस समय की सरकार ने उक्त प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया था। रद्द होने के विरोध में डेराबस्सी के लोगों ने 2011 में एक 31 मेंबरी कमेटी बनाई थी जिसमें सारी राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदे शामिल हुए थे।
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मोहाली को नहीं मिला अब तक नहरी पानी
उन्होंने बताया कि पंजाब मोहाली का एक ऐसा जिला है जिसे पंजाब के विकसित नहरी सिस्टम से भी पानी की बूंद नसीब नहीं हुई। इस इलाके में ट्यूबवेलों के चलते पानी का स्तर बहुत नीचे चला गया। साथ ही ट्यूबवेल लगाने के लिए सात आठ लाख से कम खर्च नहीं आता है। दूसरी तरफ डेराबस्सी इलाके में फैक्टरियों में धरती के नीचे पानी प्रदूषित हो चुका है। साथ ही लोगों को पीने वाला पानी नसीब नहीं हो रहा है।
इन इलाकों को होगा फायदा
इस प्रोजेक्ट के कामयाब होने से मोहाली के सारे गांवों, रोपड़, फतेहगढ़ साहिब के कुछ इलाकों, पटियाला जिले की सारी राजपुरा तहसील, चंडीगढ़ व पंचकूला के लोगों को खेती व पीने के लिए पानी की कमी पूरी हो जाएगी। इसके अलावा कुराली, खरड़, बनूड़, डेराबस्सी, लालडू़, व शहरों व पीने वाले पानी की समस्या भी दूर हो जाएगी। इलाके के लगभग चालीस लाख लोगों को लाभ मिलेगा। लगभग तीन लाख साठ हजार एकड़ जमीन को फायदा होगा।
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आप विधायक कंवर संधू और दर्शन सिंह धालीवाल की अगुवाई में लोग हुए एकजुट
कहा, प्रोजेक्ट के शुरू होने से कई इलाकों को मिलेगा फायदा, किसानों का खर्च होगा काम
जमीन के नीचे गिर चुका है जलस्तर, कई इलाकों में भूमिगत पानी हो चुका है जहरीला
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। आम आदमी पार्टी के विधायक कंवर संधू व सीनियर नेता एडवोकेट दर्शन सिंह धालीवाल ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि दशमेश नहर प्रोजेक्ट को एक महीने के अंदर चालू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से रोपड़, पटियाला व फतेहगढ़ साहिब को फायदा होगा। इस संबंधी नेताओं ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को मांग पत्र लिखा है।
धालीवाल ने बताया कि यह प्रोजेक्ट एसवाईएल का ही हिस्सा है। इसे 1980 में कंडी एरिया के मारू इलाके में नहरी पानी मुहैया करवाने के लिए तैयार किया गया था। बाद में एसवाईएल में रुकावट आने के कारण स्व. कैप्टन कंवलजीत सिंह ने दशमेश नहर का प्रोजेक्ट तैयार करवा कर पंजाब विधानसभा के माध्यम से 1997 में भारत सरकार को मंजूरी के लिए भेजा था। इसके मुताबिक नहर दो भागों में बनकर तैयार होनी थी। पहले भाग में नहर के लिए आनंदपुर साहिब के हाईडल प्रोजेक्ट से कुराली तक व बाद में कुराली से डेराबस्सी-हंडेरर तक नहरी पानी लाया जाना था जिसकी लंबाई साठ किलोमीटर बनती थी। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने लगभग 1350 एकड़ जीन एक्वायर करने के लिए मुआवजा भी दिया था।
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फरवरी 1997 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डेराबस्सी हलके के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि कांग्रेस की सरकार आने पर उक्त प्रोजेक्ट को चालू करेंगे, लेकिन इस संबंध में कांग्रेस सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। 2012 में उस समय की सरकार ने उक्त प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया था। रद्द होने के विरोध में डेराबस्सी के लोगों ने 2011 में एक 31 मेंबरी कमेटी बनाई थी जिसमें सारी राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदे शामिल हुए थे।
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मोहाली को नहीं मिला अब तक नहरी पानी
उन्होंने बताया कि पंजाब मोहाली का एक ऐसा जिला है जिसे पंजाब के विकसित नहरी सिस्टम से भी पानी की बूंद नसीब नहीं हुई। इस इलाके में ट्यूबवेलों के चलते पानी का स्तर बहुत नीचे चला गया। साथ ही ट्यूबवेल लगाने के लिए सात आठ लाख से कम खर्च नहीं आता है। दूसरी तरफ डेराबस्सी इलाके में फैक्टरियों में धरती के नीचे पानी प्रदूषित हो चुका है। साथ ही लोगों को पीने वाला पानी नसीब नहीं हो रहा है।
इन इलाकों को होगा फायदा
इस प्रोजेक्ट के कामयाब होने से मोहाली के सारे गांवों, रोपड़, फतेहगढ़ साहिब के कुछ इलाकों, पटियाला जिले की सारी राजपुरा तहसील, चंडीगढ़ व पंचकूला के लोगों को खेती व पीने के लिए पानी की कमी पूरी हो जाएगी। इसके अलावा कुराली, खरड़, बनूड़, डेराबस्सी, लालडू़, व शहरों व पीने वाले पानी की समस्या भी दूर हो जाएगी। इलाके के लगभग चालीस लाख लोगों को लाभ मिलेगा। लगभग तीन लाख साठ हजार एकड़ जमीन को फायदा होगा।