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स्वाइन फ्लू : अलर्ट जारी, हर घर का होगा सर्वे
Updated Sun, 23 Jul 2017 02:10 AM IST
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स्वाइन फ्लू : अलर्ट जारी, हर घर का होगा सर्वे
आशीष वर्मा
चंडीगढ़। स्वाइन फ्लू के केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। सेक्टर- 16 अस्पताल व सेक्टर नौ स्थित मलेरिया विंग के दफ्तर में कंट्रोल रूम बनाया गया है। पीजीआई, मेडिकल कालेज और सेक्टर- 16 अस्पताल में नोडल आफिसर नियुक्त किए गए हैं। साथ सभी घरों के सर्वे करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए 19 फील्ड यूनिट हर जाकर बुखार पीड़ित मरीजों की जांच करेंगी। इसके साथ ही सेक्टर- 16 अस्पताल में एक स्क्रीनिंग ओपीडी खोली गई है। इसमें 24 घंटे डॉक्टर मौजूद रहेंगे। जो विशेष रूप से संदिग्ध मरीजों को देखेंगे। इसके अलावा स्वाइन फ्लू की दवाइयों का अतिरिक्त स्टाक मंगाया गया है।
अब तक छह केस आ चुके हैं
चंडीगढ़ में अब तक स्वाइन फ्लू के छह कंफर्म केस आ चुके हैं। इनमें सेक्टर 37 निवासी एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। व्यक्ति को पहले जीएमएसएच 16 में एडमिट कराया गया था। बाद में उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया था। पीजीआई में इलाज के दौरान पता चला कि उसके फेफड़े में काफी पानी था। जबरदस्त निमोनिया था। चार दिन तक उसे वेंटीलेटर पर रखा गया। डाक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। बाकी अन्य मरीजों पर नजर रखी जा रही है। हालांकि सभी खतरे से बाहर बताए गए हैं।
शहर में मौजूद है वायरस
स्वास्थ्य विभाग अंदाजा लगा रहा था कि जो भी स्वाइन फ्लू के मरीज हैं, वह प्रभावित इलाकों में गए थे और उसकी चपेट में आ गए हैं। लेकिन जो दो पेशेंट शुक्रवार को आए हैं, उनकी कोई भी ट्रैवलिंग हिस्ट्री नहीं है। इससे एक बात साफ हो गई है कि शहर में स्वाइन फ्लू का वायरस मौजूद है। इससे निपटने के लिए अब बुखार से पीड़ित मरीजों पर नजर रखी जा रही है और खासकर उन इलाकों में जहां से पेशेंट आए हैं।
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स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए लगवा सकते हैं टीका
शहर में अब तक स्वाइन फ्लू के छह मरीज आ चुके हैं। इनमें से एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। स्वाइन फ्लू का सबसे खतरा उन लोगों में सबसे ज्यादा है, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है। इनमें मुख्य रूप से डायबिटीज, कैंसर और हार्ट के मरीज शामिल हैं। इसके अलावा सीनियर सिटीजन को भी स्वाइन फ्लू का खतरा है। पीजीआई के मेडिसिन डिपार्टमेंट के डाक्टरों का कहना है कि ऐसे मरीजों को स्वाइन फ्लू से बचाव का टीका लगवा लेना चाहिए। इससे काफी हद तक बचाव होता है। मार्केट में स्वाइन फ्लू के टीके उपलब्ध हैं। डाक्टर के परामर्श के बाद टीके लगवा सकते हैं। स्वाइन फ्लू के मरीज का इलाज करने वाले डाक्टर व नर्स को टीके लगाने की हिदायत दी जाती है। डाक्टरों का कहना है कि टीके के लिए यही वक्त सबसे बेहतर है।
कोट
स्वाइन फ्लू के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। दवाइयों का अलग से स्टॉक मंगवाया गया है। फील्ड सर्वे की भी मंजूरी दे दी गई है।
डा. गौरव अग्रवाल, नोडल आफिसर स्वाइन फ्लू विंग, स्वास्थ्य विभाग
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आशीष वर्मा
चंडीगढ़। स्वाइन फ्लू के केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। सेक्टर- 16 अस्पताल व सेक्टर नौ स्थित मलेरिया विंग के दफ्तर में कंट्रोल रूम बनाया गया है। पीजीआई, मेडिकल कालेज और सेक्टर- 16 अस्पताल में नोडल आफिसर नियुक्त किए गए हैं। साथ सभी घरों के सर्वे करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए 19 फील्ड यूनिट हर जाकर बुखार पीड़ित मरीजों की जांच करेंगी। इसके साथ ही सेक्टर- 16 अस्पताल में एक स्क्रीनिंग ओपीडी खोली गई है। इसमें 24 घंटे डॉक्टर मौजूद रहेंगे। जो विशेष रूप से संदिग्ध मरीजों को देखेंगे। इसके अलावा स्वाइन फ्लू की दवाइयों का अतिरिक्त स्टाक मंगाया गया है।
अब तक छह केस आ चुके हैं
चंडीगढ़ में अब तक स्वाइन फ्लू के छह कंफर्म केस आ चुके हैं। इनमें सेक्टर 37 निवासी एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। व्यक्ति को पहले जीएमएसएच 16 में एडमिट कराया गया था। बाद में उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया था। पीजीआई में इलाज के दौरान पता चला कि उसके फेफड़े में काफी पानी था। जबरदस्त निमोनिया था। चार दिन तक उसे वेंटीलेटर पर रखा गया। डाक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। बाकी अन्य मरीजों पर नजर रखी जा रही है। हालांकि सभी खतरे से बाहर बताए गए हैं।
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शहर में मौजूद है वायरस
स्वास्थ्य विभाग अंदाजा लगा रहा था कि जो भी स्वाइन फ्लू के मरीज हैं, वह प्रभावित इलाकों में गए थे और उसकी चपेट में आ गए हैं। लेकिन जो दो पेशेंट शुक्रवार को आए हैं, उनकी कोई भी ट्रैवलिंग हिस्ट्री नहीं है। इससे एक बात साफ हो गई है कि शहर में स्वाइन फ्लू का वायरस मौजूद है। इससे निपटने के लिए अब बुखार से पीड़ित मरीजों पर नजर रखी जा रही है और खासकर उन इलाकों में जहां से पेशेंट आए हैं।
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स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए लगवा सकते हैं टीका
शहर में अब तक स्वाइन फ्लू के छह मरीज आ चुके हैं। इनमें से एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। स्वाइन फ्लू का सबसे खतरा उन लोगों में सबसे ज्यादा है, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है। इनमें मुख्य रूप से डायबिटीज, कैंसर और हार्ट के मरीज शामिल हैं। इसके अलावा सीनियर सिटीजन को भी स्वाइन फ्लू का खतरा है। पीजीआई के मेडिसिन डिपार्टमेंट के डाक्टरों का कहना है कि ऐसे मरीजों को स्वाइन फ्लू से बचाव का टीका लगवा लेना चाहिए। इससे काफी हद तक बचाव होता है। मार्केट में स्वाइन फ्लू के टीके उपलब्ध हैं। डाक्टर के परामर्श के बाद टीके लगवा सकते हैं। स्वाइन फ्लू के मरीज का इलाज करने वाले डाक्टर व नर्स को टीके लगाने की हिदायत दी जाती है। डाक्टरों का कहना है कि टीके के लिए यही वक्त सबसे बेहतर है।
कोट
स्वाइन फ्लू के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। दवाइयों का अलग से स्टॉक मंगवाया गया है। फील्ड सर्वे की भी मंजूरी दे दी गई है।
डा. गौरव अग्रवाल, नोडल आफिसर स्वाइन फ्लू विंग, स्वास्थ्य विभाग