{"_id":"5bc255fbbdec22694623c73f","slug":"161539462651-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोन चुकाने के बाद भी नहीं निकाला डिफाल्टर लिस्ट से नाम, 50 पचास हजार रुपये जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोन चुकाने के बाद भी नहीं निकाला डिफाल्टर लिस्ट से नाम, 50 पचास हजार रुपये जुर्माना
Updated Sun, 14 Oct 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोन चुकाने के बाद भी बना दिया डिफॉल्टर, देना होगा 50 हजार कर मुआवजा
सबहेड
उपभोक्ता फोरम ने बजाज फाइनेंस लिमिटेड कंपनी के खिलाफ सुनाया फैसला, 15 हजार मुकदमा खर्च भी देना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोन चुकाने के बावजूद दिव्यांग सुरजीत सिंह का नाम डिफॉल्टर लिस्ट से नहीं निकालने पर उपभोक्ता फोरम ने बजाज फाइनेंस लिमिटेड कंपनी को 50 हजार रुपये पीड़ित उपभोक्ता को देने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा उपभोक्ता को 15 हजार रुपये मुकदमा खर्च और डिफॉल्टर लिस्ट से उसका नाम निकालने के आदेश भी फोरम ने जारी किए हैं।
फोरम ने यह भी कहा कि अगर 30 दिनों के अंदर शिकायतकर्ता को उक्त राशि का भुगतान नहीं किया गया तो कंपनी को सालाना 12 प्रतिशत के ब्याज के साथ रकम देनी होगी। मोहाली निवासी सुरजीत सिंह ने कंज्यूमर फोरम में दी गई शिकायत में बताया था कि उन्होंने चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-26 के बजाज फाइनेंस लिमिटेड कंपनी से लोन लिया था। उक्त लोन की सभी किस्तें समय पर देने के बावजूद कंपनी ने उनका नाम डिफॉल्टर लिस्ट में डाल दिया। इसके बाद बजाज फाइनेंस के अधिकारियों ने लोन न चुकाने का मामला कोर्ट में में दर्ज करा दिया। इस पर जेएमआईसी चंडीगढ़ के आदेश पर कुछ पुलिस कर्मचारी शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह को गिरफ्तार करने उनके घर पहुंच गए। शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह ने जब पुलिस अधिकारियों को लिए गए लोन के पूरे सेटलमेंट रिकॉर्ड दिखाए तो पता चला कि सुरजीत ने बजाज फाइनेंस से लिए 47,700 रुपये का लोन बैंक के साथ पूरा सेटल कर लिया है। इसके बावजूद बजाज फाइनेंस ने सुरजीत सिंह के लोन अकाउंट को बंद नहीं किया था, जिसके चलते उनके नाम पर लोन अमाउंट पेंडिंग दिखाई दे रहा था। जब सारे रिकॉर्ड पूरी तरह से जांचे गए तो बजाज फाइनेंस लिमिटेड ने शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह के खिलाफ दी गई शिकायत वापस ले ली लेकिन जब सुरजीत सिंह ने अपना सिविल स्कोर चेक किया तो उनका नाम डिफॉल्टर्स लिस्ट में बताया जा रहा था। कंपनी को बार-बार प्रार्थना पत्र भेजे जाने के बावजूद उनका नाम डिफॉल्टर लिस्ट से नहीं निकाला गया। इस पर उपभोक्ता ने कंज्यूमर फोरम में कंपनी के खिलाफ शिकायत दायर की थी।
विज्ञापन
सबहेड
उपभोक्ता फोरम ने बजाज फाइनेंस लिमिटेड कंपनी के खिलाफ सुनाया फैसला, 15 हजार मुकदमा खर्च भी देना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोन चुकाने के बावजूद दिव्यांग सुरजीत सिंह का नाम डिफॉल्टर लिस्ट से नहीं निकालने पर उपभोक्ता फोरम ने बजाज फाइनेंस लिमिटेड कंपनी को 50 हजार रुपये पीड़ित उपभोक्ता को देने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा उपभोक्ता को 15 हजार रुपये मुकदमा खर्च और डिफॉल्टर लिस्ट से उसका नाम निकालने के आदेश भी फोरम ने जारी किए हैं।
फोरम ने यह भी कहा कि अगर 30 दिनों के अंदर शिकायतकर्ता को उक्त राशि का भुगतान नहीं किया गया तो कंपनी को सालाना 12 प्रतिशत के ब्याज के साथ रकम देनी होगी। मोहाली निवासी सुरजीत सिंह ने कंज्यूमर फोरम में दी गई शिकायत में बताया था कि उन्होंने चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-26 के बजाज फाइनेंस लिमिटेड कंपनी से लोन लिया था। उक्त लोन की सभी किस्तें समय पर देने के बावजूद कंपनी ने उनका नाम डिफॉल्टर लिस्ट में डाल दिया। इसके बाद बजाज फाइनेंस के अधिकारियों ने लोन न चुकाने का मामला कोर्ट में में दर्ज करा दिया। इस पर जेएमआईसी चंडीगढ़ के आदेश पर कुछ पुलिस कर्मचारी शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह को गिरफ्तार करने उनके घर पहुंच गए। शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह ने जब पुलिस अधिकारियों को लिए गए लोन के पूरे सेटलमेंट रिकॉर्ड दिखाए तो पता चला कि सुरजीत ने बजाज फाइनेंस से लिए 47,700 रुपये का लोन बैंक के साथ पूरा सेटल कर लिया है। इसके बावजूद बजाज फाइनेंस ने सुरजीत सिंह के लोन अकाउंट को बंद नहीं किया था, जिसके चलते उनके नाम पर लोन अमाउंट पेंडिंग दिखाई दे रहा था। जब सारे रिकॉर्ड पूरी तरह से जांचे गए तो बजाज फाइनेंस लिमिटेड ने शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह के खिलाफ दी गई शिकायत वापस ले ली लेकिन जब सुरजीत सिंह ने अपना सिविल स्कोर चेक किया तो उनका नाम डिफॉल्टर्स लिस्ट में बताया जा रहा था। कंपनी को बार-बार प्रार्थना पत्र भेजे जाने के बावजूद उनका नाम डिफॉल्टर लिस्ट से नहीं निकाला गया। इस पर उपभोक्ता ने कंज्यूमर फोरम में कंपनी के खिलाफ शिकायत दायर की थी।
विज्ञापन