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सगठन मंत्री को मिला टंडन गुब्ट
Updated Mon, 29 Jan 2018 01:44 AM IST
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संगठन मंत्री के समक्ष भाजपा नेताओं की गुटबाजी उभरी
सांसद, पूर्व सांसद और मेयर के खिलाफ रामलाल को शिकायत दी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चुनाव में उम्मीदवारों के नाम पर टंडन गुट की न चलने की शिकायत राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल के पास पहुंच गई है। रविवार रात दिल्ली में टंडन गुट के साथ 8 पार्षदों की मुलाकात संगठन मंत्री के साथ हुई। इस बैठक में पार्षदों ने सांसद किरण खेर, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और मेयर देवेश मोदगिल के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। संगठन मंत्री ने सभी शिकायतें सुनने के बाद यह आश्वासन दिया है कि वह सांसद और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन से बात करेंगे।
टंडन गुट ने कहा कि मोदगिल ने अपने माफीनामा में कहा है कि वह पूर्व मेयरों और भाजपा अध्यक्ष से सलाह करके अहम निर्णय लेंगे, लेकिन मेयर मोदगिल ऐसा नहीं कर रहे हैं। टंडन गुट के पार्षदों ने कहा कि वित्त एवं अनुबंध कमेटी के उम्मीदवार तय करने के लिए मेयर की ओर से भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन की कोई राय नहीं ली। यह भी कहा गया है कि मेयर चुनाव के बाद सांसद और पूर्व सांसद ने उन पर क्रास वोटिंग का आरोप लगाया जबकि उनमें से किसी ने भी क्रॉस वोटिंग नहीं की।
मेयर चुनाव में एक और सीनियर डिप्टी मेयर चुनाव में दो वोट क्रॉस हुई थीं। अगले साल लोकसभा चुनाव है और चुनाव के लिए सांसद किरण खेर और भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन टिकट के दावेदार हैं। ऐसी शिकायतें करके अपनी अपनी दावेदारी को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
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वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चुनाव में टंडन गुट चाहता था कि हीरा नेगी को उम्मीदवार न बनाया जाए, लेकिन सांसद ने उनकी एक न सुनी। टंडन गुट पूर्व मेयर आशा जसवाल और अरुण सूद को उम्मीदवार बनाना चाहते थे, लेकिन सांसद और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन इसके लिए तैयार नहीं हुए। जबसे पार्टी ने मोदगिल को मेयर का उम्मीदवार बनाया है तब से चंडीगढ़ भाजपा में बवाल मचा हुआ है।
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सांसद, पूर्व सांसद और मेयर के खिलाफ रामलाल को शिकायत दी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चुनाव में उम्मीदवारों के नाम पर टंडन गुट की न चलने की शिकायत राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल के पास पहुंच गई है। रविवार रात दिल्ली में टंडन गुट के साथ 8 पार्षदों की मुलाकात संगठन मंत्री के साथ हुई। इस बैठक में पार्षदों ने सांसद किरण खेर, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और मेयर देवेश मोदगिल के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। संगठन मंत्री ने सभी शिकायतें सुनने के बाद यह आश्वासन दिया है कि वह सांसद और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन से बात करेंगे।
टंडन गुट ने कहा कि मोदगिल ने अपने माफीनामा में कहा है कि वह पूर्व मेयरों और भाजपा अध्यक्ष से सलाह करके अहम निर्णय लेंगे, लेकिन मेयर मोदगिल ऐसा नहीं कर रहे हैं। टंडन गुट के पार्षदों ने कहा कि वित्त एवं अनुबंध कमेटी के उम्मीदवार तय करने के लिए मेयर की ओर से भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन की कोई राय नहीं ली। यह भी कहा गया है कि मेयर चुनाव के बाद सांसद और पूर्व सांसद ने उन पर क्रास वोटिंग का आरोप लगाया जबकि उनमें से किसी ने भी क्रॉस वोटिंग नहीं की।
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मेयर चुनाव में एक और सीनियर डिप्टी मेयर चुनाव में दो वोट क्रॉस हुई थीं। अगले साल लोकसभा चुनाव है और चुनाव के लिए सांसद किरण खेर और भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन टिकट के दावेदार हैं। ऐसी शिकायतें करके अपनी अपनी दावेदारी को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
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वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चुनाव में टंडन गुट चाहता था कि हीरा नेगी को उम्मीदवार न बनाया जाए, लेकिन सांसद ने उनकी एक न सुनी। टंडन गुट पूर्व मेयर आशा जसवाल और अरुण सूद को उम्मीदवार बनाना चाहते थे, लेकिन सांसद और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन इसके लिए तैयार नहीं हुए। जबसे पार्टी ने मोदगिल को मेयर का उम्मीदवार बनाया है तब से चंडीगढ़ भाजपा में बवाल मचा हुआ है।